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चौटाला को लेकर खटकड़ में हुए विवाद में दोनों पक्षों में जुबानी जंग
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जींद। खटकड़ टोल प्लाजा पर रविवार को पहुंचे इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला को लेकर हुए विवाद के बाद अब इनेलो नेताओं ने कुछ लोगों पर राजनीतिक करने का आरोप लगाया है। साथ ही टोल कमेटी से मांग की है कि सतबीर बरसोला को कमेटी से हटाया जाए। इसके अलावा इनेलो नेताओं ने कहा कि सतबीर बरसोला भाजपा व कांग्रेस के इशारे पर यह सब कर रहे हैं।
सोमवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो के जिला प्रधान व पूर्व विधायक रामफल कुंडू ने कहा कि यह पहले से ही पता था कि टोल कमेटी ने किसी भी नेता को बोलने से मना किया है। ऐसे में ओमप्रकाश चौटाला बोलना नहीं चाहते थे। कुछ लोगों की मांग थी कि चौटाला लोगों को राम राम करें। जब इसकी तैयारी चल रही थी तो सतबीर बरसोला ने इससे इनकार कर दिया। कुंडू ने कहा कि यहां पहुंचने पर लोगों ने चौटाला का स्वागत किया और लोग खुश थे, सिर्फ सतबीर पहलवान जैसे कुछ लोगों के कारण यह सब हुआ है।
बाद में क्यों बताई छड़ी मारने की बात
कुंडू ने कहा कि जब तक चौटाला खटकड़ टोल पर रहे कोई विवाद या किसी भी तरह की बात नहीं हुई। जब वे लोग बद्दोवाल टोल पर पहुंचे तो पता चला कि सतबीर पहलवान ने बयान दिया है कि ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें छड़ी मारी है। यदि ऐसा हुआ तो लोगों को दिखता। यह सिर्फ साजिश के तहत किया जा रहा है।
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किसान बोले नहीं बोलने देने का फैसला सांझा
वहीं डीसी से मिलने पहुंचे किसान नेता सतबीर पहलवान, कैप्टन भूपेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह व कैप्टन रणधीर चहल ने कहा कि नेताओं को नहीं बोलने देने का फैसला साझा है। सतबीर पहलवान ने कहा कि वहां चौटाला को बोलने के लिए इनेलो के लोगों द्वारा माहौल बनाया जा रहा था। इससे किसानों में गुस्सा था। इसको देखते हुए ही सब कुछ किया गया। पहलवान ने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें दूर हटने की बात कहते हुए उनकी तरफ छड़ी चलाई, जो उनके घुटने के पास लगी है।
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सोमवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो के जिला प्रधान व पूर्व विधायक रामफल कुंडू ने कहा कि यह पहले से ही पता था कि टोल कमेटी ने किसी भी नेता को बोलने से मना किया है। ऐसे में ओमप्रकाश चौटाला बोलना नहीं चाहते थे। कुछ लोगों की मांग थी कि चौटाला लोगों को राम राम करें। जब इसकी तैयारी चल रही थी तो सतबीर बरसोला ने इससे इनकार कर दिया। कुंडू ने कहा कि यहां पहुंचने पर लोगों ने चौटाला का स्वागत किया और लोग खुश थे, सिर्फ सतबीर पहलवान जैसे कुछ लोगों के कारण यह सब हुआ है।
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बाद में क्यों बताई छड़ी मारने की बात
कुंडू ने कहा कि जब तक चौटाला खटकड़ टोल पर रहे कोई विवाद या किसी भी तरह की बात नहीं हुई। जब वे लोग बद्दोवाल टोल पर पहुंचे तो पता चला कि सतबीर पहलवान ने बयान दिया है कि ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें छड़ी मारी है। यदि ऐसा हुआ तो लोगों को दिखता। यह सिर्फ साजिश के तहत किया जा रहा है।
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किसान बोले नहीं बोलने देने का फैसला सांझा
वहीं डीसी से मिलने पहुंचे किसान नेता सतबीर पहलवान, कैप्टन भूपेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह व कैप्टन रणधीर चहल ने कहा कि नेताओं को नहीं बोलने देने का फैसला साझा है। सतबीर पहलवान ने कहा कि वहां चौटाला को बोलने के लिए इनेलो के लोगों द्वारा माहौल बनाया जा रहा था। इससे किसानों में गुस्सा था। इसको देखते हुए ही सब कुछ किया गया। पहलवान ने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें दूर हटने की बात कहते हुए उनकी तरफ छड़ी चलाई, जो उनके घुटने के पास लगी है।