{"_id":"68d2e4518a48cd50da01f0a0","slug":"under-the-ullas-scheme-more-than-6500-adults-from-across-the-district-will-take-the-exam-jind-news-c-199-1-jnd1002-141418-2025-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: उल्लास योजना के तहत जिलेभर से 6500 से अधिक व्यस्क देंगे परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: उल्लास योजना के तहत जिलेभर से 6500 से अधिक व्यस्क देंगे परीक्षा
Tue, 23 Sep 2025 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 23 Sep 2025 11:47 PM IST
विज्ञापन
23जेएनडी11-उल्लास योजना के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला गोसाईंखेड़ा में अभियान चलाते हुए शिक्षक
जींद। उल्लास योजना के तहत 28 सितंबर को जिलेभर से 15 साल से अधिक उम्र के 6500 वयस्क परीक्षा देंगे। इस वर्ष 10 हजार से अधिक व्यस्कों ने बुनियादी शिक्षा प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराया है और वे 28 सितंबर को होने वाली फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी असेसमेंट टेस्ट में शामिल होने जा रहे हैं। परीक्षा को लेकर जिले के प्रत्येक गांव से एक राजकीय स्कूल को केंद्र बनाया गया है।
उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य हर नागरिक को साक्षर बनाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले के हर गांव में सामाजिक चेतना केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां स्वयंसेवकों की मदद से वयस्क आबादी को शिक्षित किया जा रहा है।
15 वर्ष से अधिक आयु को कोई भी नागरिक जो बुनियादी शिक्षा से वंचित रह गया हो नजदीकी सरकारी विद्यालय में उल्लास के तहत पंजीकरण करवा सकता है और परीक्षा में शामिल हो सकता है। परीक्षा साल में दो बार मार्च और सितंबर माह में आयोजित करवाई जाती है।
विज्ञापन
पिछले सत्र में उल्लास कार्यक्रम के तहत जींद में 25 हजार 306 लोगों ने फाउंडेशन लिटरेसी परीक्षा पास की थी। यह एक बड़ी उपलब्धि है। इस साल भी 10 हजार से अधिक शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा पास करने वाले शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान द्वारा प्रमाणपत्र भी दिया जाता है जो उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और आगे की शिक्षा के लिए प्रेरित करता है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि उल्लास कार्यक्रम केवल पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य वयस्कों को बुनियादी साक्षरता, संख्या ज्ञान के साथ-साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य देखभाल और व्यावसायिक कौशल से भी परिचित कराना है।
शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य समाज सेवक इस मुहिम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उल्लास कार्यक्रम के तहत शिक्षार्थियों की प्रगति का आकलन करने के लिए फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमेरसी असेसमेंट टेस्ट आयोजित किया जाता है।
परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी
उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया व उल्लास योजना के कोऑर्डिनेटर शशीकांत ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि योजना का लक्ष्य जिले के हर नागरिक को साक्षर बनाना है ताकि वे समाज के विकास में सक्रिय रूप से योगदान दे सकें। 28 सितंबर को होने वाली परीक्षा के लिए सभी केंद्र तैयार हैं और उम्मीद है कि इस साल भी बड़ी संख्या में लोग परीक्षा पास कर साक्षर बनेंगे।
विज्ञापन
उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य हर नागरिक को साक्षर बनाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले के हर गांव में सामाजिक चेतना केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां स्वयंसेवकों की मदद से वयस्क आबादी को शिक्षित किया जा रहा है।
विज्ञापन
15 वर्ष से अधिक आयु को कोई भी नागरिक जो बुनियादी शिक्षा से वंचित रह गया हो नजदीकी सरकारी विद्यालय में उल्लास के तहत पंजीकरण करवा सकता है और परीक्षा में शामिल हो सकता है। परीक्षा साल में दो बार मार्च और सितंबर माह में आयोजित करवाई जाती है।
विज्ञापन
पिछले सत्र में उल्लास कार्यक्रम के तहत जींद में 25 हजार 306 लोगों ने फाउंडेशन लिटरेसी परीक्षा पास की थी। यह एक बड़ी उपलब्धि है। इस साल भी 10 हजार से अधिक शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा पास करने वाले शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान द्वारा प्रमाणपत्र भी दिया जाता है जो उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और आगे की शिक्षा के लिए प्रेरित करता है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि उल्लास कार्यक्रम केवल पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य वयस्कों को बुनियादी साक्षरता, संख्या ज्ञान के साथ-साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य देखभाल और व्यावसायिक कौशल से भी परिचित कराना है।
शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य समाज सेवक इस मुहिम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उल्लास कार्यक्रम के तहत शिक्षार्थियों की प्रगति का आकलन करने के लिए फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमेरसी असेसमेंट टेस्ट आयोजित किया जाता है।
परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी
उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया व उल्लास योजना के कोऑर्डिनेटर शशीकांत ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि योजना का लक्ष्य जिले के हर नागरिक को साक्षर बनाना है ताकि वे समाज के विकास में सक्रिय रूप से योगदान दे सकें। 28 सितंबर को होने वाली परीक्षा के लिए सभी केंद्र तैयार हैं और उम्मीद है कि इस साल भी बड़ी संख्या में लोग परीक्षा पास कर साक्षर बनेंगे।