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Jind News: ब्लैक में घरेलू गैस सिलिंडरों की कीमत पहुंची दो हजार रुपये, उपभोक्ता परेशान
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03जेएनडी26: सफीदों में सिलिंडरों के लिए लगी लोगों की भीड़। स्रोत : उपभोक्
जींद। सफीदों में घरेलू गैस सिलिंडरों को लेकर मारामारी है। प्रशासन भले ही गैस की कोई कमी न होने का दावा कर रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। ब्लैक में गैस सिलिंडरों की कीमत दो हजार रुपये तक पहुंच गई है।
शुक्रवार सुबह ही गैस एजेंसियों के बाहर ही लंबी कतारें लग गईं लेकिन उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिले।
स्थिति यह है कि लोग सुबह पांच बजे से ही लाइन में लग जाते हैं लेकिन कई उपभोक्ताओं का नंबर शाम तक भी नहीं आता। दिनभर कड़ी धूप में उपभोक्ता सिलिंडर प्राप्त करने के लिए लाइन में खड़े रहते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए उपभोक्ताओं की परेशानी और अधिक बढ़ गई है। पिछले सप्ताह एजेंसी की ओर से गांव-गांव गैस आपूर्ति का आश्वासन दिया गया था लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बाद भी घर पर डिलीवरी नहीं दी जा रही जबकि उनसे डिलीवरी चार्ज वसूला जा रहा है।
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मजबूरी में उन्हें गैस एजेंसी या बताए गए स्थान से ही सिलिंडर उठाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि अब सिलिंडर लेने के लिए ऑनलाइन डीएससी नंबर की आवश्यकता होती है। उनके पास कई दिनों से डीएससी नंबर पिछले कई दिनों से आए हुए लेकिन उसके बावजूद भी उनको सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। घरेलू गैस सिलिंडर ब्लैक में दो हजार रुपये तक बेचा जा रहा है जिससे आम उपभोक्ता की परेशानी और बढ़ गई है। गैस एजेंसी संचालक अमित कुंडू ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि गैस की पर्याप्त सप्लाई आ रही है और प्रतिदिन दो गाड़ियों के जरिए सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है बल्कि अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा गैस लेने की कोशिश कर रहे हैं।
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शुक्रवार सुबह ही गैस एजेंसियों के बाहर ही लंबी कतारें लग गईं लेकिन उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिले।
स्थिति यह है कि लोग सुबह पांच बजे से ही लाइन में लग जाते हैं लेकिन कई उपभोक्ताओं का नंबर शाम तक भी नहीं आता। दिनभर कड़ी धूप में उपभोक्ता सिलिंडर प्राप्त करने के लिए लाइन में खड़े रहते हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों से आए उपभोक्ताओं की परेशानी और अधिक बढ़ गई है। पिछले सप्ताह एजेंसी की ओर से गांव-गांव गैस आपूर्ति का आश्वासन दिया गया था लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बाद भी घर पर डिलीवरी नहीं दी जा रही जबकि उनसे डिलीवरी चार्ज वसूला जा रहा है।
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मजबूरी में उन्हें गैस एजेंसी या बताए गए स्थान से ही सिलिंडर उठाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि अब सिलिंडर लेने के लिए ऑनलाइन डीएससी नंबर की आवश्यकता होती है। उनके पास कई दिनों से डीएससी नंबर पिछले कई दिनों से आए हुए लेकिन उसके बावजूद भी उनको सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। घरेलू गैस सिलिंडर ब्लैक में दो हजार रुपये तक बेचा जा रहा है जिससे आम उपभोक्ता की परेशानी और बढ़ गई है। गैस एजेंसी संचालक अमित कुंडू ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि गैस की पर्याप्त सप्लाई आ रही है और प्रतिदिन दो गाड़ियों के जरिए सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है बल्कि अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा गैस लेने की कोशिश कर रहे हैं।