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किसान और मजदूरों का तप हो रहा सफल : पालवां
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उपमंडल कार्यालय में चल रहा किसान और मजदूरों का धरना।
- फोटो : Jind
उचाना। उपमंडल कार्यालय में किसान और मजदूर विभिन्न मांगों को लेकर लगातार धरना दे रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद भी धरना जारी है।
भाकियू के जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि बीते एक साल से जो किसान, मजदूर अपनी मांगों को लेकर तप कर रहे हैं। उनका तप रंग लाने लगा है। सर्दी, गर्मी के मौसम में दिल्ली के बॉर्डर पर परिवारों के साथ धरना देकर निरंतर जो तपस्या की जा रही है, वह सफल होती नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि जो तीनों कृषि कानून हैं, उनको संसद में रद्द करने के साथ-साथ जो किसानों पर मामले दर्ज हैं उनको रद्द करने, एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने सहित अन्य मांगों को पूरा किया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान नेताओं से बातचीत की जाए। पीएम ने तीनों कृषि कानून को वापस लेने की घोषणा की है। इस घोषणा का स्वागत करते हैं, लेकिन घोषणा पर किसान और मजदूर को कोई विश्वास नहीं है।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि बीते एक साल से जो किसान, मजदूर अपनी मांगों को लेकर तप कर रहे हैं। उनका तप रंग लाने लगा है। सर्दी, गर्मी के मौसम में दिल्ली के बॉर्डर पर परिवारों के साथ धरना देकर निरंतर जो तपस्या की जा रही है, वह सफल होती नजर आ रही है।
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उन्होंने कहा कि जो तीनों कृषि कानून हैं, उनको संसद में रद्द करने के साथ-साथ जो किसानों पर मामले दर्ज हैं उनको रद्द करने, एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने सहित अन्य मांगों को पूरा किया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान नेताओं से बातचीत की जाए। पीएम ने तीनों कृषि कानून को वापस लेने की घोषणा की है। इस घोषणा का स्वागत करते हैं, लेकिन घोषणा पर किसान और मजदूर को कोई विश्वास नहीं है।
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