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Jind News: फिर नगर परिषद संभालेगी बेसहारा गोवंशों की जिम्मेदारी, टेंडर अगस्त में
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24जेएनडी10 : शहर के हुडा ग्राउंड में सड़क किनारे बैठा गोवंश। संवाद
जींद। संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशों से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। करीब छह माह से गोसेवा आयोग और नगर परिषद के बीच अटकी गोवंश पकड़ने की योजना अब आगे बढ़ गई है। गोसेवा आयोग ने फिर बेसहारा गोवंश पकड़ने की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंप दी है। परिषद अगस्त में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अभियान शुरू करेगी, जिससे शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशों को गोशालाओं तक पहुंचाया जा सकेगा।
शहर और आसपास के क्षेत्रों की सड़कों पर इस समय दो हजार से अधिक बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। लगभग छह माह पहले गोवंश पकड़ने का टेंडर समाप्त हो गया था। इसके बाद नगर परिषद ने विशेष अभियान चलाकर अपने कर्मचारियों के माध्यम से गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में भेजा था। हालांकि, गोशालाओं में जगह की कमी के कारण अभियान को गति देने में परेशानी आ रही थी। कई बार गोवंश पकड़ने के बाद उन्हें रखने के लिए स्थान उपलब्ध नहीं हो पाता था।
दोनों विभागों के बीच फंसी थी योजना : गोवंश पकड़ने की जिम्मेदारी को लेकर गोसेवा आयोग और नगर परिषद के बीच योजना अटकी हुई थी। इसी कारण शहर में बेसहारा गोवंशों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। अब जिम्मेदारी नगर परिषद को मिलने के बाद अधिकारियों ने गोशाला संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में गोशाला संचालकों ने अपनी क्षमता और निर्धारित सीमा के अनुसार गोवंश रखने पर सहमति जताई।
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पकड़े गए गोवंशों को संबंधित गोशालाओं में क्षमता के अनुसार भेजा जाएगा : नगर परिषद की योजना के अनुसार पहले शहर के उन मार्गों और स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां सबसे अधिक बेसहारा गोवंश मौजूद हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाकर उन्हें पकड़ा जाएगा। सड़कों, बाजारों, चौक-चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर ध्यान दिया जाएगा। पकड़े गए गोवंशों को संबंधित गोशालाओं में भेजा जाएगा।
सड़कों पर गोवंश से बढ़ता है हादसों का खतरा
बेसहारा गोवंश के सड़कों पर घूमने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दिन के समय गोवंश सड़कों के बीचोंबीच बैठ जाते हैं। इससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं। कई बार चालक गोवंश को बचाने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह खतरा और अधिक रहता है। रात के अंधेरे में वाहन चालकों को सड़क पर बैठे गोवंश दिखाई नहीं देते। इससे गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है। कई स्थानों पर गोवंश के झुंड के कारण यातायात भी प्रभावित होता है। लावारिस गोवंश कचरे के ढेर में मुंह मारते हैं जिससे सड़क पर गंदगी फैलती है। प्लास्टिक खाने से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है।
वर्जन
शहर की सड़कों को बेसहारा गोवंश मुक्त करने के लिए अगस्त के प्रथम सप्ताह में टेंडर जारी किया जाएगा। इसके लिए योजना तैयार कर ली गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभियान चलाकर सभी बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में रखा जाएगा। -सुशील भुक्कल, ईओ, नगर परिषद, जींद
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जींद। शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशों से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। करीब छह माह से गोसेवा आयोग और नगर परिषद के बीच अटकी गोवंश पकड़ने की योजना अब आगे बढ़ गई है। गोसेवा आयोग ने फिर बेसहारा गोवंश पकड़ने की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंप दी है। परिषद अगस्त में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अभियान शुरू करेगी, जिससे शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशों को गोशालाओं तक पहुंचाया जा सकेगा।
शहर और आसपास के क्षेत्रों की सड़कों पर इस समय दो हजार से अधिक बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। लगभग छह माह पहले गोवंश पकड़ने का टेंडर समाप्त हो गया था। इसके बाद नगर परिषद ने विशेष अभियान चलाकर अपने कर्मचारियों के माध्यम से गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में भेजा था। हालांकि, गोशालाओं में जगह की कमी के कारण अभियान को गति देने में परेशानी आ रही थी। कई बार गोवंश पकड़ने के बाद उन्हें रखने के लिए स्थान उपलब्ध नहीं हो पाता था।
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दोनों विभागों के बीच फंसी थी योजना : गोवंश पकड़ने की जिम्मेदारी को लेकर गोसेवा आयोग और नगर परिषद के बीच योजना अटकी हुई थी। इसी कारण शहर में बेसहारा गोवंशों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। अब जिम्मेदारी नगर परिषद को मिलने के बाद अधिकारियों ने गोशाला संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में गोशाला संचालकों ने अपनी क्षमता और निर्धारित सीमा के अनुसार गोवंश रखने पर सहमति जताई।
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पकड़े गए गोवंशों को संबंधित गोशालाओं में क्षमता के अनुसार भेजा जाएगा : नगर परिषद की योजना के अनुसार पहले शहर के उन मार्गों और स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां सबसे अधिक बेसहारा गोवंश मौजूद हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाकर उन्हें पकड़ा जाएगा। सड़कों, बाजारों, चौक-चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर ध्यान दिया जाएगा। पकड़े गए गोवंशों को संबंधित गोशालाओं में भेजा जाएगा।
सड़कों पर गोवंश से बढ़ता है हादसों का खतरा
बेसहारा गोवंश के सड़कों पर घूमने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दिन के समय गोवंश सड़कों के बीचोंबीच बैठ जाते हैं। इससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं। कई बार चालक गोवंश को बचाने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह खतरा और अधिक रहता है। रात के अंधेरे में वाहन चालकों को सड़क पर बैठे गोवंश दिखाई नहीं देते। इससे गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है। कई स्थानों पर गोवंश के झुंड के कारण यातायात भी प्रभावित होता है। लावारिस गोवंश कचरे के ढेर में मुंह मारते हैं जिससे सड़क पर गंदगी फैलती है। प्लास्टिक खाने से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है।
वर्जन
शहर की सड़कों को बेसहारा गोवंश मुक्त करने के लिए अगस्त के प्रथम सप्ताह में टेंडर जारी किया जाएगा। इसके लिए योजना तैयार कर ली गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभियान चलाकर सभी बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में रखा जाएगा। -सुशील भुक्कल, ईओ, नगर परिषद, जींद

24जेएनडी10 : शहर के हुडा ग्राउंड में सड़क किनारे बैठा गोवंश। संवाद