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Jind News: पीजीडीसीए की 90 फीसदी से अधिक सीटें खाली, पात्रता नियमों में बदलाव की मांग
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18जेएनडी15: पीजीडीसीए की पात्रता शर्तों की समीक्षा कर रिक्त सीटों को भरने के लिए प्रवेश नियमों
- फोटो : Samvad
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (पीजीडीसीए) की 90 फीसदी से अधिक सीटें खाली रह गईं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जींद इकाई ने प्रोफेसर (डॉ.) राम पाल सैनी के ओएसडी डॉ. विजय कुमार को ज्ञापन सौंंप कर पीजीडीसीए की पात्रता शर्तों की समीक्षा कर रिक्त सीटों को भरने के लिए प्रवेश नियमों में बदलाव की मांग उठाई है।
विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सतविंदर ढिल्लो ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय जींद, सफीदों और नरवाना में पीजीडीसीए की बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं। संगठन के अनुसार राजकीय महाविद्यालय जींद में अब तक केवल 10 दाखिले हुए हैं जबकि नरवाना में 40 सीटों के मुकाबले सीमित प्रवेश हुए हैं।
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एबीवीपी ने कहा कि एक तरफ कंप्यूटर शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि है और दूसरी तरफ सरकारी कॉलेजों में सीटें खाली हैं, ऐसे में पात्रता नियमों की व्यावहारिक समीक्षा जरूरी है।
एबीवीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने कहा कि बीए, बीएससी, बीबीए, बीकॉम सहित अन्य मान्य स्नातक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को पीजीडीसीए में प्रवेश का अवसर दिया जाना चाहिए। गैर-बीसीए विद्यार्थियों के लिए स्नातक स्तर पर कंप्यूटर साइंस के 72 क्रेडिट की अनिवार्यता में व्यावहारिक छूट देने की मांग की गई।
संगठन ने बताया कि पिछले वर्ष 100 सीटों पर 96 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था जबकि इस बार 140 सीटों पर 14 से भी कम दाखिले हुए हैं। एबीवीपी ने सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने से पहले रिक्त सीटों को भरने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जींद इकाई ने प्रोफेसर (डॉ.) राम पाल सैनी के ओएसडी डॉ. विजय कुमार को ज्ञापन सौंंप कर पीजीडीसीए की पात्रता शर्तों की समीक्षा कर रिक्त सीटों को भरने के लिए प्रवेश नियमों में बदलाव की मांग उठाई है।
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विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सतविंदर ढिल्लो ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय जींद, सफीदों और नरवाना में पीजीडीसीए की बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं। संगठन के अनुसार राजकीय महाविद्यालय जींद में अब तक केवल 10 दाखिले हुए हैं जबकि नरवाना में 40 सीटों के मुकाबले सीमित प्रवेश हुए हैं।
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एबीवीपी ने कहा कि एक तरफ कंप्यूटर शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि है और दूसरी तरफ सरकारी कॉलेजों में सीटें खाली हैं, ऐसे में पात्रता नियमों की व्यावहारिक समीक्षा जरूरी है।
एबीवीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने कहा कि बीए, बीएससी, बीबीए, बीकॉम सहित अन्य मान्य स्नातक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को पीजीडीसीए में प्रवेश का अवसर दिया जाना चाहिए। गैर-बीसीए विद्यार्थियों के लिए स्नातक स्तर पर कंप्यूटर साइंस के 72 क्रेडिट की अनिवार्यता में व्यावहारिक छूट देने की मांग की गई।
संगठन ने बताया कि पिछले वर्ष 100 सीटों पर 96 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था जबकि इस बार 140 सीटों पर 14 से भी कम दाखिले हुए हैं। एबीवीपी ने सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने से पहले रिक्त सीटों को भरने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।