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Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   The decision came amid uproar candidate

हंगामे के बीच हुआ उम्मीदवार का फैसला

Wed, 01 Oct 2014 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद Updated Wed, 01 Oct 2014 12:34 AM IST
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कंडेला खाप प्रतिनिधियों की बैठक में साझा उम्मीदवार खड़ा करने के दौरान हंगामा भी हुआ। टेकराम कंडेला को उम्मीदवार बनाने से पहले हुई बैठक में खाप के कई वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे।

पंचायत के दौरान जब सभी लोग अपनी-अपनी बात रख रहे थे, तो इनेलो के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीनारायण बंसल भी मंच पर आए। इसी दौरान उन्होंने कंडेला कांड का जिक्र कर मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधा।
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इस पर कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। यहां तक कि माइक भी छीन लिया गया। इस पर करीब 20 मिनट तक हंगामा होता रहा और उनको दोबारा बोलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा के इनेलो द्वारा टिकट नहीं मिलने की पीड़ा उनको भी है और वे अपनी पार्टी से नाराज भी हैं। कंडेला ने फैसला ले लिया, लेकिन हम नहीं ले पाए। गौरतलब है कि टेकराम कंडेला इनेलो छोड़कर कांग्रेस में आए हैं।  
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प्रत्याशियों की नहीं बनी सहमति
इस दौरान पंचायत ने फैसला किया कि सभी दस उम्मीदवार अपने में से किसी एक के नाम पर मुहर लगा दें, लेकिन उनकी सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पंचायत ने उम्मीदवार के चयन के लिए कमेटी का गठन किया।

उम्मीदवारों के विरोध में भी उठी आवाज
पंचायत के दौरान कई लोगों ने उम्मीदवारों के खिलाफ भी आवाज उठाई। यहां तक कहा गया कि उनको टिकट नहीं मिलने के कारण यह सब हो रहा है। टीएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष जगत सिंह रेढू ने कहा कि खाप एक सामाजिक संस्था है और लोगों की राजनीतिक आस्था अलग-अलग जगह है। ऐसे में यह बहुत ही मुश्किल काम है। खाप का उम्मीदवार उतारने पर यदि हार होती है तो वह खाप की हार होगी, जो गलत होगा।

उन्होंने तो यहां तक कहा कि वे बीरेंद्र सिंह के साथी हैं और उन्होंने भी टिकट की मांग की थी, लेकिन बीरेंद्र सिंह द्वारा टिकट से मना करने पर उन्होंने भाजपा की सदस्यता भी नहीं ली। वहीं मांडो गांव निवासी रामधन ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने खाप का प्रयोग किया है। बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए उन्होंने कहा कि पिछले राज ने भी कंडेला का अपमान किया था।

इसलिए सभी पार्टी के उम्मीदवारों का विरोध होना चाहिए। वहीं मनोहरपुर निवासी मास्टर बादल सिंह ने भी कहा कि जिन लोगों को टिकट नहीं मिला, वे तिलमिला रहे हैं। वहीं इनेलो नेता ईश्वर कंडेला ने कहा कि वे अपनी पार्टी के साथ हैं। इनेलो नेता भूपेंद्र जुलानी ने भी बिना पूरे गांव की सहमति लिए कोई भी आश्वासन देने से मना कर दिया।


ये लोग रहे समिति में
बीरा दालमवाला, रामधन मांडोखेड़ी,  बालमुकुंद शर्मा, राजराम सरपंच कंडेला,  बलजीत रेढू, अजमेर दालमवाला, संदीप बूरा खोखरी, राजकुमार सरपंच श्रीराग खेड़ा, महावीर सरपंच रायचंदवाला, नरेंद्र खटकड़ अहिरका, अशोक मलिक, सुरेंद्र खोखरी, राजबीर शर्मा रूपगढ़, संदीप सरपंच हैबतपुर, हरनारायण, सुभाष दालमवाला, सुशील शर्मा दालमवाला व जसबीर सरपंच।


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