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Jind News: बीज उपचार, कीटनाशकों का सुरक्षित उपयोग की दी जानकारी
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जींद। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन केंद्र फरीदाबाद एवं जिला कृषि विभाग के अधिकारियों ने कपास और धान की फसल का संयुक्त सर्वेक्षण किया। फसलों में बीज उपचार के बारे में गांव करसिंधु में किसान सभा का आयोजन किया गया। इसमें बीज उपचार, कीटनाशकों का सुरक्षित एवं उपयोग और इनपीपी इस मोबाइल एप के बारे में जानकारी दी गई।
रीजनल सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर फरीदाबाद के क्षेत्रीय हेड एवं उपनिदेशक डॉ. वंदना पांडेय के निर्देशन में जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल, डॉ. ईश्वर दत्त एपीपीओ ने ट्राईकोडर्मा, जैव कीटनाशक बीज उपचार के लिए किसानों को वितरित किया। इसके अलावा जिला के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया।
उन्होंने कहा कि किसानों को कपास और धान में लगने वाले कीट एवं व्याधि से निपटने के लिए बीज उपचार जरूर करें, ताकि धान में पिछले साल आने वाले बौना रोग और अन्य बीमारियों से बचा जा सके।
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वहीं यांत्रिक एवं बायो पेस्टीसाइड उपायों की जानकारी दी गई। इसके अलावा सलाह दी गई है कि कपास की फसल के शुरुआती दौर में एक खेत में कीटों की निगरानी के लिए 40-45 दिन बाद कम से कम चार फेरोमोन ट्रैप और कपास का लयूर का इस्तमाल करे।
इस दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग फरीदाबाद से डॉ. लक्ष्मी कांत, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी डॉ. केपी शर्मा, डॉ. सुरजीत बर्मन, निरीक्षक अंकित शर्मा, संजीव कुमार मौजूद रहे।
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रीजनल सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर फरीदाबाद के क्षेत्रीय हेड एवं उपनिदेशक डॉ. वंदना पांडेय के निर्देशन में जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल, डॉ. ईश्वर दत्त एपीपीओ ने ट्राईकोडर्मा, जैव कीटनाशक बीज उपचार के लिए किसानों को वितरित किया। इसके अलावा जिला के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया।
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उन्होंने कहा कि किसानों को कपास और धान में लगने वाले कीट एवं व्याधि से निपटने के लिए बीज उपचार जरूर करें, ताकि धान में पिछले साल आने वाले बौना रोग और अन्य बीमारियों से बचा जा सके।
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वहीं यांत्रिक एवं बायो पेस्टीसाइड उपायों की जानकारी दी गई। इसके अलावा सलाह दी गई है कि कपास की फसल के शुरुआती दौर में एक खेत में कीटों की निगरानी के लिए 40-45 दिन बाद कम से कम चार फेरोमोन ट्रैप और कपास का लयूर का इस्तमाल करे।
इस दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग फरीदाबाद से डॉ. लक्ष्मी कांत, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी डॉ. केपी शर्मा, डॉ. सुरजीत बर्मन, निरीक्षक अंकित शर्मा, संजीव कुमार मौजूद रहे।