{"_id":"6ac16c4857d34d035b0e60a7","slug":"ten-farmers-have-started-a-hunger-strike-over-the-arrest-of-an-electricity-department-employee-jind-news-c-199-1-jnd1012-161434-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: बिजली कर्मचारी की गिरफ्तारी को लेकर 10 किसानों ने शुरू की भूख हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: बिजली कर्मचारी की गिरफ्तारी को लेकर 10 किसानों ने शुरू की भूख हड़ताल
विज्ञापन
3 सफीदों 1गांव हाट में दूसरे दिन भूख हड़ताल पर बैठे हुए किसान एवं ग्रामीण। स्रोत किसान
सफीदों। गांव हाट के 33 केवी बिजलीघर में 16 सितंबर की रात एडवोकेट प्रवीण कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में आरोपी ऑपरेटर की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बिजलीघर पर ग्रामीणों का धरना 13वें दिन भी जारी रहा। मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नवीन मलिक की अध्यक्षता में दूसरे दिन 10 किसानों ने भूख हड़ताल शुरू की।
भूख हड़ताल पर हलका प्रधान दिलबाग सिंह, करण सिंह, शमशेर, चैन सिंह, करतार, रमेश नंबरदार, सुभाष, रणधीर, नफे सिंह और दिलीप सिंह बैठे हैं। संघर्ष समिति के अध्यक्ष कामरेड राधेश्याम हाट ने मंच संचालन किया। धरना स्थल पर ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, मजदूर यूनियन और विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
किसान महेंद्र बूरा, नवीन मलिक, कामरेड राधेश्याम और टिंकू बूरा ने बताया कि ग्रामीणों की चार प्रमुख मांगें हैं। इनमें मारपीट के मामले में बिजली निगम के ऑपरेटर की गिरफ्तारी, 33 केवी बिजलीघर के पूरे स्टाफ का तबादला, गांव में खराब बिजली तारों को बदलना और जगमग योजना के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति शामिल है। किसानों ने कहा कि भूख हड़ताल तीन दिन तक जारी रहेगी। इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार गांव को वर्ष 2022 में जगमग योजना से जोड़ा गया था लेकिन वर्तमान में करीब 13 घंटे ही बिजली मिल रही है। इसमें भी अघोषित कट लगने से ग्रामीण परेशान हैं।
किसानों का कहना है कि मिनी सचिवालय के घेराव के बाद बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता ने कर्मचारी की गिरफ्तारी सहित चार सूत्री मांगों पर सहमति जताते हुए 16 घंटे बिजली आपूर्ति का आश्वासन दिया था। बाद में प्रस्ताव मंजूर होने पर 22 घंटे बिजली देने की बात कही गई लेकिन अभी 16 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही।
शिकायत के आधार पर पांच कर्मचारियों पर एफआईआर
एडवोकेट प्रवीण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि घर की बिजली खराब होने की शिकायत लेकर हाट बिजलीघर पहुंचने पर लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने चोट पहुंचाने, शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एसडीओ ग्रामीण प्रभात, जेई रतनलाल, जेई राजेंद्र, लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। ग्रामीणों का कहना है कि केस दर्ज होने के बावजूद ऑपरेटर की गिरफ्तारी नहीं हुई है जिसके चलते उनका रोष बढ़ रहा है।
विज्ञापन
भूख हड़ताल पर हलका प्रधान दिलबाग सिंह, करण सिंह, शमशेर, चैन सिंह, करतार, रमेश नंबरदार, सुभाष, रणधीर, नफे सिंह और दिलीप सिंह बैठे हैं। संघर्ष समिति के अध्यक्ष कामरेड राधेश्याम हाट ने मंच संचालन किया। धरना स्थल पर ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, मजदूर यूनियन और विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसान महेंद्र बूरा, नवीन मलिक, कामरेड राधेश्याम और टिंकू बूरा ने बताया कि ग्रामीणों की चार प्रमुख मांगें हैं। इनमें मारपीट के मामले में बिजली निगम के ऑपरेटर की गिरफ्तारी, 33 केवी बिजलीघर के पूरे स्टाफ का तबादला, गांव में खराब बिजली तारों को बदलना और जगमग योजना के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति शामिल है। किसानों ने कहा कि भूख हड़ताल तीन दिन तक जारी रहेगी। इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार गांव को वर्ष 2022 में जगमग योजना से जोड़ा गया था लेकिन वर्तमान में करीब 13 घंटे ही बिजली मिल रही है। इसमें भी अघोषित कट लगने से ग्रामीण परेशान हैं।
किसानों का कहना है कि मिनी सचिवालय के घेराव के बाद बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता ने कर्मचारी की गिरफ्तारी सहित चार सूत्री मांगों पर सहमति जताते हुए 16 घंटे बिजली आपूर्ति का आश्वासन दिया था। बाद में प्रस्ताव मंजूर होने पर 22 घंटे बिजली देने की बात कही गई लेकिन अभी 16 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही।
शिकायत के आधार पर पांच कर्मचारियों पर एफआईआर
एडवोकेट प्रवीण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि घर की बिजली खराब होने की शिकायत लेकर हाट बिजलीघर पहुंचने पर लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने चोट पहुंचाने, शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एसडीओ ग्रामीण प्रभात, जेई रतनलाल, जेई राजेंद्र, लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। ग्रामीणों का कहना है कि केस दर्ज होने के बावजूद ऑपरेटर की गिरफ्तारी नहीं हुई है जिसके चलते उनका रोष बढ़ रहा है।