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Jind News: सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन, डिप्टी स्पीकर को सौंपा ज्ञापन
Sat, 05 Sep 2026 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:54 PM IST
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05जेएनडी24: डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को मांगों को लेकर ज्ञापन देते हुए सफाई कर्मचारी। संव
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जींद। नगर परिषद जींद के सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को झांझ गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के आवास पर मांगों का ज्ञापन सौंपा। सफाई कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सोहनलाल की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने स्वयं ज्ञापन लिया और मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
कर्मचारियों ने बताया कि सरकार और कर्मचारी संगठन के बीच मई में एक समझौता हुआ था। उस समझौते में कई मांगों पर सहमति बनी थी, पर उन पर जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने जींद में 92 स्वीकृत पदों पर सफाई कर्मचारियों और 86 ठेका कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने की मांग की। उन्होंने हड़ताल अवधि का लंबित वेतन देने की मांग भी रखी।
ज्ञापन में पालिका रोल पर कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई। छंटनी किए गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने की भी मांग की गई। डोर-टू-डोर और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने की मांग भी शामिल थी। कर्मचारियों ने ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देने की भी मांग रखी।
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कर्मचारियों ने पढ़े-लिखे सफाई कर्मचारियों को योग्यता के आधार पर ग्रुप-सी पदों पर पदोन्नति देने की मांग की। उन्होंने क्षेत्रफल और आबादी के अनुपात में सफाई तथा सीवर कर्मचारियों के नए पद सृजित करने की भी मांग रखी। इसके अलावा, सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को 5 हजार रुपये जोखिम भत्ता देने की मांग की गई। 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, मेडिकल कैशलेस सुविधा और 50 लाख रुपये दुर्घटना बीमा की मांग भी रखी गई। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने एक्सग्रेशिया नीति में पांच वर्ष की सेवा अवधि की शर्त घटाकर दो वर्ष करने की मांग उठाई। इसका लाभ ठेका व अन्य श्रेणी के कर्मचारियों को देने की भी बात कही गई।
इंसेट
डिप्टी स्पीकर का आश्वासन
डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि वह कर्मचारियों की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष उनका वकील बनकर रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की कई मांगों पर सरकार के स्तर पर सहमति बनी थी। हालांकि, नियमित करने की मांग पर अभी बात अटकी हुई है। वहीं, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संजीव ढांडा ने कहा कि कर्मचारियों को पूर्व में बनी नीतियों के आधार पर नियमित किया जाना चाहिए।
इंसेट
आगामी आंदोलन और पूर्व की घटना
प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी 13 सितंबर को अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करना कर्मचारियों का अधिकार है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी नरवाना और रानी तालाब जींद पर धरने के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार को नरवाना रोड पर सफाई कर्मियों ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की गाड़ी को रोका था। उन्होंने चालक से मारपीट की और गाड़ी की चाबी छीनकर कूड़ा उठान का विरोध किया था। हालांकि, आज कहीं पर कूड़ा उठान का विरोध नहीं हुआ।
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कर्मचारियों ने बताया कि सरकार और कर्मचारी संगठन के बीच मई में एक समझौता हुआ था। उस समझौते में कई मांगों पर सहमति बनी थी, पर उन पर जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने जींद में 92 स्वीकृत पदों पर सफाई कर्मचारियों और 86 ठेका कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने की मांग की। उन्होंने हड़ताल अवधि का लंबित वेतन देने की मांग भी रखी।
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ज्ञापन में पालिका रोल पर कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई। छंटनी किए गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने की भी मांग की गई। डोर-टू-डोर और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने की मांग भी शामिल थी। कर्मचारियों ने ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देने की भी मांग रखी।
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कर्मचारियों ने पढ़े-लिखे सफाई कर्मचारियों को योग्यता के आधार पर ग्रुप-सी पदों पर पदोन्नति देने की मांग की। उन्होंने क्षेत्रफल और आबादी के अनुपात में सफाई तथा सीवर कर्मचारियों के नए पद सृजित करने की भी मांग रखी। इसके अलावा, सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को 5 हजार रुपये जोखिम भत्ता देने की मांग की गई। 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, मेडिकल कैशलेस सुविधा और 50 लाख रुपये दुर्घटना बीमा की मांग भी रखी गई। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने एक्सग्रेशिया नीति में पांच वर्ष की सेवा अवधि की शर्त घटाकर दो वर्ष करने की मांग उठाई। इसका लाभ ठेका व अन्य श्रेणी के कर्मचारियों को देने की भी बात कही गई।
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डिप्टी स्पीकर का आश्वासन
डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि वह कर्मचारियों की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष उनका वकील बनकर रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की कई मांगों पर सरकार के स्तर पर सहमति बनी थी। हालांकि, नियमित करने की मांग पर अभी बात अटकी हुई है। वहीं, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संजीव ढांडा ने कहा कि कर्मचारियों को पूर्व में बनी नीतियों के आधार पर नियमित किया जाना चाहिए।
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आगामी आंदोलन और पूर्व की घटना
प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी 13 सितंबर को अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करना कर्मचारियों का अधिकार है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी नरवाना और रानी तालाब जींद पर धरने के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार को नरवाना रोड पर सफाई कर्मियों ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की गाड़ी को रोका था। उन्होंने चालक से मारपीट की और गाड़ी की चाबी छीनकर कूड़ा उठान का विरोध किया था। हालांकि, आज कहीं पर कूड़ा उठान का विरोध नहीं हुआ।