{"_id":"6a9c62c7f12e57edaf0951f4","slug":"43-farmers-from-16-districts-have-become-crps-and-will-provide-training-in-natural-farming-jind-news-c-199-1-sroh1009-159739-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: 16 जिलों के 43 किसान बने सीआरपी, प्राकृतिक खेती का देंगे प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: 16 जिलों के 43 किसान बने सीआरपी, प्राकृतिक खेती का देंगे प्रशिक्षण
Sun, 06 Sep 2026 12:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:13 AM IST
विज्ञापन
05जेएनडी07: हमेटी में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को प्रमाण पत्र
- फोटो : Friend and hotel owner on radar in case of rape and murder of a young woman
जींद। प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 16 जिलों के 43 किसानों को कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) के रूप में तैयार किया गया है। हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (हमेटी), जींद में इन किसानों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों के साथ-साथ इन्हें दूसरे किसानों तक पहुंचाने की व्यवहारिक जानकारी दी गई। हमेटी निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश के विभिन्न खंडों में प्राकृतिक खेती करने वाले 125-125 किसानों के 150 क्लस्टर बनाए गए थे। अब 38 नए क्लस्टर बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक क्लस्टर से दो किसानों का सीआरपी के लिए चयन किया गया है। ये किसान अपने क्षेत्र में अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे और कृषि विभाग के साथ समन्वय कर काम करेंगे
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निशुल्क प्रशिक्षण के अलावा देशी गाय खरीदने पर 30 हजार रुपये और एक एकड़ प्राकृतिक खेती करने पर चार हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण संयोजक डॉ. सुभाष चंद्र ने बताया कि किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, मल्चिंग, जल संरक्षण, बहुफसलीय खेती तथा नीम, आक और धतूरा से प्राकृतिक कीट नियंत्रक तैयार करने की जानकारी दी गई। किसानों को गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक खेती फार्म और गांव करोड़ा में किसान मनोज कुमार के खेत का भ्रमण भी करवाया गया। यहां एक एकड़ में मल्टी-लेयर खेती से चार फसलें उगाने का मॉडल दिखाया गया।
विज्ञापन
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों के साथ-साथ इन्हें दूसरे किसानों तक पहुंचाने की व्यवहारिक जानकारी दी गई। हमेटी निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश के विभिन्न खंडों में प्राकृतिक खेती करने वाले 125-125 किसानों के 150 क्लस्टर बनाए गए थे। अब 38 नए क्लस्टर बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक क्लस्टर से दो किसानों का सीआरपी के लिए चयन किया गया है। ये किसान अपने क्षेत्र में अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे और कृषि विभाग के साथ समन्वय कर काम करेंगे
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निशुल्क प्रशिक्षण के अलावा देशी गाय खरीदने पर 30 हजार रुपये और एक एकड़ प्राकृतिक खेती करने पर चार हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण संयोजक डॉ. सुभाष चंद्र ने बताया कि किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, मल्चिंग, जल संरक्षण, बहुफसलीय खेती तथा नीम, आक और धतूरा से प्राकृतिक कीट नियंत्रक तैयार करने की जानकारी दी गई। किसानों को गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक खेती फार्म और गांव करोड़ा में किसान मनोज कुमार के खेत का भ्रमण भी करवाया गया। यहां एक एकड़ में मल्टी-लेयर खेती से चार फसलें उगाने का मॉडल दिखाया गया।