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जींद: पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर 19 फरवरी को सीएम आवास घेरेंगे रोडवेज कर्मी
Thu, 16 Feb 2023 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Feb 2023 12:59 AM IST
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जींद। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की बैठक में मांगे पूरी न होने पर 19 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का निर्णय लिया गया और रणनीति बनाई। पदाधिकारियों ने इस घेराव में सरपंच, खाप प्रतिनिधि और कर्मचारी संगठनों के समर्थन का भी दावा किया।
डिपो प्रांगण नरवाना में हुई बैठक की अध्यक्षता सतबीर धरोदी, रामकेश उदयपुर, सुरेंद्र, नरेंद्र छान और सुरेश ने की। बैठक में हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जिला प्रेस प्रवक्ता रामनिवास खरकभूरा ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के 19 फरवरी मुख्यमंत्री आवास के घेराव में हरियाणा कर्मचारी महासंघ का प्रत्येक कर्मचारी शामिल होगा। प्रदेश की सभी खाप, सरपंच एसोसिएशन, सामाजिक संगठन शामिल होने से मुख्यमंत्री का घेराव ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि विरोध के बावजूद ही छह राज्यों में एनपीए को हटाकर ओपीएस लागू किया गया अब हरियाणा में जबरदस्त विरोध है। हरियाणा के तीन पड़ोसी राज्यों राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में नई पेंशन स्कीम रद्द कर दी गई है और पुरानी पेंशन बहाल कर दी गई है। अब सवाल हरियाणा का है, जहां लगभग दो लाख कर्मचारी नई पेंशन योजना से न केवल प्रभावित हैं बल्कि अपनी सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंतित और आंदोलनरत हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री उप मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री इसे लेकर बयानबाजी करने लगे हैं। पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा की प्रदेश सरकारों को छोड़कर बाकी राज्य सरकारों ने अपने-अपने तरीके से नई पेंशन योजना कानून को अपने यहां लागू कर दिया है। विभागों का निजीकरण हो रहा है । एनपीएस जबरदस्ती थोपी हुई व्यवस्था से ज्यादा कुछ नहीं है। यदि एनपीएस इतनी ही अच्छी है तो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विधायक और सांसद खुद पर क्यों नहीं लागू कर रहे। इस अवसर पर राहुल, दिलबाग, आजाद, अंकुल, राजेश, नरेंद्र, सुरेश मलिक मौजूद रहे।
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डिपो प्रांगण नरवाना में हुई बैठक की अध्यक्षता सतबीर धरोदी, रामकेश उदयपुर, सुरेंद्र, नरेंद्र छान और सुरेश ने की। बैठक में हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जिला प्रेस प्रवक्ता रामनिवास खरकभूरा ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के 19 फरवरी मुख्यमंत्री आवास के घेराव में हरियाणा कर्मचारी महासंघ का प्रत्येक कर्मचारी शामिल होगा। प्रदेश की सभी खाप, सरपंच एसोसिएशन, सामाजिक संगठन शामिल होने से मुख्यमंत्री का घेराव ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि विरोध के बावजूद ही छह राज्यों में एनपीए को हटाकर ओपीएस लागू किया गया अब हरियाणा में जबरदस्त विरोध है। हरियाणा के तीन पड़ोसी राज्यों राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में नई पेंशन स्कीम रद्द कर दी गई है और पुरानी पेंशन बहाल कर दी गई है। अब सवाल हरियाणा का है, जहां लगभग दो लाख कर्मचारी नई पेंशन योजना से न केवल प्रभावित हैं बल्कि अपनी सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंतित और आंदोलनरत हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री उप मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री इसे लेकर बयानबाजी करने लगे हैं। पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा की प्रदेश सरकारों को छोड़कर बाकी राज्य सरकारों ने अपने-अपने तरीके से नई पेंशन योजना कानून को अपने यहां लागू कर दिया है। विभागों का निजीकरण हो रहा है । एनपीएस जबरदस्ती थोपी हुई व्यवस्था से ज्यादा कुछ नहीं है। यदि एनपीएस इतनी ही अच्छी है तो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विधायक और सांसद खुद पर क्यों नहीं लागू कर रहे। इस अवसर पर राहुल, दिलबाग, आजाद, अंकुल, राजेश, नरेंद्र, सुरेश मलिक मौजूद रहे।
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