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Jind News: निवेश का लालच दे रिटायर्ड कर्मचारी से ठगे 25.15 लाख
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जींद। शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफे का झांसा देकर शिक्षा विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी से 25.15 लाख रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर के अर्बन एस्टेट निवासी ओमप्रकाश ने एफआईआर में बताया कि सितंबर 2025 में उन्होंने सेबी से पंजीकृत स्टॉक ब्रोकरेज फर्म आस्था क्रेडिट एंड सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के निवेश अधिकारी आरव गुप्ता के व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन किया था।
फिर उन्होंने दो दिन तक उस ग्रुप में चल रही गतिविधियों को देखा। उससे प्रभावित होकर प्लेटफॉर्म एसीएस ट्रेडिंग एप पर पंजीकृत किया। इसके बाद मीना जोशी नाम की एक सर्विस प्रतिनिधि को उसकी सहायता के लिए नियुक्त किया गया।
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उसके कहे अनुसार अलग-अलग समय में निवेश किया। जब उसने कुछ दिनों बाद शेयर बेच दिए तो प्लेटफार्म पर उसके खाते में 79 लाख 32 हजार रुपये से ज्यादा की राशि दिखाई दे रही थी। जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो रुपये नहीं निकले। इसके बाद उसने आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज करवाई जिसके दौरान उसे पता चला कि ऑनलाइन फर्जी तौर पर उपरोक्त फर्म के नाम पर उसके साथ साइबर फ्रॉड किया गया है।
जांच अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शहर के अर्बन एस्टेट निवासी ओमप्रकाश ने एफआईआर में बताया कि सितंबर 2025 में उन्होंने सेबी से पंजीकृत स्टॉक ब्रोकरेज फर्म आस्था क्रेडिट एंड सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के निवेश अधिकारी आरव गुप्ता के व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन किया था।
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फिर उन्होंने दो दिन तक उस ग्रुप में चल रही गतिविधियों को देखा। उससे प्रभावित होकर प्लेटफॉर्म एसीएस ट्रेडिंग एप पर पंजीकृत किया। इसके बाद मीना जोशी नाम की एक सर्विस प्रतिनिधि को उसकी सहायता के लिए नियुक्त किया गया।
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उसके कहे अनुसार अलग-अलग समय में निवेश किया। जब उसने कुछ दिनों बाद शेयर बेच दिए तो प्लेटफार्म पर उसके खाते में 79 लाख 32 हजार रुपये से ज्यादा की राशि दिखाई दे रही थी। जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो रुपये नहीं निकले। इसके बाद उसने आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज करवाई जिसके दौरान उसे पता चला कि ऑनलाइन फर्जी तौर पर उपरोक्त फर्म के नाम पर उसके साथ साइबर फ्रॉड किया गया है।
जांच अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।