जींद। सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प को लेकर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत वीरवार को निडाना में सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम हुआ। विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, सेवा, संस्कार और एकता का संदेश दिया। भारतीय संस्कृति में मानव सेवा, परोपकार और भाईचारे को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रप्रेम के साथ जरूरतमंदों की सहायता करना, माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना भी हमारे संस्कारों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सेवा का अर्थ केवल किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना भी सच्ची सेवा है। विद्यार्थियों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और बुजुर्गों के सम्मान जैसे कार्यों में भागीदारी करनी चाहिए। सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। संवाद