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गर्मी से राहत, जलभराव से आफत
Jind
Updated Tue, 19 Jul 2016 01:27 AM IST
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भ्ाारत राड पर जमा पानी।
- फोटो : amar ujala
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लंबे इंतजार के बाद सोमवार सुबह हुई बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दिलवाई, वहीं शहर के निचले क्षेत्रों की कॉलोनियों में यह बारिश आफत बनकर आई। जींद में महज आठ एमएम बारिश के चलते ही शहर की हालत खराब हो गई।
बारिश के कारण पटियाला चौक, भारत सिनेमा रोड, बालभवन रोड, गुरुद्वारा कॉलोनी, रामनगर, विजय नगर, दुर्गा कॉलोनी, सुभाष नगर, शर्मा नगर व भटनागर कॉलोनी में लोगों का जीना मुहाल हो गया। कई कॉलोनियों में बारिश का पानी लोगों घरों तक दस्तक देता नजर आया। बारिश के कारण लोगों को अपने घरों से निकलने में देरी हुई। वहीं दुपहिया वाहन चालकों को बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव के कारण काफी दिक्कत उठानी पड़ी।
शहर की निकासी व्यवस्था में ही खोट
फिलहाल शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। शहर की सामान्य सीवरेज लाइन के सहारे ही बारिश के पानी की निकासी होती है। इसके लिए हालांकि शहर में करीब दो दर्जन पंपसेट लगे हुए हैं, लेकिन सीवरेज लाइन की क्षमता कम होने के कारण निकासी में दिक्कत होती है।
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ऐसे होती है बरसाती पानी की निकासी
शहर के निचले क्षेत्रों के पानी की निकासी का देर से नंबर आता है। असल में पुराने शहर का पानी ऊंचाई होने के कारण तेज गती से नीचे की ओर आता है। इसके बाद इसको पंपसेट से हांसी रोड पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक भेजा जाता है। इसके चलते काठ मंडी और भटनागर कॉलोनी के पंपसेट पर लोड अधिक रहता है तथा इनके आसपास के क्षेत्र का पानी बाद में निकाला जाता है। काठमंडी क्षेत्र का पानी सबसे बाद में निकालता है।
नहीं हुई सीवरेज व नालों की सफाई
बेशक प्रशासन बारिश से पहले ही सीवरेज और बरसाती पानी के लिए बने नालों की सफाई का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत में बारिश का मौसम आधा जाने के बाद भी इनकी सफाई नहीं हुई है। इसके चलते भी बारिश का पानी सड़कों पर फैल रहा है।
जुलाना में 22, जींद में 8 एमएम बारिश
लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश के बाद भी जींद खंड में महज आठ एमएम बारिश ही हुई है। जुलाना में 22 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 03 एमएम, सफीदों व नरवाना में बारिश नहीं हुई। उचाना में बूंदाबांदी हुई है।
तीन दिन बाद बारिश की उम्मीद
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार तीन दिन बाद फिर से लगातार बारिश की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने तेज बारिश की संभावना नहीं जताई है, लेकिन 22 जुलाई के बाद पूरे महीने हर दिन रूक-रूककर बारिश हो सकती है।
एक बार बारिश होने के बाद कुछ क्षेत्रों में जलभराव की दिक्कत आती है। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग अपने पंपसैट के माध्यम से पानी को निकालता है। इसमें कुछ क्षेत्रों का पानी पहले निकाल दिया जाता है, कुछ का पानी निकालने में कुछ समय लग जाता है। शाम तक पूरे शहर के बरसाती पानी की निकासी कर दी गई है।
जगदेव मोर, एसडीएओ जनस्वास्थ्य विभाग।
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बारिश के कारण पटियाला चौक, भारत सिनेमा रोड, बालभवन रोड, गुरुद्वारा कॉलोनी, रामनगर, विजय नगर, दुर्गा कॉलोनी, सुभाष नगर, शर्मा नगर व भटनागर कॉलोनी में लोगों का जीना मुहाल हो गया। कई कॉलोनियों में बारिश का पानी लोगों घरों तक दस्तक देता नजर आया। बारिश के कारण लोगों को अपने घरों से निकलने में देरी हुई। वहीं दुपहिया वाहन चालकों को बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव के कारण काफी दिक्कत उठानी पड़ी।
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शहर की निकासी व्यवस्था में ही खोट
फिलहाल शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। शहर की सामान्य सीवरेज लाइन के सहारे ही बारिश के पानी की निकासी होती है। इसके लिए हालांकि शहर में करीब दो दर्जन पंपसेट लगे हुए हैं, लेकिन सीवरेज लाइन की क्षमता कम होने के कारण निकासी में दिक्कत होती है।
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ऐसे होती है बरसाती पानी की निकासी
शहर के निचले क्षेत्रों के पानी की निकासी का देर से नंबर आता है। असल में पुराने शहर का पानी ऊंचाई होने के कारण तेज गती से नीचे की ओर आता है। इसके बाद इसको पंपसेट से हांसी रोड पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक भेजा जाता है। इसके चलते काठ मंडी और भटनागर कॉलोनी के पंपसेट पर लोड अधिक रहता है तथा इनके आसपास के क्षेत्र का पानी बाद में निकाला जाता है। काठमंडी क्षेत्र का पानी सबसे बाद में निकालता है।
नहीं हुई सीवरेज व नालों की सफाई
बेशक प्रशासन बारिश से पहले ही सीवरेज और बरसाती पानी के लिए बने नालों की सफाई का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत में बारिश का मौसम आधा जाने के बाद भी इनकी सफाई नहीं हुई है। इसके चलते भी बारिश का पानी सड़कों पर फैल रहा है।
जुलाना में 22, जींद में 8 एमएम बारिश
लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश के बाद भी जींद खंड में महज आठ एमएम बारिश ही हुई है। जुलाना में 22 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 03 एमएम, सफीदों व नरवाना में बारिश नहीं हुई। उचाना में बूंदाबांदी हुई है।
तीन दिन बाद बारिश की उम्मीद
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार तीन दिन बाद फिर से लगातार बारिश की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने तेज बारिश की संभावना नहीं जताई है, लेकिन 22 जुलाई के बाद पूरे महीने हर दिन रूक-रूककर बारिश हो सकती है।
एक बार बारिश होने के बाद कुछ क्षेत्रों में जलभराव की दिक्कत आती है। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग अपने पंपसैट के माध्यम से पानी को निकालता है। इसमें कुछ क्षेत्रों का पानी पहले निकाल दिया जाता है, कुछ का पानी निकालने में कुछ समय लग जाता है। शाम तक पूरे शहर के बरसाती पानी की निकासी कर दी गई है।
जगदेव मोर, एसडीएओ जनस्वास्थ्य विभाग।