फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   pilgrime die in road accident

गाड़ी की टक्कर से एक कांवड़िये की मौत, दो अन्य घायल

Tue, 30 Jul 2019 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 12:21 AM IST
विज्ञापन
pilgrime die in road accident
किशनपुरा गांव से कांवड़ लेने गए तीन युवक रविवार रात को तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आ गए। इनमें से किशनपुरा गांव निवासी 19 वर्षीय दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक घायल हो गए। दोनों का इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार हादसा रविवार रात 12 बजे हुआ।
विज्ञापन

परिजनों के अनुसार दीपक, आशु व सुनील हरिद्वार से कांवड़ लेकर पैदल ही गांव लौट रहे थे। जामनी गांव के पास एक कांवड़ सेवा शिविर लगा हुआ है। इन लोगों ने योजना बनाई कि रात को शिविर में रुकेंगे और सुबह गांव के लिए रवाना होंगे। इसे लेकर दीपक की घरवालों से बात भी हुई। 11:51 बजे तक दीपक ने घरवालों से बात की और इसके दस मिनट बाद हादसा हो गया।
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल में भर्ती घायल आशु ने बताया कि वे शिविर से कुछ ही दूरी पर थे। उन्होंने पेशाब करने की योजना बनाई, ताकि शिविर में विश्राम कर सकें। इसके बाद सभी वहीं पर सड़क के किनारे ही विश्राम करने लगे। आशु के अनुसार इसी दौरान अचानक एक वाहन आया और तीनों को कुचल दिया, जिससे तीनों बुरी तरह से तीनों घायल मिले। इसके बाद दूसरे कांवड़ियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार किशनपुरा गांव निवासी 19 वर्षीय दीपक, 20 वर्षीय आशु व 22 वर्षीय सुनील हरिद्वार से कांवड़ लेने के लिए 18 जुलाई को घर से निकलते थे। रविवार की रात को जब दीपक की घर पर बात हुई तो उसने सोमवार को गांव पहुंचने की बात कही थी। मंगलवार को शिवरात्रि होने के कारण दीपक व उसके साथियों की सोमवार को गांव में पहुंचने की योजना थी। इसके चलते ही वे रात को जामनी शिविर में रुकना चाहते थे। इससे पहले ही अज्ञात वाहन चालक ने तीनों को टक्कर मार दी। इसमें दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी। घायलों को इलाज के लिए जींद के नागरिक अस्पताल में गांव के ही अन्य कांवड़ियों द्वारा जींद के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। जहां सुनील की गंभीर हालत को देखते हुए खानपुर मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया। वहीं आशु का जींद के नागरिक अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। गांव के एक कांवड़िये ने घटना की सूचना दीपक के परिजनों को दी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन जींद के नागरिक अस्पताल पहुंचे। पिल्लूखेड़ा पुलिस ने शव को कब्जे में सोमवार सुबह पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी अनिल ने बताया कि पुलिस ने दीपक के पिता सत्यप्रकाश की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहली बार कांवड़ लेने गया था आशु
नागरिक अस्पताल में दाखिल आशु ने बताया कि वह पहली बार कांवड़ लेने गया था। वहीं दीपक दो-तीन बार पहले भी कांवड़ ला चुका है। आशु के अनुसार दीपक पहले एचपी गैस प्लांट में चलने वाली गाड़ियों में क्लीनर था, लेकिन कुछ माह पहले ही उसने हैवी लाइसेंस बनवाकर गाड़ी चलाना शुरू कर दिया था।

दीपक के हरिद्वार जाने से खुश नहीं थे परिजन
दीपक के पिता सत्यप्रकाश ने कहा कि दीपक अपने दोस्तों के साथ हरिद्वार कांवड़ जाने के लिए कह रहा था। परिजन दीपक के हरिद्वार जाने से खुश नहीं थे। दीपक अपने दोस्तों के साथ 18 जुलाई को घर से निकला था। रविवार को दुर्घटना होने से पांच मिनट पहले ही उसने फोन पर बात की थी। दीपक के दो भाई और एक बहन भी हैं। दीपक सबसे छोटा था। दीपक के बड़े भाई बलजीत व नरेश मजदूरी करते हैं। वहीं दीपक ने आठवीं कक्षा के बाद 2014 में पढ़ाई छोड़ दी थी। सबसे छोटा होने के कारण वह सबका लाड़ला था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed