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Jind News: मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोल किसानों को दी राहत
Mon, 30 Sep 2024 01:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 30 Sep 2024 01:08 AM IST
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29जेएनडी01-जींद क्षेत्र में खड़ी धान की फसल। संवाद
जींद। खरीफ फसलों का पंजीकरण करवाने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोल दिया गया है। अभी तक जो किसान अपनी फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पाए थे, वह करवा सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि उन्हें खरीफ की फसल धान, बाजरा, मूंग, ग्वार और नरमा बेचने में दिक्कत नहीं आएगी।
अभी तक जिन किसानों ने फसलों का पंजीकरण नहीं करवाया है वह उसे सरकारी खरीद एजेंसियों के पास नहीं बेच पाएंगे। इसके अलावा वे किसी प्रकार का मुआवजा या बोनस भी नहीं ले पाएंगे। पंजीकरण होने के पर ही कृषि विभाग के अधिकारी ड्रोन से किसानों की फसलों की गिरदावरी करेंगे। इसके बाद किसानों को अनाज मंडी में फसल बेचने में दिक्कत नहीं आएगी।
किसान फसलों की पंजीकरण प्रक्रिया सीएससी (अटल सेवा केंद्र) या अपने स्मार्ट मोबाइल फोन से भी कर सकते हैं। फसल खराबे की रिपोर्ट भेजने के लिए किसान अपने एंड्रायड मोबाइल फोन से भी रिपोर्ट मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। जिनके पास एंड्रायड मोबाइल फोन नहीं है, उसको सीएससी का सहारा लेना पड़ेगा। पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के लिए किसान अपने उस मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे वह हर बार फसल पंजीकरण के समय अपलोड करवाते हैं। इस पर उनको ओटीपी को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र के आईडी नंबर से या फिर फसल पंजीकरण के समय जो आईडी नंबर मिला था, उससे भी फसल खराबे की रिपोर्ट अपलोड की जा सकती है। हालांकि यह प्रक्रिया किसानों को जल्द करनी होगी, क्योंकि कुछ ही दिनों में मेरी फसल मेरा ब्योरा का पोर्टल बंद हो जाएगा।
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अभी तक 64622 किसानों का हुआ पंजीकरण
जिले में अभी तक 64 हजार 622 किसानों ने खरीफ की फसलों का पंजीकरण करवा दिया है। इस तरह से अब तक कुल 4 लाख 3 हजार 216 एकड़ रकबा पंजीकृत हुआ है। जिले में इस बार धान 4.15 लाख एकड़ में बीजा गया है। 25 हजार एकड़ में नरमे की बुआई की गई है। बाजरा भी करीब 12 हजार एकड़ में उगाया गया है, जबकि ज्वार लगभग 11 हजार एकड़ में बोया गया है।
खरीफ की फसलों के पंजीकरण के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खुला है। जो किसान अपनी फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पाए थे, वे अब करवा सकते हैं। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद।
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अभी तक जिन किसानों ने फसलों का पंजीकरण नहीं करवाया है वह उसे सरकारी खरीद एजेंसियों के पास नहीं बेच पाएंगे। इसके अलावा वे किसी प्रकार का मुआवजा या बोनस भी नहीं ले पाएंगे। पंजीकरण होने के पर ही कृषि विभाग के अधिकारी ड्रोन से किसानों की फसलों की गिरदावरी करेंगे। इसके बाद किसानों को अनाज मंडी में फसल बेचने में दिक्कत नहीं आएगी।
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किसान फसलों की पंजीकरण प्रक्रिया सीएससी (अटल सेवा केंद्र) या अपने स्मार्ट मोबाइल फोन से भी कर सकते हैं। फसल खराबे की रिपोर्ट भेजने के लिए किसान अपने एंड्रायड मोबाइल फोन से भी रिपोर्ट मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। जिनके पास एंड्रायड मोबाइल फोन नहीं है, उसको सीएससी का सहारा लेना पड़ेगा। पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के लिए किसान अपने उस मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे वह हर बार फसल पंजीकरण के समय अपलोड करवाते हैं। इस पर उनको ओटीपी को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र के आईडी नंबर से या फिर फसल पंजीकरण के समय जो आईडी नंबर मिला था, उससे भी फसल खराबे की रिपोर्ट अपलोड की जा सकती है। हालांकि यह प्रक्रिया किसानों को जल्द करनी होगी, क्योंकि कुछ ही दिनों में मेरी फसल मेरा ब्योरा का पोर्टल बंद हो जाएगा।
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अभी तक 64622 किसानों का हुआ पंजीकरण
जिले में अभी तक 64 हजार 622 किसानों ने खरीफ की फसलों का पंजीकरण करवा दिया है। इस तरह से अब तक कुल 4 लाख 3 हजार 216 एकड़ रकबा पंजीकृत हुआ है। जिले में इस बार धान 4.15 लाख एकड़ में बीजा गया है। 25 हजार एकड़ में नरमे की बुआई की गई है। बाजरा भी करीब 12 हजार एकड़ में उगाया गया है, जबकि ज्वार लगभग 11 हजार एकड़ में बोया गया है।
खरीफ की फसलों के पंजीकरण के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खुला है। जो किसान अपनी फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पाए थे, वे अब करवा सकते हैं। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद।

29जेएनडी01-जींद क्षेत्र में खड़ी धान की फसल। संवाद