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Jind News: ऑक्सीजन प्लांट की सर्विस के लिए नहीं मिले डेढ़ लाख रुपये, रोज खर्च हो रहे आठ हजार रुपये
Sun, 21 May 2023 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 21 May 2023 12:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट सर्विस न होने के कारण बंद पड़ा है। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन का ऑक्सीजन के सिलिंंडर पर प्रतिदिन आठ हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
पिछले तीन महीने में लगभग सात लाख रुपये ऑक्सीजन सिलिंडरों पर खर्च हो चुके हैं, लेकिन आज तक स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन प्लांट ठीक करवाने के लिए डेढ़ लाख रुपये नहीं मिले।
यदि समय पर यह डेढ़ लाख रुपये मिल जाते तो ऑक्सीजन प्लांट ठीक हो जाता। नागरिक अस्पताल में 2021 में प्रधानमंत्री केयर फंड से लगा ऑक्सीजन प्लांट पिछले तीन माह से खराब है। इस ऑक्सीजन प्लांट की सर्विस होनी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास बजट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य निदेशालय से बजट की मांग की है, लेकिन बजट मिल नहीं पा रहा है।
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ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन 20 ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदे जा रहे हैं। एक गैस सिलिंडर 400 रुपये में आता है। इसलिए प्रतिदिन आठ हजार रुपये के ऑक्सीजन सििंलंडर पर खर्च हो रहे हैं। इससे विभाग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को बजट का इंतजार है।
इमरजेंसी व 100 बेड पर होती है सप्लाई
नागरिक अस्पताल 200 बेड का है। 200 बेड की व्यवस्था नई बिल्डिंग में है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने आपातकाल के लिए पुरानी बिल्डिंग में भी 100 बेड की व्यवस्था की गई है। पुरानी बिल्डिंग में सामान्य रोगियों को दाखिल करने की सुविधा है। पुरानी बिल्डिंग में ही इमरजेंसी वार्ड है। इमरजेंसी वार्ड व अन्य पुरानी बिल्डिंग में इस ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। जब यह ऑक्सीजन प्लांट खराब होता है तो सिलिंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन की सप्लाई दी जाती है। पूरे अस्पताल में इसी ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की पूरे अस्पताल में सप्लाई होती है।
बीच-बीच में कई बार खराब हो चुका है ऑक्सीजन प्लांट
नागरिक अस्पताल में जब ऑक्सीजन प्लांट लगा था, तब यह सोचा था कि अब अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की जरूरत नहीं पड़ेगी और इसी ऑक्सीजन प्लांट से काम चल जाएगा लेकिन यह ऑक्सीजन प्लांट पिछले अढ़ाई साल में कई बार खराब हो चुका है। बार-बार खराब होने के कारण इस ऑक्सीजन प्लांट के भरोसे मरीजों को नहीं रखा जा सकता। इसलिए स्वास्थ्य विभाग अपनी वैकल्पिक व्यवस्था ऑक्सीजन सिलिंडराें के जरिये तैयार रखता है।
बजट के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को लिखा : डॉ. भोला
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट में खराबी को लेकर संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। इस प्लांट की सर्विस होनी है और इंजीनियर द्वारा इसके लिए डेढ़ लाख रुपये का खर्चा बताया गया है। जिस पर तुरंत प्रभाव से स्वास्थ्य निदेशालय से बजट की मांग भेज दी गई थी। जैसे ही बजट मिलता है प्लांट को ठीक करवाया जाएगा।
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जींद। नागरिक अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट सर्विस न होने के कारण बंद पड़ा है। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन का ऑक्सीजन के सिलिंंडर पर प्रतिदिन आठ हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
पिछले तीन महीने में लगभग सात लाख रुपये ऑक्सीजन सिलिंडरों पर खर्च हो चुके हैं, लेकिन आज तक स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन प्लांट ठीक करवाने के लिए डेढ़ लाख रुपये नहीं मिले।
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यदि समय पर यह डेढ़ लाख रुपये मिल जाते तो ऑक्सीजन प्लांट ठीक हो जाता। नागरिक अस्पताल में 2021 में प्रधानमंत्री केयर फंड से लगा ऑक्सीजन प्लांट पिछले तीन माह से खराब है। इस ऑक्सीजन प्लांट की सर्विस होनी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास बजट नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य निदेशालय से बजट की मांग की है, लेकिन बजट मिल नहीं पा रहा है।
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ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन 20 ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदे जा रहे हैं। एक गैस सिलिंडर 400 रुपये में आता है। इसलिए प्रतिदिन आठ हजार रुपये के ऑक्सीजन सििंलंडर पर खर्च हो रहे हैं। इससे विभाग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को बजट का इंतजार है।
इमरजेंसी व 100 बेड पर होती है सप्लाई
नागरिक अस्पताल 200 बेड का है। 200 बेड की व्यवस्था नई बिल्डिंग में है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने आपातकाल के लिए पुरानी बिल्डिंग में भी 100 बेड की व्यवस्था की गई है। पुरानी बिल्डिंग में सामान्य रोगियों को दाखिल करने की सुविधा है। पुरानी बिल्डिंग में ही इमरजेंसी वार्ड है। इमरजेंसी वार्ड व अन्य पुरानी बिल्डिंग में इस ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। जब यह ऑक्सीजन प्लांट खराब होता है तो सिलिंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन की सप्लाई दी जाती है। पूरे अस्पताल में इसी ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की पूरे अस्पताल में सप्लाई होती है।
बीच-बीच में कई बार खराब हो चुका है ऑक्सीजन प्लांट
नागरिक अस्पताल में जब ऑक्सीजन प्लांट लगा था, तब यह सोचा था कि अब अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की जरूरत नहीं पड़ेगी और इसी ऑक्सीजन प्लांट से काम चल जाएगा लेकिन यह ऑक्सीजन प्लांट पिछले अढ़ाई साल में कई बार खराब हो चुका है। बार-बार खराब होने के कारण इस ऑक्सीजन प्लांट के भरोसे मरीजों को नहीं रखा जा सकता। इसलिए स्वास्थ्य विभाग अपनी वैकल्पिक व्यवस्था ऑक्सीजन सिलिंडराें के जरिये तैयार रखता है।
बजट के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को लिखा : डॉ. भोला
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट में खराबी को लेकर संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। इस प्लांट की सर्विस होनी है और इंजीनियर द्वारा इसके लिए डेढ़ लाख रुपये का खर्चा बताया गया है। जिस पर तुरंत प्रभाव से स्वास्थ्य निदेशालय से बजट की मांग भेज दी गई थी। जैसे ही बजट मिलता है प्लांट को ठीक करवाया जाएगा।