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Jind News: अधिकारी हर माह जांचेंगे बच्चों का बौद्धिक स्तर

Mon, 07 Oct 2024 01:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 07 Oct 2024 01:42 AM IST
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Officials will check the intellectual level of children every month
06जेएनडी06-जिला में एक स्कूल में बच्चे से सवाल पूछते मा. राजेश वशिष्ठ। स्रोत विभाग
जींद। राजकीय प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के शैक्षिक और बौद्धिक स्तर में सुधार करने के लिए अधिकारी अब हर महीने स्कूल का निरीक्षण करेंगे। उनको शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके, बच्चों का बौद्धिक स्तर, पठन शैली, कक्षा का वातावरण सहित अन्य की जांच करनी होगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट तैयार करके निपुण मिशन के मेंटर और मॉनिटर एप पर अपलोड करना होगा। यह रिपोर्ट स्कूल के रजिस्टर में भी निरीक्षक को दर्ज करनी होगी। इसके लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में अधिकारियों को हर महीने स्कूलों के निरीक्षण के लिए लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, डायट सुपरविजन टीम, जिला परियोजना समन्वयक, उप जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, एफएलएन समन्वयक व प्राचार्यों की ड्यूटी लगाई गई है।
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जिला शिक्षा अधिकारी को हर महीने तीन स्कूल और छह कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को 4 स्कूल और 8 कक्षा, जिला परियोजना अधिकारी को 4 स्कूल और 8 कक्षा, डाएट प्राचार्य को 4 स्कूल और 8 स्कूल कवर करने होंगे। उप जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी को चार-चार स्कूल और आठ-आठ कक्षा का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। एफएलएन समन्वयक छह स्कूल और 12 कक्षा का निरीक्षण करेंगे। सीआरसी प्रमुख को पांच स्कूल और दस कक्षा का निरीक्षण करना है। जिला सुपरविजन टीम 60 स्कूल और 100 कक्षा का निरीक्षण करेगी।
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एक कक्षा में 90 मिनट निरीक्षण करना अनिवार्य

निरीक्षण के दौरान शिक्षक के अध्यापन शैली, बच्चों की पठन शैली, पढ़ने की रफ्तार, कक्षा के वातावरण व सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा। निरीक्षक को एक कक्षा में 90 मिनट लगना अनिवार्य है। मेंटर व मॉनिटर एप से यह निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षक कक्षा में शिक्षक के बच्चों को पढ़ाने की तरीके देखेंगे। स्कूल पहुंचते निरीक्षक को एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस ऑन किए बिना शुरू नहीं होगा।
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विद्यार्थियों के शैक्षिक एवं बौद्धिक स्तर में सुधार के लिए अधिकारी अब हर महीने स्कूल का निरीक्षण करेंगे। अधिकारी को स्कूल में शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके, बच्चों का बौद्धिक स्तर, पठन शैली, कक्षा का वातावरण सहित अन्य जांच करनी होगी। -राजेश वशिष्ठ, जिला को-ऑर्डिनेटर एमएलएन, जींद।

06जेएनडी06-जिला में एक स्कूल में बच्चे से सवाल पूछते मा. राजेश वशिष्ठ। स्रोत विभाग

06जेएनडी06-जिला में एक स्कूल में बच्चे से सवाल पूछते मा. राजेश वशिष्ठ। स्रोत विभाग

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