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Jind News: बसों में फर्स्ट एड बॉक्स पर दवा नहीं, अग्निशमन यंत्र एक्सपायर

Mon, 14 Oct 2024 01:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 14 Oct 2024 01:07 AM IST
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No medicine on first aid box in buses, fire extinguisher expired
13जेएनडी01-रोडवेज बस में लगा फस्र्ट एड बॉक्स, जिसमें दवाई नहीं है। संवाद
जींद। परिवहन विभाग की ओर से बसों में सुरक्षा की व्यवस्था के मद्देनजर की गई व्यवस्था के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। रोडवेज डिपो की ज्यादातर बसों में आग से बचने के रखे गए अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके हैं तो फर्स्ट एड बॉक्स से दवाइयां गायब हैं।
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जींद डिपो में कुल 169 बस हैं। इनमें किलोमीटर स्कीम की भी बस शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स में दवाइयां नहीं हैं। 30 से 40 पुरानी बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। हैं तो वह एक्सपायर हो चुके हैं। अग्निशमन यंत्र पर तारीख अंकित नहीं है कि वह कब भरे गए थे और कब तक उनको इस्तेमाल किया जा सकता है। विभाग की ओर से इसकी जांच भी नहीं की गई है। ऐसे में बस बिना सुरक्षा का इंतजाम किए ही सरपट दौड़ रही हैं।
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विभाग की ओर से बरती जा रही लापरवाही यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है। डिपो की 169 बसों में रोजाना 15 से 16 हजार यात्री सफर करते हैं। इससे डिपो को प्रति दिन 10 से 12 लाख रुपये का राजस्व मिलता है। अच्छी खासी कमाई करने के बाद भी रोडवेज बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए कोई उपकरण तक नहीं हैं।
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बस में सफर करने के दौरान कई बार यात्री की तबीयत खराब हो जाती है। ऐसे में उनको बस में प्राथमिक उपचार देने के लिए फर्स्ट एड बॉक्स का होना जरूरी है, ताकि समय पर इस तरह के यात्रियों को दवा दी जा सके। बस में सफर के दौरान फर्स्ट एड किट में डिटॉल, रूई, पट्टी समेत अन्य कई तरह की दवाइयां रखी जाती हैं। किट में आपात स्थिति में उपयोग आने वाली दवाइयां रखनी जरूरी हैं। सिर व पेट दर्द, उल्टी की दवाइयां, चोट लगने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के लिए बैंडेड, डिटॉल, रुई, पट्टी, आयोडेक्स समेत अन्य दवाइयां होनी चाहिए। किट रखने के लिए बस में चालक के पीछे वाले हिस्से में एक बॉक्स लगा हुआ रहता है। उस पर फर्स्ट एड बॉक्स लिखा होता है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री परिचालक या ड्राइवर की मदद से इसमें रखी दवाइयां का इस्तेमाल कर सके।
सुविधा मिलने पर रोडवेज के प्रति बढ़ेगा विश्वास

यात्री रमेश, जोगिंद्र, रामपाल, बिमला, राखी, सुनीता का कहना था कि बस में फर्स्ट एड की सुविधा होनी चाहिए। सरकार ने बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तो लगा देती है, लेकिन उनमें दवाइयां तथा अन्य जरूरी सामान नहीं होता है। डिपो प्रशासन को भी देखना चाहिए कि बसों में रखे हुए अग्निशमन यंत्र काम कर रहे हैं या नहीं। उनकी एक्सपायरी डेट खत्म हो गई है या नहीं। कई बार यात्रियों को उल्टी, बुखार या अन्य दिक्कत हो जाती है। यदि बस में ही यात्री को दवा मिल जाय तो बेहतर होगा। यात्रियों का डिपो की बसों के प्रति विश्वास भी बढ़ेगी।


रोडवेज डिपो की जिन पुरानी बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं, उनकी जांच करवाई जाएगी। फर्स्ट एड बॉक्स में भी दवाइयों के बारे में पता किया जाएगा। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, जींद।

13जेएनडी01-रोडवेज बस में लगा फस्र्ट एड बॉक्स, जिसमें दवाई नहीं है। संवाद

13जेएनडी01-रोडवेज बस में लगा फस्र्ट एड बॉक्स, जिसमें दवाई नहीं है। संवाद

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