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नागरिक अस्पताल के प्रसूति वार्ड में महिला चिकित्सकों की कमी
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Updated Sun, 11 Sep 2016 01:18 AM IST
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प्रसूति वार्ड में महिलाओं की जांच करती महिला चिकित्सक डॉ. मंजू सिंगला।
- फोटो : bureau
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एक तरफ तो सरकार जननी व शिशु मृत्युदर के आंकड़े को कम करने के लिए जागरूकता अभियानों पर लाखों रुपये खर्च कर रही है लेकिन दूसरी तरफ सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा के उपचार के लिए स्टाफ ही उपलब्ध नहीं हैं। जिले के नागरिक अस्पताल में भी यही आलम है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में महिलाएं उपचार के लिए पहुंचती हैं। जबकि नागरिक अस्पताल में महज 6 महिला चिकित्सक हैं। जिले के अस्पताल में एक भी गायनकालॉजिस्ट नहीं है। जबकि यहां पर कम से कम दो गायनकालॉजिस्ट की जरूरत है। स्टाफ की कमी के चलते अब जहां प्रसूति वार्ड में ओपीडी की सुविधा प्रभावित होगी। वहीं यहां पर 24 घंटे महिला चिकित्सकों की सुविधा नहीं मिल पाएगी।
प्रतिदिन होती है 15 से 20 महिलाओं की डिलिवरी
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी करवाई जाती है। जबकि गायनकालॉजिस्ट की सुविधा नहीं होने के कारण यहां सिजेरियन से डिलीवरी की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे हालात में गर्भवती महिलाओं को पीजीआई रोहतक रेफर किया जाता है।
एक बेड पर दो-दो जच्चा
नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को बेड की सुविधा भी नहीं मिल पाती है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 डिलीवरी होती हैं, लेकिन प्रसूति वार्ड में जगह की कमी के चलते जच्चा के लेटने के लिए बेडों की पर्याप्त सुविधा नहीं है। इसके चलते एक बेड पर दो-दो जच्चा को लेटाना पड़ता है।
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एक माह में होती 450 से 500 डिलीवरी
जिले के नागरिक अस्पताल में हर महीने 450 से लेकर 500 तक गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होती हैं, लेकिन यहां पर गायनकालॉजिस्ट नहीं होने के कारण सिजेरियन की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते सिजेरियन के लिए गर्भवती महिलाओं को या तो निजी अस्पताल का रुख करना पड़ता है या पीजीआई रेफर किया जाता है।
अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या को देखते हुए ओपीडी के लिए कम से कम दो महिला चिकित्सकों की जरूरत है, जबकि एक शिफ्ट में लेबर रूम के लिए भी दो महिला चिकित्सकों का होना भी जरूरी है, लेकिन इस समय 6 में से चार महिला चिकित्सकों के तबादले के आदेश हो चुके हैं। ऐसे में ओपीडी की सेवाएं प्रभावित हो जाएंगी, लेकिन मरीजों की परेशानी को देखते हुए अतिरिक्त सेवाएं देंगे।
- डॉ. मंजू सिंगला, वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ
प्रसूति वार्ड,
प्रसूति वार्ड में महिला चिकित्सकों की कमी है। फिलहाल 6 महिला चिकित्सक हैं। अस्पताल में इस समय गायनकालॉजिस्ट एमडी, आर्थो सर्जन, फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथलॉजिस्ट, चर्म रोग विशेषज्ञ की कमी है। चिकित्सकों की कमी के लिए समय-समय पर विभाग को लिखा जाता है।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
नागरिक अस्पताल, जींद
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प्रतिदिन होती है 15 से 20 महिलाओं की डिलिवरी
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी करवाई जाती है। जबकि गायनकालॉजिस्ट की सुविधा नहीं होने के कारण यहां सिजेरियन से डिलीवरी की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे हालात में गर्भवती महिलाओं को पीजीआई रोहतक रेफर किया जाता है।
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एक बेड पर दो-दो जच्चा
नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को बेड की सुविधा भी नहीं मिल पाती है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 डिलीवरी होती हैं, लेकिन प्रसूति वार्ड में जगह की कमी के चलते जच्चा के लेटने के लिए बेडों की पर्याप्त सुविधा नहीं है। इसके चलते एक बेड पर दो-दो जच्चा को लेटाना पड़ता है।
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एक माह में होती 450 से 500 डिलीवरी
जिले के नागरिक अस्पताल में हर महीने 450 से लेकर 500 तक गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होती हैं, लेकिन यहां पर गायनकालॉजिस्ट नहीं होने के कारण सिजेरियन की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते सिजेरियन के लिए गर्भवती महिलाओं को या तो निजी अस्पताल का रुख करना पड़ता है या पीजीआई रेफर किया जाता है।
अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या को देखते हुए ओपीडी के लिए कम से कम दो महिला चिकित्सकों की जरूरत है, जबकि एक शिफ्ट में लेबर रूम के लिए भी दो महिला चिकित्सकों का होना भी जरूरी है, लेकिन इस समय 6 में से चार महिला चिकित्सकों के तबादले के आदेश हो चुके हैं। ऐसे में ओपीडी की सेवाएं प्रभावित हो जाएंगी, लेकिन मरीजों की परेशानी को देखते हुए अतिरिक्त सेवाएं देंगे।
- डॉ. मंजू सिंगला, वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ
प्रसूति वार्ड,
प्रसूति वार्ड में महिला चिकित्सकों की कमी है। फिलहाल 6 महिला चिकित्सक हैं। अस्पताल में इस समय गायनकालॉजिस्ट एमडी, आर्थो सर्जन, फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथलॉजिस्ट, चर्म रोग विशेषज्ञ की कमी है। चिकित्सकों की कमी के लिए समय-समय पर विभाग को लिखा जाता है।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
नागरिक अस्पताल, जींद