{"_id":"69de8b4e9ae276f7850ebf44","slug":"nipun-haryana-mission-children-will-learn-and-acquire-numeracy-skills-through-play-jind-news-c-199-1-jnd1010-151630-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: निपुण हरियाणा मिशन....खेल-खेल में पढ़ेंगे और संख्या ज्ञान सीखेंगे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: निपुण हरियाणा मिशन....खेल-खेल में पढ़ेंगे और संख्या ज्ञान सीखेंगे बच्चे
विज्ञापन
14जेएनडी12: खेल खेल के माध्यम से संख्या ज्ञान सीखते बच्चे। संवाद
जींद। जिले में निपुण हरियाणा मिशन के तहत कक्षा तत्परता कार्यक्रम का आगाज किया गया है। कार्यक्रम के माध्यम से बालवाटिका-तीन से लेकर कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की दक्षताओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि यह विशेष अभियान 13 अप्रैल से 23 मई तक चलेगा। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य बच्चों को विद्यालय के वातावरण के अनुरूप ढालना और उनमें आत्मविश्वास पैदा करना है।
विशेष रूप से बालवाटिका-तीन और कक्षा पहली के बच्चों को शिक्षक व सहपाठियों से परिचय कराने, विद्यालय की दिनचर्या समझाने और समूह में बातचीत के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बच्चों को खेल, गीत, नृत्य और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है ताकि उनकी विद्यालय में सहभागिता बढ़े।
विज्ञापन
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग सीखने के लक्ष्य सीखने के परिणाम निर्धारित किए गए हैं। बालवाटिका और कक्षा एक ध्वनि जागरूकता, रंग व आकृतियों की पहचान और एक से नौ तक संख्या बोध पर ध्यान दिया जा रहा है।
कक्षा दो से तीन में हिंदी में शब्द और वाक्य पढ़ने-लिखने के साथ-साथ एक से 99 तक संख्या बोध, जोड़-घटाव, मुद्रा पहचान और कैलेंडर की समझ विकसित की जा रही है।
कक्षा चार और पांच चौथी कक्षा के बच्चों के लिए 30-40 शब्द प्रति मिनट पढ़ने की गति और गणित में भिन्न और इबारती सवालों पर अभ्यास कराया जा रहा है। वहीं, पांचवीं कक्षा में व्याकरणिक पहचान, क्षेत्रफल-परिमाप और बड़ी संख्याओं की संक्रियाओं पर जोर दिया जा रहा है।
राजेश वशिष्ठ ने जानकारी दी कि शिक्षकों के लिए विशेष मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए शैक्षणिक भ्रमण, टीएलएम का उपयोग और महत्वपूर्ण दिनों का उत्सव जैसे नवाचार अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल बच्चों के साक्षरता स्तर में सुधार होगा, बल्कि उनमें संवाद कौशल और सहयोग की भावना भी विकसित होगी।
विज्ञापन
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि यह विशेष अभियान 13 अप्रैल से 23 मई तक चलेगा। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य बच्चों को विद्यालय के वातावरण के अनुरूप ढालना और उनमें आत्मविश्वास पैदा करना है।
विज्ञापन
विशेष रूप से बालवाटिका-तीन और कक्षा पहली के बच्चों को शिक्षक व सहपाठियों से परिचय कराने, विद्यालय की दिनचर्या समझाने और समूह में बातचीत के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बच्चों को खेल, गीत, नृत्य और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है ताकि उनकी विद्यालय में सहभागिता बढ़े।
विज्ञापन
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग सीखने के लक्ष्य सीखने के परिणाम निर्धारित किए गए हैं। बालवाटिका और कक्षा एक ध्वनि जागरूकता, रंग व आकृतियों की पहचान और एक से नौ तक संख्या बोध पर ध्यान दिया जा रहा है।
कक्षा दो से तीन में हिंदी में शब्द और वाक्य पढ़ने-लिखने के साथ-साथ एक से 99 तक संख्या बोध, जोड़-घटाव, मुद्रा पहचान और कैलेंडर की समझ विकसित की जा रही है।
कक्षा चार और पांच चौथी कक्षा के बच्चों के लिए 30-40 शब्द प्रति मिनट पढ़ने की गति और गणित में भिन्न और इबारती सवालों पर अभ्यास कराया जा रहा है। वहीं, पांचवीं कक्षा में व्याकरणिक पहचान, क्षेत्रफल-परिमाप और बड़ी संख्याओं की संक्रियाओं पर जोर दिया जा रहा है।
राजेश वशिष्ठ ने जानकारी दी कि शिक्षकों के लिए विशेष मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए शैक्षणिक भ्रमण, टीएलएम का उपयोग और महत्वपूर्ण दिनों का उत्सव जैसे नवाचार अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल बच्चों के साक्षरता स्तर में सुधार होगा, बल्कि उनमें संवाद कौशल और सहयोग की भावना भी विकसित होगी।