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Jind News: जींद में मिली लापता बच्ची, काउंसलिंग के बाद परिवार से मिलाया
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27जेएनडी07: जींद में बरामद बच्ची को लेने पहुंची दिल्ली पुलिस टीम और परिजन। स्रोत: एनजीओ
जींद। दिल्ली से लापता हुई 11 वर्षीय बच्ची को जींद की मानव तस्कर विरोधी इकाई, जीआरपी और सामाजिक संस्था के संयुक्त प्रयासों से उसके परिवार तक पहुंचा दिया गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बच्ची घरवालों से नाराज होकर दिल्ली से पानीपत चली गई थी और वहां से जींद आने वाली ट्रेन में सवार हो गई थी।
19 सितंबर की रात एक बजे पानीपत से जींद पहुंची ट्रेन में एक यात्री ने अकेली बच्ची को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा और इसकी सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी ने बच्ची को सुरक्षित उतारकर रेस्क्यू किया। रात में ही उसका मेडिकल कराया गया और बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद उसे बाल आश्रम भेज दिया गया।
मामले की जानकारी गैर सरकारी संगठन एमडीडी ऑफ इंडिया के सदस्यों को दी गई। मानव तस्कर विरोधी इकाई के इंचार्ज एएसआई संदीप ने टीम और संस्था के सदस्यों के साथ बच्ची की काउंसिलिंग की। बातचीत के दौरान बच्ची ने पहले अपना घर बिहार के गया जिले के फतेहपुर कस्बे में बताया। उसने पिता का नाम सोनू और दादा का नाम कपिल बताया।
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बच्ची के अनुसार, वह अपनी मां के साथ बिहार जाने के लिए ट्रेन में सवार हुई थी। रास्ते में उसकी मां पानी लेने के लिए ट्रेन से नीचे उतरी, इसी दौरान ट्रेन चल पड़ी और दोनों अलग हो गईं।
पुलिस ने बच्ची की बताई जानकारी के आधार पर बिहार के फतेहपुर थाना प्रभारी से संपर्क किया और स्थानीय स्तर पर परिवार की तलाश कराई लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरे फतेहपुर कस्बे में भी जानकारी जुटाई गई मगर वहां भी परिवार का पता नहीं चला। इसके बाद बच्ची की दोबारा काउंसिलिंग की गई।
बच्ची ने बताया कि उसका परिवार दिल्ली के समयपुर बादली रेलवे स्टेशन के पास बस्ती में रहता है। एएसआई संदीप ने तत्काल समयपुर बादली थाना पुलिस से संपर्क कर बच्ची की जानकारी साझा की। जांच में सामने आया कि बच्ची के लापता होने और अपहरण से संबंधित मामला इसी थाने में पहले से दर्ज था। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें बच्ची के जींद में सुरक्षित मिलने की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर समयपुर बादली पुलिस टीम और बच्ची के परिजन जींद पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्ची को दिल्ली पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया गया।
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19 सितंबर की रात एक बजे पानीपत से जींद पहुंची ट्रेन में एक यात्री ने अकेली बच्ची को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा और इसकी सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी ने बच्ची को सुरक्षित उतारकर रेस्क्यू किया। रात में ही उसका मेडिकल कराया गया और बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद उसे बाल आश्रम भेज दिया गया।
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मामले की जानकारी गैर सरकारी संगठन एमडीडी ऑफ इंडिया के सदस्यों को दी गई। मानव तस्कर विरोधी इकाई के इंचार्ज एएसआई संदीप ने टीम और संस्था के सदस्यों के साथ बच्ची की काउंसिलिंग की। बातचीत के दौरान बच्ची ने पहले अपना घर बिहार के गया जिले के फतेहपुर कस्बे में बताया। उसने पिता का नाम सोनू और दादा का नाम कपिल बताया।
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बच्ची के अनुसार, वह अपनी मां के साथ बिहार जाने के लिए ट्रेन में सवार हुई थी। रास्ते में उसकी मां पानी लेने के लिए ट्रेन से नीचे उतरी, इसी दौरान ट्रेन चल पड़ी और दोनों अलग हो गईं।
पुलिस ने बच्ची की बताई जानकारी के आधार पर बिहार के फतेहपुर थाना प्रभारी से संपर्क किया और स्थानीय स्तर पर परिवार की तलाश कराई लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरे फतेहपुर कस्बे में भी जानकारी जुटाई गई मगर वहां भी परिवार का पता नहीं चला। इसके बाद बच्ची की दोबारा काउंसिलिंग की गई।
बच्ची ने बताया कि उसका परिवार दिल्ली के समयपुर बादली रेलवे स्टेशन के पास बस्ती में रहता है। एएसआई संदीप ने तत्काल समयपुर बादली थाना पुलिस से संपर्क कर बच्ची की जानकारी साझा की। जांच में सामने आया कि बच्ची के लापता होने और अपहरण से संबंधित मामला इसी थाने में पहले से दर्ज था। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें बच्ची के जींद में सुरक्षित मिलने की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर समयपुर बादली पुलिस टीम और बच्ची के परिजन जींद पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्ची को दिल्ली पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया गया।