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Jind News: समय से पहले कुर्सी छोड़ भागे कर्मचारी, किसानों ने जताया विरोध
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27 सफीदों 3, 4दोपहर के करीब 2:30 बजे खाली पड़ी सभी कर्मचारियों की कुर्सियां व दूसरी तरफ पंजीकर
सफीदों। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर गलत दर्ज हुए फसल संबंधी डाटा के दोबारा पंजीकरण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 27 सितंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी।
शनिवार को सफीदों उपमंडल परिसर में पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि दोबारा पंजीकरण का काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी दोपहर 12 बजे से पहले ही अपनी सीटों से चले गए। कर्मचारियों के नहीं मिलने पर किसान परिसर में इधर-उधर भटकते रहे और उन्होंने सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
किसान कपिल रामनगर, लक्ष्मी नारायण बुड्ढा खेड़ा, अमरजीत सिंह कुरड़, संदीप मुआना, अजीत बहादुरगढ़ और संजय जयपुर सहित अन्य ने बताया कि वे करीब 12 बजे पोर्टल पर गलत रिकॉर्ड का शुद्धिकरण और दोबारा पंजीकरण कराने के लिए उपमंडल परिसर पहुंचे थे।
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किसानों के अनुसार, इस कार्य के लिए नौ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन मौके पर केवल एक कर्मचारी मौजूद मिला। किसानों ने बताया कि मौजूद कर्मचारी के कंप्यूटर में तकनीकी खराबी होने के कारण वह भी पंजीकरण का कार्य नहीं कर पा रहा था।
किसानों ने अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनके अनुसार एसडीएम और तहसीलदार ने फोन नहीं उठाया। किसानों ने कहा कि पंजीकरण नहीं होने की स्थिति में उनकी धान की फसल की मंडी में बिक्री प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पोर्टल पर दोबारा पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की ताकि वंचित किसानों को पंजीकरण का अवसर मिल सके।
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शनिवार को सफीदों उपमंडल परिसर में पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि दोबारा पंजीकरण का काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी दोपहर 12 बजे से पहले ही अपनी सीटों से चले गए। कर्मचारियों के नहीं मिलने पर किसान परिसर में इधर-उधर भटकते रहे और उन्होंने सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
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किसान कपिल रामनगर, लक्ष्मी नारायण बुड्ढा खेड़ा, अमरजीत सिंह कुरड़, संदीप मुआना, अजीत बहादुरगढ़ और संजय जयपुर सहित अन्य ने बताया कि वे करीब 12 बजे पोर्टल पर गलत रिकॉर्ड का शुद्धिकरण और दोबारा पंजीकरण कराने के लिए उपमंडल परिसर पहुंचे थे।
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किसानों के अनुसार, इस कार्य के लिए नौ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन मौके पर केवल एक कर्मचारी मौजूद मिला। किसानों ने बताया कि मौजूद कर्मचारी के कंप्यूटर में तकनीकी खराबी होने के कारण वह भी पंजीकरण का कार्य नहीं कर पा रहा था।
किसानों ने अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनके अनुसार एसडीएम और तहसीलदार ने फोन नहीं उठाया। किसानों ने कहा कि पंजीकरण नहीं होने की स्थिति में उनकी धान की फसल की मंडी में बिक्री प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पोर्टल पर दोबारा पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की ताकि वंचित किसानों को पंजीकरण का अवसर मिल सके।