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हिंसक घटनाओं व भड़काऊ भाषणबाजी पर 29 को नोटिस
jind
Updated Mon, 30 May 2016 11:59 PM IST
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जानकारी देते डीसी
- फोटो : bureau
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डीसी विनय सिंह ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी माह में जिले में हुई हिंसक घटनाओं व भड़काऊ भाषण देने के आरोप में 29 लोगों को नोटिस जारी किया है। जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें नैन खाप के प्रधान ईश्वर नैन, अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान पवनजीत बनवाला समेत कई जाट नेताओं के नाम शामिल हैं। डीसी ने तहसीलदार व बैंक अधिकारियों को सूची में शामिल सभी व्यक्तियों की चल व अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को आधार बनाकर इन सभी 29 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। डीसी विनय सिंह के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने साल 2009 में एक याचिका की सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किए थे कि किसी प्रकार के जन आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के कारण जानमाल और संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए अपराध करने वालों के साथ-साथ इस प्रकार के आंदोलन आयोजित करने वाले लोगों को भी जिम्मेदार ठहराया जाए। जब किसी प्रकार के प्रदर्शन का आयोजन हो तो आयोजकों द्वारा एक अंडरटेकिंग दी जाएगी कि यह आयोजन शांतिपूर्ण होगा और इसमें किसी प्रकार के हथियार जिनमें लाठी, चाकू व अन्य अस्त्र-शस्त्र शामिल नहीं होंगे, उन पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। जान माल व संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए जिम्मेदारी निर्धारित करने के लिए संबंधित हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है।
नोटिस और लाठियों से दबाए नहीं जा सकते जन आंदोलन : बनवाला
अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान पवनजीत बनवाला ने सरकार की कार्रवाई पर कहा कि जन आंदोलन कभी नोटिसों व लाठियों से नहीं दबाए सकते। इस तरह के नोटिसों से जाट कौम घबराने वाली नहीं है, बल्कि इससे उनके इरादे और भी मजबूत होंगे। सरकार नोटिस देकर जाटों को डराने की बजाय हाईकोर्ट में जाट आरक्षण को बचाने के लिए पैरवी करने में ध्यान लगाए। हम अपने हम के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। पांच जून से आंदोलन फिर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से जारी किए गए नोटिस के संबंध में जाट नेता दो जून को एक मीटिंग करेंगे।
इनके खिलाफ जारी किया नोटिस
हाट निवासी कप्तान व प्रवीन, उझाना निवासी पूर्व सरपंच बिंद्र, कालवन निवासी गुरनाम, कालवन निवासी फकीरिया, धनोरी निवासी रघुबीर, उझाना निवासी चंद्र चहल, अलेवा निवासी राजा, उझाना निवासी रामलाल, डाहौला निवासी मास्टर कपूर सिंह, डाहौला निवासी पूर्व सरपंच हवा सिंह, डूमरखुर्द निवासी बिजेंद्र, धरोदी निवासी रणधीर सिंह पूर्व सरपंच, नैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन, उचाना कलां निवासी ईश्वर, उचाना खुर्द निवासी रणधीर सिंह, बीबीपुर निवासी नानू, ईक्कस निवासी मोहित, ईक्कस निवासी मोनू, घिमाना निवासी दीपक, बीबीपुर निवासी दलबीर, दरियावाला निवासी कैप्टन रणधीर सिंह, ईंटलकलां निवासी महेंद्र सिंह, ईक्कस निवासी वीरभान, नरवाना की भगत सिंह कॉलोनी निवासी विशाल, सुदकैन खुर्द निवासी कृष्ण श्योकंद, दनौदा कलां निवासी ईश्वर सिंह नैन, डूमरखा खुर्द निवासी बिजेंद्र श्योकंद और अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान पवनजीत बनवाला शामिल हैं।
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प्रशासन बेवजह मामले को भड़का रहा है :नैन
नैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रदेश आग में झुलस रहा था, वहीं नरवाना में खापों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद भी प्रशासन इस तरह के नोटिस जारी करके समाज को तोड़ने व माहौल को भड़काने का काम कर रहा है। इसका समाज पर खासकर जाट समुदाय पर गलत असर पड़ेगा।
दो माह के लिए धारा 144 लागू
जिलाधीश विनय सिंह ने पांच जून के प्रस्तावित आरक्षण आंदोलन को लेकर जिले में किसी प्रकार की जान व माल की हानि न हो। इसके लिए पूरे जिला में धारा 144 लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 30 मई से 29 जुलाई तक पूरे दो माह तक जिले में धारा 144 लागू रहेगी। जिला में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के हथियारों समेत इक्कट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है। हथियारों में तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, गंडासी, चाकू, आग्नेय अस्त्र व अन्य प्रकार की वो सभी चीजें जो हथियार के रूप में प्रयोग हो सकती हैं, उन पर पाबंदी रहेगी। यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों व सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे।
फरवरी माह में हुए आरक्षण आंदोलन के दौरान जानमाल की हानि पहुंचाने वालों व भड़काऊ भाषण देकर समाज को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की सूची जिला प्रशासन द्वारा तैयार कर ली गई हैं। इस सूची में शामिल 29 लोगों को नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
- विनय सिंह, डीसी जींद
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नोटिस और लाठियों से दबाए नहीं जा सकते जन आंदोलन : बनवाला
अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान पवनजीत बनवाला ने सरकार की कार्रवाई पर कहा कि जन आंदोलन कभी नोटिसों व लाठियों से नहीं दबाए सकते। इस तरह के नोटिसों से जाट कौम घबराने वाली नहीं है, बल्कि इससे उनके इरादे और भी मजबूत होंगे। सरकार नोटिस देकर जाटों को डराने की बजाय हाईकोर्ट में जाट आरक्षण को बचाने के लिए पैरवी करने में ध्यान लगाए। हम अपने हम के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। पांच जून से आंदोलन फिर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से जारी किए गए नोटिस के संबंध में जाट नेता दो जून को एक मीटिंग करेंगे।
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इनके खिलाफ जारी किया नोटिस
हाट निवासी कप्तान व प्रवीन, उझाना निवासी पूर्व सरपंच बिंद्र, कालवन निवासी गुरनाम, कालवन निवासी फकीरिया, धनोरी निवासी रघुबीर, उझाना निवासी चंद्र चहल, अलेवा निवासी राजा, उझाना निवासी रामलाल, डाहौला निवासी मास्टर कपूर सिंह, डाहौला निवासी पूर्व सरपंच हवा सिंह, डूमरखुर्द निवासी बिजेंद्र, धरोदी निवासी रणधीर सिंह पूर्व सरपंच, नैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन, उचाना कलां निवासी ईश्वर, उचाना खुर्द निवासी रणधीर सिंह, बीबीपुर निवासी नानू, ईक्कस निवासी मोहित, ईक्कस निवासी मोनू, घिमाना निवासी दीपक, बीबीपुर निवासी दलबीर, दरियावाला निवासी कैप्टन रणधीर सिंह, ईंटलकलां निवासी महेंद्र सिंह, ईक्कस निवासी वीरभान, नरवाना की भगत सिंह कॉलोनी निवासी विशाल, सुदकैन खुर्द निवासी कृष्ण श्योकंद, दनौदा कलां निवासी ईश्वर सिंह नैन, डूमरखा खुर्द निवासी बिजेंद्र श्योकंद और अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रधान पवनजीत बनवाला शामिल हैं।
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प्रशासन बेवजह मामले को भड़का रहा है :नैन
नैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रदेश आग में झुलस रहा था, वहीं नरवाना में खापों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद भी प्रशासन इस तरह के नोटिस जारी करके समाज को तोड़ने व माहौल को भड़काने का काम कर रहा है। इसका समाज पर खासकर जाट समुदाय पर गलत असर पड़ेगा।
दो माह के लिए धारा 144 लागू
जिलाधीश विनय सिंह ने पांच जून के प्रस्तावित आरक्षण आंदोलन को लेकर जिले में किसी प्रकार की जान व माल की हानि न हो। इसके लिए पूरे जिला में धारा 144 लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 30 मई से 29 जुलाई तक पूरे दो माह तक जिले में धारा 144 लागू रहेगी। जिला में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के हथियारों समेत इक्कट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है। हथियारों में तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, गंडासी, चाकू, आग्नेय अस्त्र व अन्य प्रकार की वो सभी चीजें जो हथियार के रूप में प्रयोग हो सकती हैं, उन पर पाबंदी रहेगी। यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों व सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे।
फरवरी माह में हुए आरक्षण आंदोलन के दौरान जानमाल की हानि पहुंचाने वालों व भड़काऊ भाषण देकर समाज को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की सूची जिला प्रशासन द्वारा तैयार कर ली गई हैं। इस सूची में शामिल 29 लोगों को नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
- विनय सिंह, डीसी जींद