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Jind News: बिना इलाज कैसे बढ़ गया हीमोग्लोबिन? डिप्टी डायरेक्टर बोलीं-ऐसा जादू है तो हमें भी बताइए
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30जेएनडी19: नागरिक अस्पताल में मैटरनल हेल्थ की डिप्टी डायरेक्टर निरीक्षण के दौरान गर्भवती महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को मातृ स्वास्थ्य की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शालू गर्ग ने निरीक्षण के दौरान गर्भवतियों से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी ली। एक गर्भवती के कार्ड में एक माह पहले हीमोग्लोबिन 7.5 ग्राम दर्ज था, जबकि अगली एंट्री में बिना किसी इलाज या आयरन दवा के इसे10 ग्राम दर्शा दिया गया।
नाराजगी जताते हुए डॉ. गर्ग ने अधिकारियों से जवाब मांगा और कहा कि बिना इलाज के हीमोग्लोबिन कैसे बढ़ गया? यदि ऐसा कोई जादू है तो हमें भी बताइए।
उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि झूठी एंट्री करना बंद करें। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की निगरानी और रिकॉर्डिंग को गंभीरता से करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्हें गर्भवती महिलाओं की जांच व्यवस्था, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण और मरीजों की सुविधाओं में कई खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने संबंधित चिकित्सकों और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया।
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले डिप्टी डायरेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (जीटीटी) की सुविधा के बारे में जानकारी ली। अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछली बार निरीक्षण के दौरान भी यह कमी सामने आई थी।
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उन्होंने सवाल किया कि इतने समय बाद भी यह सुविधा क्यों शुरू नहीं की गई और संबंधित वरिष्ठ चिकित्सकों से इसका स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद उन्होंने गायनी वार्ड के नए प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया। यहां एंबुलेंस मार्ग पर दो निजी वाहन खड़े खड़े मिले।
उन्होंने अपने मोबाइल से फोटो खींचकर अधिकारियों से पूछा कि यदि रास्ता इसी तरह अवरुद्ध रहेगा तो गर्भवती महिलाओं को वार्ड तक कैसे पहुंचाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों के लिए निर्धारित मार्ग हर समय खाली रखा जाए।
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जींद। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को मातृ स्वास्थ्य की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शालू गर्ग ने निरीक्षण के दौरान गर्भवतियों से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी ली। एक गर्भवती के कार्ड में एक माह पहले हीमोग्लोबिन 7.5 ग्राम दर्ज था, जबकि अगली एंट्री में बिना किसी इलाज या आयरन दवा के इसे10 ग्राम दर्शा दिया गया।
नाराजगी जताते हुए डॉ. गर्ग ने अधिकारियों से जवाब मांगा और कहा कि बिना इलाज के हीमोग्लोबिन कैसे बढ़ गया? यदि ऐसा कोई जादू है तो हमें भी बताइए।
उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि झूठी एंट्री करना बंद करें। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की निगरानी और रिकॉर्डिंग को गंभीरता से करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्हें गर्भवती महिलाओं की जांच व्यवस्था, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण और मरीजों की सुविधाओं में कई खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने संबंधित चिकित्सकों और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया।
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निरीक्षण के दौरान सबसे पहले डिप्टी डायरेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (जीटीटी) की सुविधा के बारे में जानकारी ली। अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछली बार निरीक्षण के दौरान भी यह कमी सामने आई थी।
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उन्होंने सवाल किया कि इतने समय बाद भी यह सुविधा क्यों शुरू नहीं की गई और संबंधित वरिष्ठ चिकित्सकों से इसका स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद उन्होंने गायनी वार्ड के नए प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया। यहां एंबुलेंस मार्ग पर दो निजी वाहन खड़े खड़े मिले।
उन्होंने अपने मोबाइल से फोटो खींचकर अधिकारियों से पूछा कि यदि रास्ता इसी तरह अवरुद्ध रहेगा तो गर्भवती महिलाओं को वार्ड तक कैसे पहुंचाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों के लिए निर्धारित मार्ग हर समय खाली रखा जाए।

30जेएनडी19: नागरिक अस्पताल में मैटरनल हेल्थ की डिप्टी डायरेक्टर निरीक्षण के दौरान गर्भवती महिला