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Jind News: महेंद्र सिंह टिकैत होते तो अब तक दूर हो गई होतीं किसानों की समस्याएं
Mon, 07 Oct 2024 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 07 Oct 2024 12:18 AM IST
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06जेएनडी04: किसान भवन में स्व. महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धांजलि देते हुए रामराजी ढूल। संवाद
जींद। भारतीय किसान यूनियन ने रविवार को शिव कॉलोनी स्थित किसान भवन में भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला की अध्यक्षता में महेंद्र सिंह टिकैत की 89वीं जयंती किसान जागृति दिवस के रूप में मनाई। इस मौके पर महेंद्र सिंह टिकैत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
भाकियू प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल ने कहा कि अगर महेंद्र सिंह टिकैत आज जिंदा होते तो किसानों की समस्याओं का समाधान हो चुका होता। महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों के हित में जो मांगें उठाई थीं उन्हें पूरा करने के लिए भाकियू आज संघर्ष कर रही है। उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। महेंद्र सिंह टिकैत की एक आवाज का असर पूरे देश में होता था। वह अपने लाइफ स्टाइल के लिए भी प्रसिद्ध थे। वर्ष 1999 में विदेश दौरे पर महेंद्र सिंह अपने साथ हुक्का भी जहाज में लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि 21 फरवरी 1999 को महेंद्र सिंह टिकैत ने जींद के हुडा ग्राउंड में रैली की थी। इस रैली में जर्मनी, स्पेन, स्विटजरलैंड सहित 12 देशों से अंग्रेज आए थे और डब्ल्यूटीओ के विरोध में महेंद्र सिंह टिकैत से मदद मांगी थी। उनकी अपील पर टिकैत देश के 700 किसानों के साथ विदेश गए थे। इस अवसर पर भाकियू जिला प्रधान बारू राम, जिला युवा प्रधान बिंद्र नंबरदार, जिला उपप्रधान राममेहर नंबरदार, छज्जू राम कंडेला, राजेंद्र बीबीपुर, राममेहर जागलान, सुरेश प्रधान बहबलपुर, उमेद जागलान मौजूद थे।
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भाकियू प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल ने कहा कि अगर महेंद्र सिंह टिकैत आज जिंदा होते तो किसानों की समस्याओं का समाधान हो चुका होता। महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों के हित में जो मांगें उठाई थीं उन्हें पूरा करने के लिए भाकियू आज संघर्ष कर रही है। उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। महेंद्र सिंह टिकैत की एक आवाज का असर पूरे देश में होता था। वह अपने लाइफ स्टाइल के लिए भी प्रसिद्ध थे। वर्ष 1999 में विदेश दौरे पर महेंद्र सिंह अपने साथ हुक्का भी जहाज में लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि 21 फरवरी 1999 को महेंद्र सिंह टिकैत ने जींद के हुडा ग्राउंड में रैली की थी। इस रैली में जर्मनी, स्पेन, स्विटजरलैंड सहित 12 देशों से अंग्रेज आए थे और डब्ल्यूटीओ के विरोध में महेंद्र सिंह टिकैत से मदद मांगी थी। उनकी अपील पर टिकैत देश के 700 किसानों के साथ विदेश गए थे। इस अवसर पर भाकियू जिला प्रधान बारू राम, जिला युवा प्रधान बिंद्र नंबरदार, जिला उपप्रधान राममेहर नंबरदार, छज्जू राम कंडेला, राजेंद्र बीबीपुर, राममेहर जागलान, सुरेश प्रधान बहबलपुर, उमेद जागलान मौजूद थे।

06जेएनडी04: किसान भवन में स्व. महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धांजलि देते हुए रामराजी ढूल। संवाद
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