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मिड-डे मील कर्मचारी की तरफ ध्यान नहीं दे रही सरकार : सुनीता
Thu, 11 Jan 2024 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 11 Jan 2024 11:58 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व में वीरवार को करनाल में मिड-डे मील वर्करों की मांगों को लेकर आक्रोश रैली आयोजित हुई। इस रैली में भारी संख्या में जींद, जुलाना, नरवाना, उचाना, उझाना, सफीदों, अलेवा, पिल्लूखेड़ा ब्लॉकों से मिड-डे मील वर्कर करनाल पहुंची।
यूनियन जिला सचिव सुनीता ने कहा कि सरकार मिड-डे मील कर्मचारी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। वेतन में तीन साल पहले बढ़ोत्तरी हुई थी। वर्कर स्कूलों में खाना बनाने के अलावा स्कूल के अन्य काम भी कर रही है। उन्हें 15 से 20 साल काम करते हुए हो चुके हैं लेकिन 60 साल के बाद रिटायरमेंट के बाद कोई अलग से लाभ नहीं दिया जा रहा है। उनका मानदेय भी 10 महीने ही मिलता है। सरकार बच्चों के लिए जो चिराग योजना लेकर आई है, इससे सरकारी स्कूलों में बच्चे कम होते जा रहे हैं और प्राइवेट स्कूलों की तरफ रुझान ज्यादा हो रहा है। इन सब से नाराज होकर ही आक्रोश रैली का आयोजन किया गया है।
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जींद। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व में वीरवार को करनाल में मिड-डे मील वर्करों की मांगों को लेकर आक्रोश रैली आयोजित हुई। इस रैली में भारी संख्या में जींद, जुलाना, नरवाना, उचाना, उझाना, सफीदों, अलेवा, पिल्लूखेड़ा ब्लॉकों से मिड-डे मील वर्कर करनाल पहुंची।
यूनियन जिला सचिव सुनीता ने कहा कि सरकार मिड-डे मील कर्मचारी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। वेतन में तीन साल पहले बढ़ोत्तरी हुई थी। वर्कर स्कूलों में खाना बनाने के अलावा स्कूल के अन्य काम भी कर रही है। उन्हें 15 से 20 साल काम करते हुए हो चुके हैं लेकिन 60 साल के बाद रिटायरमेंट के बाद कोई अलग से लाभ नहीं दिया जा रहा है। उनका मानदेय भी 10 महीने ही मिलता है। सरकार बच्चों के लिए जो चिराग योजना लेकर आई है, इससे सरकारी स्कूलों में बच्चे कम होते जा रहे हैं और प्राइवेट स्कूलों की तरफ रुझान ज्यादा हो रहा है। इन सब से नाराज होकर ही आक्रोश रैली का आयोजन किया गया है।
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