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सरकार ने नहीं दी अंशु मलिक को प्रशिक्षण कैंप के लिए मंजूरी, इसलिए हारी
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जुलाना (जींद)। भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व प्रधान डॉ. महेंद्र सिंह मलिक ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ओलंपिक में जाने से पहले सरकार ने पहलवान अंशु मलिक को प्रशिक्षण शिविर के लिए मंजूरी नहीं दी थी। प्रशिक्षण न मिलने पर अंशु मलिक हार गई।
डॉ. मलिक ने कहा कि अंशु मलिक का चयन जब टोक्यो ओलंपिक के लिए हो गया था तो चौधरी भरत सिंह मेमोरियल खेल स्कूल निडानी में अंशु मलिक का अभ्यास करवाने के लिए 15 महिला पहलवानों को बुलाकर प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। शिविर में सभी कोविड नियमों एवं सरकार की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा था। 30 मई 2021 को संस्था के प्राचार्य के पास चाइल्ड कोविड केयर की हैड बताने वाली एक महिला ने तुरंत यह प्रशिक्षण शिविर बंद करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी महिला पहलवान वापस चली गई तो अंशु मलिक अकेली रह गई।
31 मई को उपायुक्त मोहदय को पत्र के माध्यम से निवेदन किया गया कि अंशु मलिक समेत अन्य महिला पहलवान खिलाड़ियों को स्कूल के छात्रावास में रहने की अनुमति दी जाए। प्रशासन ने यह अनुमति नहीं दी, इससे अंशु मलिक का प्रशिक्षण शिविर नहीं लग सका। डॉ. मलिक ने कहा कि अगर प्रशिक्षण शिविर लग जाता तो एक और मेडल आज देश की झोली में होता।
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डॉ. मलिक ने कहा कि अंशु मलिक का चयन जब टोक्यो ओलंपिक के लिए हो गया था तो चौधरी भरत सिंह मेमोरियल खेल स्कूल निडानी में अंशु मलिक का अभ्यास करवाने के लिए 15 महिला पहलवानों को बुलाकर प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। शिविर में सभी कोविड नियमों एवं सरकार की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा था। 30 मई 2021 को संस्था के प्राचार्य के पास चाइल्ड कोविड केयर की हैड बताने वाली एक महिला ने तुरंत यह प्रशिक्षण शिविर बंद करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी महिला पहलवान वापस चली गई तो अंशु मलिक अकेली रह गई।
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31 मई को उपायुक्त मोहदय को पत्र के माध्यम से निवेदन किया गया कि अंशु मलिक समेत अन्य महिला पहलवान खिलाड़ियों को स्कूल के छात्रावास में रहने की अनुमति दी जाए। प्रशासन ने यह अनुमति नहीं दी, इससे अंशु मलिक का प्रशिक्षण शिविर नहीं लग सका। डॉ. मलिक ने कहा कि अगर प्रशिक्षण शिविर लग जाता तो एक और मेडल आज देश की झोली में होता।
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