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जींद नगरपरिषद कर रहा करोड़ों का ‘कचरा’

Sat, 16 Apr 2022 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 16 Apr 2022 11:51 PM IST
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Faults found in garbage disposal, Pollution Control Board sent notice to the city council
जींद। सफाई पर हर माह सवा करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी नगर परिषद कूड़ा निस्तारण के मामले में पिछड़ रहा है। गत माह अंबाला नगर निगम के चीफ इंजीनियर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने निरीक्षण किया था। इसके बाद आई रिपोर्ट में काफी खामियां बताई गई हैं। इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जींद नगर परिषद को कारण बताओ नोटिस भेज कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
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दरअसल जींद नगर परिषद क्षेत्र में घर-घर से कूड़ा उठाने और इसकी छंटाई के लिए प्रतिमाह करीब 80 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसका ठेका निजी कंपनी को दिया गया है। कंपनी के कर्मचारी लोगों के घरों और शहर के कूड़ा संग्रहण केंद्रों से कूड़ा उठा कर हांसी रोड स्थित डंपिंग साइट पर पहुंचाते हैं। यहां इस कूड़े की छंटाई होती है। इसके बाद ठोस कचारा को छोड़ कर बाकी कचरे की पिसाई कर इसे खाद में बदलना होता है लेकिन जांच में यह प्रक्रिया नहीं मिली। इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने नगर परिषद को नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि टीम ने 30 मार्च को जींद जिले के विभिन्न स्थलों का दौरा किया गया। निरीक्षण में विभिन्न वार्डों में अलग-अलग स्थानों पर ठोस कचरा देखा गया, जिसकी छंटाई नहीं हुई थी। संबंधित एजेंसी ने कूड़ा संग्रहण और छंटाई की प्रक्रिया को ठीक से नहीं अपनाया है। अपनी रिपोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि नगर परिषद कूड़ा छंटाई का दावा करता है, लेकिन मौके पर स्थिति इससे भिन्न है।
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रानी तालाब के पास कूड़े से खाद बनाने की यूनिट भी चालू हालत में नहीं पाई गई। ठोस अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए पुनर्चक्रण व छंटाई के लिए मशीन भी नहीं मिली। केवल हस्तचालित पृथक्करण की प्रक्रिया चल रही है। एजेंसी प्लास्टिक, लोहा, कार्ड बोर्ड को अलग नहीं कर रही है। कूड़ा निपटान के संबंध में कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।
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गैर वैज्ञानिक तरीके से हो रहा है कूड़े का निस्तारण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि ठोस अपशिष्ट के लिए कोई संग्रहण स्थल उपलब्ध नहीं है। यहां ठोस कचरे का निपटान व भंडारण भी अवैज्ञानिक तरीके से हो रहा है। नोटिस में कहा गया है कि 2016 के नियम के अनुसार, प्रत्येक नगरपालिका, परिषद क्षेत्रीय क्षेत्र के भीतर संग्रहण व भंडारण होना चाहिए। नगरीय ठोस अपशिष्ट का परिवहन, प्रसंस्करण और निपटान के नियम का जींद में पालन नहीं हो रहा है।
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छंटाई के नाम पर हर माह 46 लाख रुपये का होता है भुगतान
हांसी रोड स्थित कूड़ा डालने वाली साइट पर कूड़ा छंटाई के लिए एजेंसी की ओर से मशीन लगाई गई है। इसके लिए जींद नगर परिषद हर महीने 46 लाख रुपये का भुगतान करता है। अब तक इस काम के लिए जींद नगर परिषद से 10 बार भुगतान हो चुका है। ऐसे में कुल चार करोड़ 60 लाख रुपये बिना काम हुए ही एजेंसी को दिए जा चुके हैं।

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शहर से काफी मात्रा में कचरा निकलता है। कोरोना काल में इसका प्रसंस्करण नहीं हो पाया। यहां छंटाई के लिए रखी मशीन काम कर रही है लेकिन अब इस काम को तेज गति से करने के आदेश दिए गए हैं। अगले एक महीने में सारे कचरे को प्रसंस्करण कर दिया जाएगा। - राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
फोटो नंबर
16जेएनडी16: 30 मार्च को किए गए निरीक्षण का फाइल फोटो।
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