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बादल छाने से किसानों की चिंता बढ़ी, गेहूं की बिजाई प्रभावित होने की आशंका
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नई अनाज मंडी में तिरपाल से ढका धान। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। रविवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद दिन में मौसम साफ होने से किसानों के चेहरे खिल उठे थे, लेकिन ज्यों-ज्यों शाम होती गई आसमान में काले बादल छाने लगे। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी। यदि इस समय बारिश हुई तो जिले की लगभग 12 हजार एकड़ में गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी। इस समय सात हजार एकड़ जमीन में पानी भरा है। इस जमीन में गेहूं की बिजाई मुश्किल से होगी।
जुलाना, पिल्लूखेड़ा, सफीदों क्षेत्र में फिलहाल काफी भूमि पर पानी भरा है। अकेले करसोला गांव में 1200 एकड़, पोली में एक हजार, हथवाला में 500, बुढ़ाखेड़ा में 800, खादीपुर में 500, नंदगढ़ में 400, बुआना में 500, बराड़ खेड़ा में लगभग 400 एकड़ में पानी भरा है। इसके अलावा सफीदों क्षेत्र में भी लगभग एक हजार एकड़ में पानी भरा है। यदि और बारिश हुई तो जिले में लगभग 12 हजार एकड़ में पानी भर जाएगा, जहां पर गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी।
खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र ने कहा कि रात के समय बारिश हो सकती है। यदि बारिश हुई तो किसानों को काफी नुकसान होगा। काफी भूमि पर अभी भी गेहूं की बिजाई नहीं होगी, लेकिन बारिश हुई तो यह समस्या और बढ़ सकती है। इस बार धान की फसल में 30 प्रतिशत तथा कपास की फसल में 60 प्रतिशत के आसपास नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में फिलहाल भी पानी भरा है। यदि यह पानी एक सप्ताह में निकल गया तो इन खेतों में गेहूं की बिजाई हो सकती है।
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मार्केट कमेटी के सचिव संजीव कुमार ने बताया कि मंडियों में धान की फसल को तिरपाल से ढक दिया गया था। सुबह बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन दिन में मौसम साफ हो गया था। मंडी में पड़ी किसानों की किसी फसल को नुकसान नहीं हुआ है। बाजरा भी मंडी में है लेकिन उसको भी ढक दिया गया था।
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जुलाना, पिल्लूखेड़ा, सफीदों क्षेत्र में फिलहाल काफी भूमि पर पानी भरा है। अकेले करसोला गांव में 1200 एकड़, पोली में एक हजार, हथवाला में 500, बुढ़ाखेड़ा में 800, खादीपुर में 500, नंदगढ़ में 400, बुआना में 500, बराड़ खेड़ा में लगभग 400 एकड़ में पानी भरा है। इसके अलावा सफीदों क्षेत्र में भी लगभग एक हजार एकड़ में पानी भरा है। यदि और बारिश हुई तो जिले में लगभग 12 हजार एकड़ में पानी भर जाएगा, जहां पर गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी।
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खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र ने कहा कि रात के समय बारिश हो सकती है। यदि बारिश हुई तो किसानों को काफी नुकसान होगा। काफी भूमि पर अभी भी गेहूं की बिजाई नहीं होगी, लेकिन बारिश हुई तो यह समस्या और बढ़ सकती है। इस बार धान की फसल में 30 प्रतिशत तथा कपास की फसल में 60 प्रतिशत के आसपास नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में फिलहाल भी पानी भरा है। यदि यह पानी एक सप्ताह में निकल गया तो इन खेतों में गेहूं की बिजाई हो सकती है।
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मार्केट कमेटी के सचिव संजीव कुमार ने बताया कि मंडियों में धान की फसल को तिरपाल से ढक दिया गया था। सुबह बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन दिन में मौसम साफ हो गया था। मंडी में पड़ी किसानों की किसी फसल को नुकसान नहीं हुआ है। बाजरा भी मंडी में है लेकिन उसको भी ढक दिया गया था।