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कृषि विधेयकों के विरोध में किसान संगठन आज 4-5 स्थानों पर करेंगे रोड जाम

Thu, 24 Sep 2020 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 11:57 PM IST
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Farmers' organizations will do road jam at 4-5 places today to protest against agricultural bills
रामराय गांव में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते भाकियू सदस्य। - फोटो : Jind
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा शुक्रवार को भारत बंद का एलान किया गया है। किसान संगठनों का साथ कई कर्मचारी, व्यापारी और मजदूर संगठन भी देंगे। इसको लेकर वीरवार को आढ़तियों की प्रदेश स्तरीय मीटिंग में फैसला लिया गया कि किसानों के समर्थन में शुक्रवार को प्रदेश भर की मंडियां बंद रखी जाएंगी।
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गौरतलब है कि पिछले कई दिन से विभिन्न किसान संगठन व आढ़ती केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विधेयकों का विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान किया गया। इसको लेकर भारतीय किसान यूनियन ने वीरवार को विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान भाकियू के जिला प्रेस प्रवक्ता राजराजी ढुल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों के लागू होने के बाद किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में हर किसान को एक जुट होकर इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि किसान रामराये गांव में पहुंचकर अपनी ताकत दिखाएं।
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जनता की ताकत ही रोक सकती है विधेयक
वहीं किसानों की मांगों का समर्थन करने के लिए माकपा के तीन सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य, केके रागेश व इलामरम करीम वीरवार को जींद पहुंचे। तीनों सांसदों ने कहा कि अब जनता का विरोध ही विधेयकों को कानून बनने से रोक सकता है। विधेयक संसद में पास हो चुके हैं। हालांकि सरकार ने लोकतंत्र की हत्या करते हुए इन्हें पास करवाया है। केके रागेश ने कहा कि विपक्ष सहित एनडीए के घटक दल भी मांग कर रहे हैं कि विधेयक संसद की सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यदि ऐसा होता तो कमेटी के सदस्य लोगों के बीच जाकर विधेयकों पर उनकी राय जानते और इसके बाद इस पर मतदान होता। यह तय था कि राज्यसभा में यह विधेयक गिर जाता। इसके चलते ही इस पर मतदान नहीं करवाया गया है। सांसदों ने कहा कि देश भर में विधेयकों के खिलाफ आंदोलन चल रहा है।
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बाजार बंद होने पर संशय
हालांकि किसान संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है, लेकिन बाजार बंद होने पर संशय बना हुआ है। हालांकि कई व्यापारी संगठन पहले किसानों का साथ देने की बात कह रहे थे, लेकिन अब आंदोलन में साथ नहीं हैं। व्यापारियों ने बताया कि बाजार बंद करने के लिए अभी तक कोई संदेश नहीं मिला है।
जिले में चार से पांच जगह रोड जाम
हालांकि अभी तक विभिन्न संगठनों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन पुलिस व प्रशासन को मिले इनपुट के अनुसार जिले में चार से पांच जगह रोड जाम किया जा सकता है। ऐसे में प्रशासन भी तैयारी कर रहा है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने में जिलेवासी प्रशासन का करें सहयोग
शुक्रवार को होने वाले भारत बंद के चलते जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधीश डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने दिया जाएगा। इस दौरान किसी प्रकार के जान-माल की हानि नहीं हो, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जो व्यक्ति कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसान संगठनों से अपील की कि कोरोना महामारी के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य रास्तों को अवरुद्ध न करें। असामाजिक तत्वों पर नजर रखकर उनकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
भारत बंद को सफल बनाने के लिए हुई बैठक
उचाना में अखिल भारतीय किसान सभा, आढ़ती, मजदूर सहित अन्य संगठनों की बैठक अनाज मंडी में हुई। बैठक में केरल से राज्यसभा से सांसद इलामरम करीम, केके रागेश, पश्चिमी बंगाल के विकास रंजन भट्टाचार्य पहुंचे। बैठक में 25 सितंबर को केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विधेयकों के विरोध में भारत बंद को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई। केके राकेश ने कहा कि सरकार ने राज्यसभा में कृषि विधेयक बिना बहुमत के होते हुए तानाशाही रवैये से पास करवाया। आवाज उठाने वाले आठ सांसदों को राज्यसभा से बाहर कर दिया। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि किसानों की कपास की फसल खराब हो चुकी है लेकिन सरकार स्पेशल गिरदावरी करने में आनाकानी कर रही है। सरकार को तुरंत प्रभाव से स्पेशल गिरदावरी के आदेश देने चाहिए। भारत बंद पूरी तरह से सफल रहेगा। इस मौके पर राजेंद्र खेड़ा, बलिंद्र, ज्ञानी उचाना कलां, दलबीर खेड़ी मंसानिया, सतपाल श्योकंद, आजाद पालवां, राममेश्वर उचाना खुर्द, जोरा सेढ़ा माजरा, बलबीर पालवां, कृष्ण श्योकंद, लीलू सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

वकीलों ने दिया भारत बंद को समर्थन
उचाना उपमंडल कार्यालय में वकीलों की बैठक सीनियर वकील फूल सिंह श्योकंद ने की। इसमें 25 सितंबर को भारत बंद को देखते हुए एक दिन का वर्क सस्पेंड करने का फैसला लेते हुए अपना समर्थन दिया। एडवोकेट अमित श्योकंद ने कहा कि भारत बंद के चलते उपमंडल कार्यालय में जो वकीलों के चैंबर हैं वह बंद रहेंगे। एक दिन का वर्क सस्पेंड सर्वसम्मति से फैसला लेकर किया गया है। इस मौके पर एडवोकेट मेहर सिंह श्योकंद, संदीप वकील, सन्नी चौधरी, पवन यादव मौजूद रहे।
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