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Jind News: किसानों ने पराली प्रबंधन को बनाया रोजगार का जरिया

Sat, 23 Nov 2024 01:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2024 01:33 AM IST
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Farmers made stubble management a source of employment
22जेएनडी06: पौली गांव के पास एकत्रित की गई पराली। संवाद
कर्मवीर
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जुलाना। जहां एक तरफ जागरूकता की कमी के कारण किसान पराली जलाकर प्रदूषण फैला रहे हैं, ऐसे किसानों के लिए जुलाना के किसान प्रेरणास्रोत हैं। किसान पराली जलाने की बजाय एक जगह एकत्रित कर रहे हैं और राजस्थान में भेजकर लाखों रुपये की कमाई भी कर रहे हैं। उनके इस काम से अन्य लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। पराली का प्रबंधन भी सही तरीके से हो जाता है और प्रदूषण से भी बचा जा रहा है।
पौली गांव निवासी सतपाल मलिक ने बताया कि वह पराली को जलाने की बजाय एकत्रित कर कटाई करवाकर राजस्थान में चारे और गत्ते के लिए भेज रहा है। इससे अन्य लोगों को रोजगार भी मिलता है और पराली का सही प्रबंधन होने से प्रदूषण से बचा जा सकता है। उसे इस कार्य से हर वर्ष लाखों रुपये की बचत भी हो रही है। उन्होंने बताया कि वह गांव में 1200 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से पराली खरीदता है और 2000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से ढुलाई करवाकर एक जगह पराली को एकत्रित करवा लेता है। उसके बाद 2000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से कटाई करवाता है। कटाई के बाद राजस्थान के लोग उसके खेत से ही कटी हुई पराली को 350 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदकर ले जाते हैं। उसने लगभग 500 एकड़ की पराली को एकत्रित किया हुआ है। अन्य किसानों को भी चाहिए कि वो पराली को जलाने की बजाय प्रबंधन करें ताकि प्रदूषण न फैल सके।
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बाक्स

ऐसे किसानों को सरकार करे प्रोत्साहित : नरेंद्र लाठर

किसान नेता नरेंद्र लाठर ने कहा कि जो किसान पराली को जलाने की बजाए उसका प्रबंधन करते हैं उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को भी आगे आना चाहिए। ऐसे जागरूक किसान जो अपनी आजीविका के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। पराली जलाने से जहां एक ओर प्रदूषण फैलता है तो दूसरी तरफ किसान के मित्र कीट भी मर जाते हैं। इससे भूमि की उपजाऊ क्षमता भी कम होती है।
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वर्जन

किसानों को सरकार दे रही एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि : हेमंत

सरकार पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दे रही है। किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी। रिपोर्ट के बाद किसान के खाते में एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि डाल दिए जाते हैं।

-हेमंत कुमार, एडीओ, कृषि विभाग जुलाना

22जेएनडी06: पौली गांव के पास एकत्रित की गई पराली। संवाद

22जेएनडी06: पौली गांव के पास एकत्रित की गई पराली। संवाद

22जेएनडी06: पौली गांव के पास एकत्रित की गई पराली। संवाद

22जेएनडी06: पौली गांव के पास एकत्रित की गई पराली। संवाद

22जेएनडी06: पौली गांव के पास एकत्रित की गई पराली। संवाद

22जेएनडी06: पौली गांव के पास एकत्रित की गई पराली। संवाद

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