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Jind News: वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर किसान से 1.07 लाख रुपये ठगे
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नरवाना। सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम का विज्ञापन देखकर किसान कुलदीप सिंह साइबर ठगों के झांसे में आ गए। आरोपियों ने घर बैठे पेन और पेंसिल की पैकिंग का काम दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग बहाने बनाते हुए एक लाख 7 हजार 740 रुपये ठग लिए। शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाना जींद पुलिस ने 29 जून को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव खरड़वाल निवासी कुलदीप सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करते हैं। दो मई 2026 को उन्होंने फेसबुक पर घर बैठे पेन और पेंसिल पैकिंग का काम देने का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 620 रुपये जमा करवाए गए।
इसके बाद आरोपियों ने फोन और व्हाट्सएप कॉल के जरिए बताया कि उनका सामान भेज दिया लेकिन रास्ते में आयकर विभाग ने गाड़ी पकड़ ली है। बाद में कभी जीपीएस लॉक होने, कभी पुलिस द्वारा वाहन जब्त करने, कभी कोर्ट में मामला जाने और कभी टैक्स व अन्य शुल्क जमा कराने के नाम पर उनसे लगातार रुपये मांगे।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों के झांसे में आकर उसने मई और जून के दौरान कई बार अलग-अलग यूपीआई आईडी पर फोनपे के माध्यम से रकम ट्रांसफर कर दी। आरोपियों ने हर बार कहा कि सामान जल्द पहुंच जाएगा या जमा कराई गई पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। आखिर में उन्होंने यह कहकर भी रुपये मंगवाए कि उसके पैसे वापस भेजने के लिए पहले एक और भुगतान करना होगा। इसके बाद भी न सामान मिला और न ही रुपये लौटाए गए।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव खरड़वाल निवासी कुलदीप सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करते हैं। दो मई 2026 को उन्होंने फेसबुक पर घर बैठे पेन और पेंसिल पैकिंग का काम देने का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 620 रुपये जमा करवाए गए।
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इसके बाद आरोपियों ने फोन और व्हाट्सएप कॉल के जरिए बताया कि उनका सामान भेज दिया लेकिन रास्ते में आयकर विभाग ने गाड़ी पकड़ ली है। बाद में कभी जीपीएस लॉक होने, कभी पुलिस द्वारा वाहन जब्त करने, कभी कोर्ट में मामला जाने और कभी टैक्स व अन्य शुल्क जमा कराने के नाम पर उनसे लगातार रुपये मांगे।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों के झांसे में आकर उसने मई और जून के दौरान कई बार अलग-अलग यूपीआई आईडी पर फोनपे के माध्यम से रकम ट्रांसफर कर दी। आरोपियों ने हर बार कहा कि सामान जल्द पहुंच जाएगा या जमा कराई गई पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। आखिर में उन्होंने यह कहकर भी रुपये मंगवाए कि उसके पैसे वापस भेजने के लिए पहले एक और भुगतान करना होगा। इसके बाद भी न सामान मिला और न ही रुपये लौटाए गए।