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जींद: विकलांग गोशाला की जमीन पर बढ़ रहा अतिक्रमण, गोभक्तों में रोष
Fri, 10 Feb 2023 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 10 Feb 2023 12:32 AM IST
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सफीदों। नहर पटरी स्थित श्री गणेश विकलांग गोशाला की जमीन पर बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर गोभक्तों में रोष है। गोशाला के प्रधान बिजेंद्र सैनी एवं गोसेवा दल के प्रधान नीटू धीमान ने बताया कि नगर पालिका द्वारा श्री गणेश विकलांग गोशाला को 2 एकड़ जमीन 20 अगस्त 2016 को अलॉट की गई थी।
इस गोशाला का शिलान्यास वर्ष 2017 में तत्कालीन गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला के द्वारा किया गया था। इस जमीन के साथ लगती बस्ती के लोगों ने इस जमीन पर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। कुछ लोगों ने इस जमीन पर स्थायी तौर पर कब्जा कर लिया है। जमीन कब्जा किए हुए लोगों को बिजली निगम ने मीटर भी अलॉट कर दिए। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दी गई इस दो एकड़ जमीन के एक हिस्से में गोशाला के द्वारा मृत गोवंश को दफनाने की व्यवस्था की हुई है। जब किसी मृत गोवंश को इसमें दफनाने के लिए गड्ढा खोदते हैं तो अवैध कब्जाधारी लोग गोभक्तों के साथ झगड़ा करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े छह साल में इस गोशाला में ग्रांट के नाम पर केवल तीन लाख रुपये आए हैं। जबकि 40 किलोमीटर के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की दुर्घटना में घायल गोवंश को यहां पर लाकर उसका इलाज करते हैं। गोवंश के इलाज में काफी खर्च आता है। सरकार के द्वारा दी गई तीन लाख रुपये की ग्रांट बेहद कम है। उन्होंने कहा कि वह प्रशासन व नगर पालिका से इस समस्या को लेकर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यहां से अवैध कब्जाधारियों को हटाएं तथा यहां पर गोवंश की सेवा के लिए ग्रांट उपलब्ध करवाए।
फोटो कैप्शन 09जेएनडी14: अतिक्रमण के बारे में जानकारी देते गोसेवक।
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इस गोशाला का शिलान्यास वर्ष 2017 में तत्कालीन गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला के द्वारा किया गया था। इस जमीन के साथ लगती बस्ती के लोगों ने इस जमीन पर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। कुछ लोगों ने इस जमीन पर स्थायी तौर पर कब्जा कर लिया है। जमीन कब्जा किए हुए लोगों को बिजली निगम ने मीटर भी अलॉट कर दिए। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दी गई इस दो एकड़ जमीन के एक हिस्से में गोशाला के द्वारा मृत गोवंश को दफनाने की व्यवस्था की हुई है। जब किसी मृत गोवंश को इसमें दफनाने के लिए गड्ढा खोदते हैं तो अवैध कब्जाधारी लोग गोभक्तों के साथ झगड़ा करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े छह साल में इस गोशाला में ग्रांट के नाम पर केवल तीन लाख रुपये आए हैं। जबकि 40 किलोमीटर के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की दुर्घटना में घायल गोवंश को यहां पर लाकर उसका इलाज करते हैं। गोवंश के इलाज में काफी खर्च आता है। सरकार के द्वारा दी गई तीन लाख रुपये की ग्रांट बेहद कम है। उन्होंने कहा कि वह प्रशासन व नगर पालिका से इस समस्या को लेकर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यहां से अवैध कब्जाधारियों को हटाएं तथा यहां पर गोवंश की सेवा के लिए ग्रांट उपलब्ध करवाए।
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फोटो कैप्शन 09जेएनडी14: अतिक्रमण के बारे में जानकारी देते गोसेवक।