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Jind News: फ्लैग मार्च का असर, नहीं आया पराली जलाने का कोई केस
Thu, 09 Nov 2023 11:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 09 Nov 2023 11:37 PM IST
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09जेएनडी22: किसान को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताते हुए एसडीएम गुलजार मलिक।
उचाना। बढ़ रहे प्रदूषण ने लोगों को जीना मुश्किल कर दिया है। खेतों में पराली न जले इसको लेकर दूसरे दिन भी प्रशासन ने मांडी, छातर सहित विभिन्न गांवों में फ्लैग मार्च निकाला। प्रशासन द्वारा निकाले गए फ्लैग मार्च का पूरा असर दिखाई दिया। बुधवार को उचाना ब्लॉक में कोई भी पराली जलाने का मामला नहीं आया।
एसडीएम गुलजार मलिक की अगुवाई में निकाले गए फ्लैग मार्च में तहसीलदार निखिल सिंगला, कृषि अधिकारी राजेश कुमार, सुपरवाइजर सचिन सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। गुलजार मलिक ने कहा कि निरंतर बढ़ रहे प्रदूषण से हवा जहरीली हो रही है। दमा रोगियों के लिए जो मौसम इन दिनों है वो खतरे से खाली नहीं है। सांस लेने में भी लोगों को दिक्कतें हो रही है। निरंतर बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर को हम सबको मिलकर कम करना है। खेतों में न खुद किसान पराली जलाए न ही किसी दूसरे किसान को पराली जलाने दे। इससे वातावरण को नुकसान होने के साथ-साथ भूमि का उपजाऊ पन भी खत्म होता है। 11 व 12 नवंबर को भी प्रशासन लगातार फील्ड में रहेगा। लोगों को चाहिए कि वो ऐसा कोई काम न करें जिससे प्रदूषण को बढ़ावा मिले। हर किसी के स्वास्थ्य पर असर प्रदूषण डाल रहा है। किसानों को खेतों में जाकर भी एसडीएम, तहसीलदार एवं कृषि अधिकारियों ने पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया।
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एसडीएम गुलजार मलिक की अगुवाई में निकाले गए फ्लैग मार्च में तहसीलदार निखिल सिंगला, कृषि अधिकारी राजेश कुमार, सुपरवाइजर सचिन सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। गुलजार मलिक ने कहा कि निरंतर बढ़ रहे प्रदूषण से हवा जहरीली हो रही है। दमा रोगियों के लिए जो मौसम इन दिनों है वो खतरे से खाली नहीं है। सांस लेने में भी लोगों को दिक्कतें हो रही है। निरंतर बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर को हम सबको मिलकर कम करना है। खेतों में न खुद किसान पराली जलाए न ही किसी दूसरे किसान को पराली जलाने दे। इससे वातावरण को नुकसान होने के साथ-साथ भूमि का उपजाऊ पन भी खत्म होता है। 11 व 12 नवंबर को भी प्रशासन लगातार फील्ड में रहेगा। लोगों को चाहिए कि वो ऐसा कोई काम न करें जिससे प्रदूषण को बढ़ावा मिले। हर किसी के स्वास्थ्य पर असर प्रदूषण डाल रहा है। किसानों को खेतों में जाकर भी एसडीएम, तहसीलदार एवं कृषि अधिकारियों ने पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया।
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