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डॉक्टरों ने एक परिजन के उड़ा दिए होश
ब्यूूराे/अमर उजाला/जींद
Updated Thu, 18 Sep 2014 12:27 AM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने चलते एक परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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दरअसल महिला के पेट में दर्द हुई तो परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसका खून टेस्ट कराया और बताया कि महिला को खून की कमी है उसके शरीर में मात्र 4.5 ग्राम ही खून बचा है। यह सुन परिजनों के होश उड़े गए। खून की कमी बताकर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
यहां डॉक्टरों ने फिर से उसके खून की जांच कराई तो 8.01 ग्राम खून मिला। जुलाना से रोहतक तक का सफर केवल 45 मिनट है। इसी बीच महिला में साढ़े तीन ग्राम खून बढ़ गया। इससे परिजनों को अनेक दिक्कतों से गुजरना पड़ा। जुलाना के वार्ड नंबर एक निवासी धर्मवीर ने बताया कि 15 सितंबर को उसकी पत्नी रेनू के पेट में अचानक दर्द हो गया। उसने रेनू को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया।
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स्वास्थ्य केंद्र में रेनू का खून टेस्ट किया गया। जांच में रेनू में खून की मात्रा 4.5 ग्राम पाई गई। खून कम होने के कारण डाक्टरों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। धर्मवीर ने बताया पीजीआई रोहतक में फिर से खून टेस्ट किया गया। रिपोर्ट आई तो महिला में खून की मात्रा 8.01 ग्राम पाई गई। डाक्टरों ने रेनू को छुट्टी दे दी। इसके बाद वह जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गया और इस बारे में डाक्टरों को बताया।
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डाक्टरों ने गुस्से में फिर से रेनू का खून टेस्ट करवाने की बात कही। धर्मवीर ने बताया कि वह मजदूरी कर अपना तथा अपने परिवार का पेट पालता है। उसकी आर्थिक हालत खस्ता है। जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी में 4.5 ग्राम खून है तो उसकी पैरों तले जमीन निकल गई। उस समय उसके पास रुपये भी नहीं थे। आनन-फानन में उसने ब्याज पर रुपये लिए और पीजीआई रोहतक चला गया। उससे अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब उसने उपभोक्ता फोरम में जाने का मन बना लिया है ताकि किसी और को ऐसी परिस्थितियों से गुजरना नहीं पड़े और जहां पर गलती हुई है उसे सजा मिल सके।