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Jind News: जियो फेसिंग के विरोध में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने काले बिल्ले लगाकर जताया रोष
Tue, 29 Jul 2025 02:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 29 Jul 2025 02:20 AM IST
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28जेएनडी01-जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के विरोध में काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट करते
जींद। जियो फेंसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के विरोध में सोमवार को सभी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज करते हुए काले बिल्ले लगाकर काम किया। अगर मांग को नहीं माना गया तो 4 अगस्त को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटे कार्य का बहिष्कार भी किया जाएगा।
एचसीएमएस (हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज) एसोसिएशन के प्रधान डॉ. बिजेंद्र ढांडा, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत तमाम अधिकारी और कर्मचारी पहले ही बायोमैट्रिक आधारित अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं तो जियो फेसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के तहत दर्ज कराने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने इन आदेशों को अव्यवहारिक और गैर कानूनी व भारतीय संविधान में वर्णित निजता के अधिकारों का हनन और उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन भी बताया।
डॉ. अरविंद, डॉ. रघुवीर पूनिया, डॉ. सोनल, राममेहर वर्मा, नर्सिंग ऑफिसर बाला, सरोज और सुनीता ने कहा कि लाइव लोकेशन आधारित जियो फेसिंग हाजिरी भारत के संविधान व माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और टिप्पणी की उल्लंघना और कर्मचारी की व्यक्तिगत निजता पर हमला है।
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उन्होंने कहा कि यह आदेश देकर कुछ अधिकारी की ओर से सरकार व स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच दरार पैदा करके सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। कोरोना जैसी महामारी में जब अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी घरों से बाहर निकलने से बचते थे तब भी स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सक अपनी जान पर खेल कर लोगों की जिंदगी बचाने के कार्य कर रहे थे। सरकार को जियो फेसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के आदेशों को तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए।
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एचसीएमएस (हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज) एसोसिएशन के प्रधान डॉ. बिजेंद्र ढांडा, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत तमाम अधिकारी और कर्मचारी पहले ही बायोमैट्रिक आधारित अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं तो जियो फेसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के तहत दर्ज कराने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने इन आदेशों को अव्यवहारिक और गैर कानूनी व भारतीय संविधान में वर्णित निजता के अधिकारों का हनन और उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन भी बताया।
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डॉ. अरविंद, डॉ. रघुवीर पूनिया, डॉ. सोनल, राममेहर वर्मा, नर्सिंग ऑफिसर बाला, सरोज और सुनीता ने कहा कि लाइव लोकेशन आधारित जियो फेसिंग हाजिरी भारत के संविधान व माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और टिप्पणी की उल्लंघना और कर्मचारी की व्यक्तिगत निजता पर हमला है।
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उन्होंने कहा कि यह आदेश देकर कुछ अधिकारी की ओर से सरकार व स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच दरार पैदा करके सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। कोरोना जैसी महामारी में जब अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी घरों से बाहर निकलने से बचते थे तब भी स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सक अपनी जान पर खेल कर लोगों की जिंदगी बचाने के कार्य कर रहे थे। सरकार को जियो फेसिंग लोकेशन आधारित उपस्थिति के आदेशों को तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए।