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संदिग्ध फंदे से फूली प्रशासन की सांसें, आत्महत्या या हत्या... पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगाी मौत का राज

Sun, 08 May 2016 12:08 AM IST
jind/bureau
jind/bureau Updated Sun, 08 May 2016 12:08 AM IST
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sucide or murder, highway jaamed by gamily members
sucide or murder, highway jaamed by gamily members - फोटो : sucide or murder, highway jaamed by gamily members
सफीदों थाना के बाथरूम में चोरी के आरोपी राजकुमार द्वारा फांसी लगाने के संदिग्ध मामले को लेकर परिजनों ने नागरिक अस्पताल के बाहर शव रखकर शनिवार को जमकर हंगामा किया। पुलिस हिरासत में राजकुमार की मौत की सूचना पाकर शुक्रवार देर रात ही गांव लोहचब में उनके परिजनों में रोष फैल गया। परिजनों के साथ ग्रामीण इकट्ठा होकर देर रात को जींद-पानीपत मार्ग पर आ गए और जाम लगा दिया।
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जाम की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाने के बाद परिजन अल सुबह जाम खोलने के लिए तैयार हुए। सुबह फिर परिजनों ने जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समझा बुझाकर वहां से लोगों को सफीदों नागरिक अस्पताल में भेज दिया। फिर मांगों को लेकर गांव लोहचब के सैकड़ों पुरुष व महिलाएं नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठ गए।
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परिजनों ने थाने में तैनात सभी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, मुआवजा व सरकारी नौकरी देने तथा पुलिस की जांच एसआईटी या हाईकोर्ट के देखरेख में करवाने की मांग पर पूरा दिन अस्पताल में हंगामा किया। हंगामे को देखते हुए नागरिक अस्पताल में डीएसपी हेडक्वार्टर कुलवंत बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। हंगामे के दौरान ही एक महिला ने डीएसपी पर पत्थर फेंक दिया, लेकिन इसमें वह बाल-बाल बच गए।
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पत्थर नहीं लगने के बाद महिला ने वहां पड़ी पानी की खाली बोतल उठाकर डीएसपी के ऊपर उछाल दी। पुलिस ने महिला को वहां से हटाने का प्रयास किया लेकिन दोनों ही आमने-सामने हो गए। मामला गहराता देखकर एसडीएम बलराज जाखड़, नायब तहसीलदार जयबीर रंगा मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी वह शव को नहीं उठाएंगे। शाम को प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन शव को उठाने के लिए तैयार हो गए। जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।


आरोप, थाने पहुंचे तो फंदे पर लटका था भाई, पैर जमीन पर थे
मृतक राजकुमार के भाई गांव लोहचब निवासी ओमप्रकाश व बलबीर ने एसडीजेएम विशाल के सामने दिए गए बयानों मेें कहा कि कुछ पुलिस कर्मचारी उनके घर रात में आए और राजकुमार को पकड़ने की सूचना दी। पुलिस कर्मचारियों ने उसे छुड़वाने के लिए थाने में बुलाया। जिसके बाद परिजन गांव के सरपंच हरनारायण को साथ लेकर थाने में पहुंचे। जहां उसका भाई राजकुमार थाने के बाथरूम में लगे कपड़ों के हैंगर पर फंदे से लटका हुआ था और उसके पांव धरती पर लगे हुए थे। जब इस बारे पुलिस से बातचीत की तो उन्होंने गुमराह करते हुए कहा कि उसने बाथरूम में घुसकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन उन्हें आशंका है कि उसके भाई की पुलिस कर्मचारियों ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या करके शव को बाथरूम में लटकाया है।


पुलिस से सवाल किए तो की गाली गलौज, झूठे मामले में फंसाने की धमकी
परिजनों ने बताया कि जब पुलिस के सामने इस बारे में सवाल किए तो उनके साथ गाली गलौच की गई और झूठेे मामले में फंसाने की धमकी दी। हालांकि शिकायत के दौरान परिजनों ने किसी पुलिस कर्मचारी का सीधे तौर पर नाम नहीं दिया है। पुलिस ने शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान परिजनों ने इस मामले की किसी स्पेशल टीम से जांच करवाने की बात कही।


ये है पूरा मामला
मृतक गांव लोहचब निवासी राजकुमार तथा चार अन्य के खिलाफ सफीदों थाने में सफीदों वार्ड तीन निवासी अरुण की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया गया है। अरुण ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि शुक्रवार को जींद से आने वाली ट्रेन में लगभग 11 बजे सफीदों आया था। रेलवे स्टेशन से वह अपने बच्चों समेत एक आटो में सवार हो गए। उसने बैग आटो में आगे की तरफ रख दिया।

उसी आटो में गांव लोहचब निवासी राजकुमार व चार अन्य युवक भी बैठ हुए थे। आरोप है कि रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड के रास्ते के बीच राजकुमार व अन्य युवकों ने बैग से सोने की बालियां चोरी कर ली। बस स्टैंड के आसपास ऑटो के रुकते ही युवक उतरकर भागने लगे। अरुण को शक हुआ और उसने अपने बैग की जांच की। उसमें से सोने की बालियां गायब मिली। जिसके बाद युवकों के पीछे दौड़ा तथा काफी भागदौड़ के बाद राजकुमार को पकड़ लिया।


जिसे पुलिस के हवाले कर शिकायत दे दी। पुलिस देर शाम पूछताछ कर रही थी कि राजकुमार नेे कर्मचारियों को बाथरूम जाने की बात कही। पुलिसकर्मी ने उसे बाथरूम में भेज दिया। जहां संदिग्ध परिस्थितियों में राजकुमार फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला।

थाने में तैनात पुलिस कर्मी की सफाई
थाने में तैनात पुलिसकर्मी के अनुसार चोरी के आरोपी राजकुमार ने बाथरूम में जाकर अंदर से कुंडी लगा ली। काफी देर तक भी राजकुमार बाहर नहीं आया तो पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। पुलिस का शक गहरा गया। काफी दरवाजा नहीं खोलने के बाद दरवाजे को तोड़ा गया। जहां राजकुमार फांसी के फंदे पर लटा हुआ मिला।

पुलिस और परिजनों में तनाव का माहौल
अस्पताल में धरने पर बैठी एक महिला ने उठकर सामने खड़े डीएसपी हेडक्वार्टर कुलवंत बिश्नोई को पहले तो पत्थर मारा, पत्थर नहीं लगने पर महिला ने दूसरी बार पास पड़ी एक बोतल को उस पर फेंक दिया। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और अस्पताल में तनाव का माहौल बन गया। इस दौरान परिजनों के समर्थन में पहुंचे हाईकोर्ट के वकील रजत कलसन ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया।

जज के सामने दर्ज हुए बयान, किया गया पोस्टमार्टम
पुलिस थाने में चोरी के आरोपी द्वारा फांसी लगाने के मामले को देखते हुए एसडीजेएम विशाल सामान्य अस्पताल में पहुंचे। जहां उन्होंने परिजनों से पूरे मामले पर बातचीत की और उनके सामने ही परिजनों ने बयान दर्ज किए। इस दौरान एसडीजेएम की मौजूदगी में ही शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने का फैसला लिया। जिसके बाद जींद से डा. राजेश गांधी, एसएमओ कुलदीप राणा, डा. मनोज, डा. संदीप लांबा की टीम ने गहनता से शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि फांसी लगाकर आत्महत्या की है या उसकी हत्या की गई है।

पिता हिरासत में है, बेटों को नहीं मालूम
मृतक राजकुमार के लड़के संजय व संदीप ने बताया कि उसका पिता बकरी पालने का काम करता था। शुक्रवार को सफीदों पीर पर माथा टेकने के लिए आया था। उसके पिता को पुलिस हिरासत में होने की उन्हें कोई सूचना नहीं थी। रात के करीब आठ बजे पुलिस उनके घर आई ओर उन्हें कहने लगे कि राजकुमार सफीदों थाने में है उसे छुड़ाकर ले आएं। जिसके बाद वे थाने में गए तो वह मृतक पाया गया।


एसएसपी ने मानी पुलिस की लापरवाही
एसएसपी अशोक कुमार आर्य ने कहा कि परिजनों ने जो शिकायत दी है उसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस थाने में फांसी लगाने के मामले में कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही रही है। इसकी जांच डीएसपी को सौंप दी गई है। डीएसपी की रिपोर्ट आने बाद जिन पुलिस कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
 
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