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Haryana: सात महीने बाद पुलिस के हाथ लगा मोनू मानेसर, नासिर-जुनैद हत्याकांड से जुड़ा है नाम
Tue, 12 Sep 2023 04:08 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Tue, 12 Sep 2023 04:08 PM IST
सार
16 फरवरी को भिवानी के पास एक जली बोलेरे गाड़ी में दो लोगाें के कंकाल मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कंकाल राजस्थान के भरतपुर जिले के घाटमिका गांव के जुनैद और नासिर के हैं। इस चार्जशीट में ही मोनू मानेसर का नाम आया था, तभी से पुलिस मोनू को गिरफ्तारी करने का प्रयास कर रही थी।
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मोनू मानेसर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नासिर-जुनैद हत्याकांड के सात महीने बाद गुरुग्राम की एक मार्केट से मोनू मानेसर को मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि नासिर-जुनैद हत्याकांड में पहले मोनू मानेसर का नाम नहीं थी लेकिन जब पुलिस ने चार्जशीट दायर की तो उसका नाम सामने आया। इस हत्याकांड में जींद के गोरक्षक विकास का भी नाम आया था, लेकिन अभी तक विकास की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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जींद में 15 दिन डेरा डाला
विकास पर राजस्थान पुलिस ने दस हजार रुपये का इनाम भी रखा हुआ है। नासिर और जुनैद हत्याकांड में जो स्कोर्पियाें गाड़ी प्रयोग की गई थी, वह 19 फरवरी को जींद की सोमनाथ गोशाला से राजस्थान पुलिस ने बरामद की थी। इस गाड़ी को राजबीर चला रहा था। इसके बाद से राजबीर का भी कोई सुराग नहीं है। राजस्थान पुलिस ने जींद में 15 दिन डेरा भी डाला, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
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ये था पूरा मामला
16 फरवरी को भिवानी के पास एक जली बोलेरे गाड़ी में दो लोगाें के कंकाल मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कंकाल राजस्थान के भरतपुर जिले के घाटमिका गांव के जुनैद और नासिर के हैं। दोनों के अपहरण का मामला भी राजस्थान पुलिस पहले ही दर्ज कर चुकी थी। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने इस हत्या के आरोप में आठ लोगों नूंह के अनिल, श्रीकांत, कैथल के कालू, करनाल के किशोर, भिवानी के मोनू, जींद के विकास, मुनक करनाल के शशिकांत तथा भिवानी के गोगी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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राजस्थान पुलिस जांच जींद तक पहुंची। यहां सोमनाथ गोशाला में खड़ी एक स्कोर्पियो गाड़ी को राजस्थान पुलिस ने बरामद किया। इस गाड़ी में लगे खून के धब्बों की जांच करवाई गई तो यह नासिर और जुनैद के डीएन से मैच कर गए। इससे साफ हो गया कि इस स्कोर्पियो गाड़ी में नासिर और जुनैन के साथ मारपीट की गई है या फिर इसी गाड़ी में उनकी हत्या करके दूसरी बोलेरे गाड़ी में इनको जलाया गया था। यह गाड़ी जिला परिषद सीईओ के नाम थी, जिसको राजबीर चलाता था। इस गाड़ी में हत्या के दिन जींद का विकास भी था।
राजस्थान पुलिस ने जींद में कई दिन तक डेरा डाला, लेकिन विकास और राजबीर दोनों में कोई भी पुलिस के हाथ नहीं लगा। इसके बाद राजस्थान पुलिस यहां से वापस लौट गई थी। पुलिस ने विकास के नाम पर दस हजार रुपये का इनाम भी रखा। वहीं जब राजस्थान पुलिस नासिर-जुनैद हत्याकांड की चार्जशीट पेश की तो उसमें 27 लोगों के नाम सामने आए। राजस्थान पुलिस ने इस मामले में रिंकू सैनी को पुलिस ने उसी समय गिरफ्तार कर लिया था तथा भिवानी निवासी मोनू राणा व गोगी को बाद में गिरफ्तार किया था। इन लोगों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस ने चार्जशीट तैयार की थी। इस चार्जशीट में ही मोनू मानेसर का नाम आया था, तभी से पुलिस मोनू को गिरफ्तारी करने का प्रयास कर रही थी।
परिजनों ने लगाए थे आरोप
राजस्थान पुलिस को दिए बयान में नासिर-जुनैद के परिजनों ने कहा था कि 15 फरवरी को बजरंग दल के कुछ लोग नासिर और जुनैद का अपहरण करके ले गए थे। इनमें माेनू मानेसर, रिंकू सैनी के अलावा कुछ अन्य युवक भी थे, जो अपने आपको गोरक्षक बता रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाए थे कि दोनों इन लोगों ने जिंदा जलाकर मारा था। आरोपियों ने नासिर-जुनैद पर गोकसी के आरोप लगाए थे और उनके घर से जबरदस्ती पिटाई करते हुए ले गए थे।
हरियाणा में खूब हुई थी महापंचायतें
जब नासिर-जनैद हत्याकांड में कथित गोरक्षकों के नाम सामने आए तो इसके बाद पूरे हरियाणा में महापंचायतों का दौर चला था। कैथल, जींद भिवानी, गुरुग्राम में महापंचायतें हुए और गोरक्षकों को बेकसूर बताया गया। इसमें राजस्थान पुलिस पर भी आरोप लगाए गए कि राजस्थान पुलिस जान-बूझकर हरियाणा के गोरक्षकों को इस मामले में घसीट रही है, जबकि इसमें गोरक्षकों का कोई हाथ नहीं है।
राजस्थान पुलिस ने भी लगाए थे हरियाणा पुलिस पर आरोप
नासिर-जुनैद हत्याकांड के बाद राजस्थान पुलिस ने भिवानी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, नूंह समेत हरियाणा के कई जिलों में दबिश दी थी, लेकिन एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। राजस्थान पुलिस एक महीने तक हरियाणा के शहरों तथा गांवों की खाक छानकर वापस चली गई थी। राजस्थान पुलिस हरियाणा पुलिस पर सहयोग नहीं करने के आरोप भी लगाए थे जबकि हरियाणा पुलिस ने राजस्थान पुलिस को पूरा सहयोग देने की बात कही थी।