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32 लिपिकों को दोबारा देना होगा टाइप टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Mon, 15 Aug 2016 12:14 AM IST
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तत्कालीन डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में लिपिकों के टाइप टेस्ट में कथित अनियमितताओं की जांच एडीसी आमना तस्नीम द्वारा की जा रही है। अनियमितताओं की जांच के लिए एडीसी ने डीईओ वंदना गुप्ता को 32 लिपिकों का दोबारा टाइप टेस्ट लेने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि तत्कालीन डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा रिश्वत लेने के एक मामले में निलंबित चल रहे हैं। डॉ. बीआर अंबेडकर सामाजिक विकास संस्था सफीदों के प्रधान धूप सिंह ने तत्कालीन डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा के समय हुए टाइप टेस्ट में 32 लिपिकों को गोलमोल करके पास करने का आरोप लगाया है। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने मामले की जांच एडीसी आमना तस्नीम को सौंपी गई है। शिकायत में वर्णित सभी 32 लिपिकों को 21 अगस्त को सुबह 10 बजे कैथल रोड स्थित राजकीय औद्योगिक संस्थान में कंप्यूटर पर यह टेस्ट दोबारा देना होगा।
इंक्रीमेंट का लाभ लेने के लिए होता है टाइप टेस्ट
शिक्षा विभाग के लिपिकों को इंक्रीमेंट का लाभ लेने के लिए टाइप टेस्ट देना होता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभाग के 32 लिपिक गलत तरीके से इसका लाभ ले रहे हैं।
एडीसी द्वारा 21 अगस्त को उक्त 32 लिपिकों की दोबारा परीक्षा आयोजित करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला तत्कालीन डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा के समय का मामला है, जिसकी एडीसी जांच कर रही हैं।
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वंदना गुप्ता, डीईओ
जींद।
इंक्रीमेंट का लाभ लेने के लिए होता है टाइप टेस्ट
शिक्षा विभाग के लिपिकों को इंक्रीमेंट का लाभ लेने के लिए टाइप टेस्ट देना होता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभाग के 32 लिपिक गलत तरीके से इसका लाभ ले रहे हैं।
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एडीसी द्वारा 21 अगस्त को उक्त 32 लिपिकों की दोबारा परीक्षा आयोजित करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला तत्कालीन डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा के समय का मामला है, जिसकी एडीसी जांच कर रही हैं।
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वंदना गुप्ता, डीईओ
जींद।