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Haryana: मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जींद में 9 बांग्लादेशी पकड़े, अवैध रूप से देश में घुसे थे
Wed, 10 Jan 2024 12:33 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सफीदों, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सफीदों, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 10 Jan 2024 12:33 AM IST
सार
पकड़े गए लोग अवैध रूप से देश में घुसे थे, कपड़ा ब्लीच हाउस में दिहाड़ी मजदूरी कर रहे थे। गिरफ्तार लोगों में दो महिला व एक बच्चा भी है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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पकड़े गए बांग्लादेशी लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के जींद के गांव पाजू खुर्द के एक कपड़ा ब्लीच हाउस में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जांच के दौरान दो महिला व एक बच्चे सहित 9 बांग्लादेशियों को पकड़ा है। ये सभी अवैध तरीके से देश में घुसे थे और ठेकेदार के माध्यम से दिहाड़ी-मजदूरी का काम कर रहे थे। सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ द फॉरेनर्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया है।
गणतंत्र दिवस सुरक्षा ड्यूटी के मद्देनजर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम इंस्पेक्टर राजदीप की अगुवाई में सफीदों के खानसर चौक पर मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली कि पाजू खुर्द से मुआना लिंक रोड पर संदीप निवासी पाजू खुर्द के खेत में बने ब्लीच हाउस जोकि प्रदीप निवासी बतरा काॅलोनी पानीपत द्वारा चलाया जा रहा है, उसमें बांग्लादेश के काफी लोग काम करते हैं और यहीं रहते हैं। मंगलवार को टीम ने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार रासविंद्र को साथ लेकर मौके पर रेड की।
ब्लीच हाउस का निरीक्षण करने के दौरान वहां पर तीन पुरुष, दो औरत एक छोटे बच्चे के साथ काम करते हुए पाए गए। पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वह सभी बांग्लादेश के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने नाम सोहराब (32) निवासी गांव बेलताला, उसकी पत्नी सेफाली (27), एक साल का बच्चा, मोहम्मद आलम निवासी गांव चिकन, सरमीन (25), ईशुक (36) बताए। टीम ने जब उनसे नागरिकता के दस्तावेज, पासपोर्ट या वीजा मांगा तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।
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उन्होंने बताया कि वह अवैध रूप से बिना पासपोर्ट व वीजा के भारत में आए हैं और यहां पाजू खुर्द में बने ब्लीच हाउस पर कपड़े की कतरनों को धोकर, सुखाकर व बलीच करके आगे भेजते हैं। सोहराब ने बताया कि वह बांग्लादेश से आए हुए लोगों को अपने पास बुलाकर काम दिलाता है। उसके पास बांग्लादेश से अब्दुल, अजल, दुलाल व मोहम्मद भी आए हैं और उनको सफीदों काम दिलाया हुआ है।
बांग्लादेशियों के होने की सूचना मिली थी
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी रविंद्र कुमार का कहना है कि 26 जनवरी की सुरक्षा के मद्देनजर टीम अपने कार्य पर थी। इस क्षेत्र बांग्लादेशी नागरिकों के होने की सूचना मिली थी। पाजू खुर्द के एक ब्लीच हाउस से इन लोगों को पकड़ा गया है। यह लोग कपड़े की कतरनों को ब्लीच करके पानीपत भेजने का काम करते थे। इन लोगों के पास कोई पासपोर्ट, वीजा व नागरिकता को दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए।
चलाया जाएगा सर्च अभियान
सफीदों में काम करने वाले लोगों पर विशेष नजर है। समय-समय पर सभी हैचरी संचालक से यहां काम करने वाले लोगों का डटा मांगा जाता है। इसके अलावा समय-समय पर पुलिस जाकर इन हैचरियों व अन्य छोटे-छोटे कारखानों में जांच करती है। अब इस अभियान को और तेज किया जाएगा। -सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, जींद।
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गणतंत्र दिवस सुरक्षा ड्यूटी के मद्देनजर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम इंस्पेक्टर राजदीप की अगुवाई में सफीदों के खानसर चौक पर मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली कि पाजू खुर्द से मुआना लिंक रोड पर संदीप निवासी पाजू खुर्द के खेत में बने ब्लीच हाउस जोकि प्रदीप निवासी बतरा काॅलोनी पानीपत द्वारा चलाया जा रहा है, उसमें बांग्लादेश के काफी लोग काम करते हैं और यहीं रहते हैं। मंगलवार को टीम ने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार रासविंद्र को साथ लेकर मौके पर रेड की।
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ब्लीच हाउस का निरीक्षण करने के दौरान वहां पर तीन पुरुष, दो औरत एक छोटे बच्चे के साथ काम करते हुए पाए गए। पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वह सभी बांग्लादेश के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने नाम सोहराब (32) निवासी गांव बेलताला, उसकी पत्नी सेफाली (27), एक साल का बच्चा, मोहम्मद आलम निवासी गांव चिकन, सरमीन (25), ईशुक (36) बताए। टीम ने जब उनसे नागरिकता के दस्तावेज, पासपोर्ट या वीजा मांगा तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।
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उन्होंने बताया कि वह अवैध रूप से बिना पासपोर्ट व वीजा के भारत में आए हैं और यहां पाजू खुर्द में बने ब्लीच हाउस पर कपड़े की कतरनों को धोकर, सुखाकर व बलीच करके आगे भेजते हैं। सोहराब ने बताया कि वह बांग्लादेश से आए हुए लोगों को अपने पास बुलाकर काम दिलाता है। उसके पास बांग्लादेश से अब्दुल, अजल, दुलाल व मोहम्मद भी आए हैं और उनको सफीदों काम दिलाया हुआ है।
बांग्लादेशियों के होने की सूचना मिली थी
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी रविंद्र कुमार का कहना है कि 26 जनवरी की सुरक्षा के मद्देनजर टीम अपने कार्य पर थी। इस क्षेत्र बांग्लादेशी नागरिकों के होने की सूचना मिली थी। पाजू खुर्द के एक ब्लीच हाउस से इन लोगों को पकड़ा गया है। यह लोग कपड़े की कतरनों को ब्लीच करके पानीपत भेजने का काम करते थे। इन लोगों के पास कोई पासपोर्ट, वीजा व नागरिकता को दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए।
चलाया जाएगा सर्च अभियान
सफीदों में काम करने वाले लोगों पर विशेष नजर है। समय-समय पर सभी हैचरी संचालक से यहां काम करने वाले लोगों का डटा मांगा जाता है। इसके अलावा समय-समय पर पुलिस जाकर इन हैचरियों व अन्य छोटे-छोटे कारखानों में जांच करती है। अब इस अभियान को और तेज किया जाएगा। -सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, जींद।