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एसडीओ व क्लर्क के निलंबन के बाद ब्लैकलिस्ट हुआ ठेकेदार
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:26 AM IST
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जींद।
- फोटो : jind
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जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा अलग-अलग कामों के फर्जी बिल लगाकर करीब 24 लाख रुपये का गड़बड़झाला करने के मामले में अब विभाग से बाहर के लोगों पर भी गाज गिरनी शुरू हो गई है। इस मामले में विभाग के दो क्लर्क और दो एसडीओ पहले ही निलंबित हो चुके हैं। अब विभाग ने ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग आरोपी ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर व अन्य कानूनी कार्रवाई की योजना बना रहा है।
गौरतलब है कि ठेकेदारों को करीब 25 लाख रुपये का भुगतान ऐसे कामों के लिए किया गया है, जो काम हुए ही नहीं। यह मामला करीब तीन माह पहले सामने आया था। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन ने 13 अगस्त को पत्र क्रमांक 18921 के माध्यम से एसई को मामले की सूचना दी। एसई ने 18 अगस्त को विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ को पत्र लिखकर मामले की सूचना दी। इस पर कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारी सुरेश कुमार व सुभाष चंद्र को विभाग ने निलंबित कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद ही दो एसडीओ पर भी इस मामले में गाज गिर चुकी है।
तीनों आरोपियों से रिकवरी
मामला सामने आने के बाद तीनों आरोपियों पर दबाव बना और उन्होंने जितने पैसे का आरोप लगा, उसके हिसाब से सरकारी खजाने में पैसे जमा करवा दिए थे। इसके तहत सुभाष चंद्र ने कुल 745423 रुपये, एसडीसी सुरेश कुमार ने 745423 तथा एसडीओ अमरीक सिंह ने 993899 रुपये सरकारी खजाने में जमा करवाए हैं।
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दो ठेकेदारों को हुआ भुगतान
एक्सईएन के पत्र में उन ठेकेदारों का भी जिक्र किया गया है, जिनको राशि का भुगतान हुआ है। पत्र में कहा गया है कि वाउचर नंबर 15 सफीदों तथा वाउचर नंबर 20 से 77, 9 तथा 108, 138 से 139, 157 से 169 से 172 सेजनस्वास्थ्य विभाग उप मंडल नंबर एक द्वारा भुगतान किया गया है। उप मंडल नंबर दो में वाउचर नंबर 66 से भुगतान किया गया है। पत्र में एक्सईएन ने लिखा है कि ठेकेदार अंग्रेज सिंह तथा मनजीत सिंह को 2484745 रुपये का भुगतान किया गया है। अब इस मामले में ठेकेदार मनजीत सिंह को ब्लैक लिस्ट किया गया है।
विभाग में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। इसके बाद कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई थी। अब विभाग ने ठेकेदार मनजीत सिंह को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इसके बाद विभाग तमाम कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहा है। इसमें एफआईआर व अन्य सभी पहलू शामिल हैं।
बीपी शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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गौरतलब है कि ठेकेदारों को करीब 25 लाख रुपये का भुगतान ऐसे कामों के लिए किया गया है, जो काम हुए ही नहीं। यह मामला करीब तीन माह पहले सामने आया था। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन ने 13 अगस्त को पत्र क्रमांक 18921 के माध्यम से एसई को मामले की सूचना दी। एसई ने 18 अगस्त को विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ को पत्र लिखकर मामले की सूचना दी। इस पर कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारी सुरेश कुमार व सुभाष चंद्र को विभाग ने निलंबित कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद ही दो एसडीओ पर भी इस मामले में गाज गिर चुकी है।
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तीनों आरोपियों से रिकवरी
मामला सामने आने के बाद तीनों आरोपियों पर दबाव बना और उन्होंने जितने पैसे का आरोप लगा, उसके हिसाब से सरकारी खजाने में पैसे जमा करवा दिए थे। इसके तहत सुभाष चंद्र ने कुल 745423 रुपये, एसडीसी सुरेश कुमार ने 745423 तथा एसडीओ अमरीक सिंह ने 993899 रुपये सरकारी खजाने में जमा करवाए हैं।
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दो ठेकेदारों को हुआ भुगतान
एक्सईएन के पत्र में उन ठेकेदारों का भी जिक्र किया गया है, जिनको राशि का भुगतान हुआ है। पत्र में कहा गया है कि वाउचर नंबर 15 सफीदों तथा वाउचर नंबर 20 से 77, 9 तथा 108, 138 से 139, 157 से 169 से 172 सेजनस्वास्थ्य विभाग उप मंडल नंबर एक द्वारा भुगतान किया गया है। उप मंडल नंबर दो में वाउचर नंबर 66 से भुगतान किया गया है। पत्र में एक्सईएन ने लिखा है कि ठेकेदार अंग्रेज सिंह तथा मनजीत सिंह को 2484745 रुपये का भुगतान किया गया है। अब इस मामले में ठेकेदार मनजीत सिंह को ब्लैक लिस्ट किया गया है।
विभाग में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। इसके बाद कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई थी। अब विभाग ने ठेकेदार मनजीत सिंह को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इसके बाद विभाग तमाम कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहा है। इसमें एफआईआर व अन्य सभी पहलू शामिल हैं।
बीपी शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग