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माय सिटी प्रथम पेज की दूसरी प्रस्तावित लीड
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:58 PM IST
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लेनदेन के चलते सीआई के एसपीओ की गोली मारकर हत्या
-- पुलिस की नौकरी से पहले शराब ठेकों का काम करता था जसबीर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
पुलिस की अपराध शाखा (सीआईए) में तैनात रूपगढ़ गांव निवासी स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) जसबीर की उसके गांव के ही एक व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या का आरोप एक सजायाफ्ता कैदी पर लगा है। पुलिस के अनुसार पैसे के लेनदेन के चलते जसबीर की हत्या की गई है। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीआइए वन जींद में एसपीओ के पद पर तैनात रूपगढ़ गांव निवासी जसबीर को हिसार में सजायाफ्ता कैदी उनके ही गांव के बिजेंद्र से पैसे लेने थे। इसको लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। बुधवार को जसबीर सरकारी काम से गांव में जा रहा था। जब वह गांव के निकट पहुंचा तो बिजेंद्र ने अपने पास मौजूद हथियार से उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद परिजनों ने तुरंत ही नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जसबीर अपने पीछे एक लड़का और एक लड़की छोड़ गया है।
जसबीर के चचेरे भाई वीरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि एक साल पहले जसबीर और बिजेंद्र ने छात्तर गांव में शराब ठेके लिए थे। इसमें जसबीर ने बिजेंद्र से 25-30 लाख रुपये लेने थे। इन रुपयों को मांगने के चलते बिजेंद्र ने उसके भाई जसबीर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने गांव रूपगढ़ निवासी बिजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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गांव में पसरा सन्नाटा
जसबीर की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि के चलते जसबीर परिवार के साथ-साथ आरोपी बिजेंद्र के घर पर भी चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस को आशंका है कि यह मामला गांव में रंजिश का कारण बन सकता है।
दो माह पहले हुआ चयन
जसबीर के भाई वीरेंद्र ने बताया कि करीब दो माह पहले ही जसबीर का स्पेशल पुलिस अधिकारी के तौर पर चयन हुआ था। एसपीओ के पद से चयन होने से पहले जसबीर ने वर्ष 2016 में गांव के बिजेंद्र और उसके भाई लीला के साथ मिलकर गांव छात्तर सर्कल के देशी शराब के ठेके लिए थे। बिजेंद्र को हिसार जेल से उम्रकैद की सजा होने के चलते उनके नाम पर शराब के ठेके नहीं मिल सकते थे। इसलिए शराब के ठेके जसबीर के नाम पर लिए गए और ठेके की गारंटी के तौर पर बिजेंद्र के भाई लीला की जमीन को रखा गया। जब ठेके का समय पूरा हुआ तो जसबीर ने बिजेंद्र की तरफ 25 से 30 लाख रुपये की लेनदारी हो गई। बिजेंद्र ने यह पैसे देने से मना कर दिया। आरोप है कि इसी के चलते गोली मारकर उसकी हत्या की गई है।
बॉक्स
हत्या के मामले में सजायाफ्ता है आरोपी
पुलिस के अनुसार एसपीओ जसबीर की हत्या करने के आरोपी बिजेंद्र ने कई वर्ष पहले हिसार में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। हिसार अदालत ने उसको उम्रकैद और पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। पिछले दिनों एक चौथाई सजा काटने के बाद बिजेंद्र को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। उसके बाद से बिजेंद्र दूसरे लोगों के साथ मिलकर शराब ठेके लेने लगा। अब भी बिजेंद्र की कई गांवों के शराब ठेकों में हिस्सेदारी है।
औद्योगिक सुरक्षा बल में हुआ था चयन
परिजनों के अनुसार एसपीओ जसबीर का चयन करीब 15 साल पहले हरियाणा औद्योगिक सुरक्षा बल में चयन हुआ था। बाद में भर्ती को रद्द कर दिया गया। जसबीर ने दो साल पहले हुए सरपंच का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वह हार गया था। करीब दो महीने पहले उसका चयन एसपीओ के पद पर हुआ था।
धरपकड़ के लिए टीम गठित
एसपीओ जसबीर को सरकारी कार्य के लिए गांव रूपगढ़ की तरफ भेजा था। जिस समय उसकी हत्या की गई वह ड्यूटी पर था। जहां पर गांव में शराब ठेका लिए हुए बिजेंद्र ने हत्या की है। हत्या करने के बाद फरार हुए आरोपी की तलाश की जा रही है। इसके लिए स्पेशल टीमों का गठन किया गया है।
सुरेंद्र कुमार, सीआइए प्रभारी।
फोटो नंबर
22जेएनडी26: अस्पताल में लाया गया जसबीर।
22जेएनडी28: हत्याकांड के बाद अस्पताल में पहुंची पुलिस।
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-- पुलिस की नौकरी से पहले शराब ठेकों का काम करता था जसबीर
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
पुलिस की अपराध शाखा (सीआईए) में तैनात रूपगढ़ गांव निवासी स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) जसबीर की उसके गांव के ही एक व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या का आरोप एक सजायाफ्ता कैदी पर लगा है। पुलिस के अनुसार पैसे के लेनदेन के चलते जसबीर की हत्या की गई है। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीआइए वन जींद में एसपीओ के पद पर तैनात रूपगढ़ गांव निवासी जसबीर को हिसार में सजायाफ्ता कैदी उनके ही गांव के बिजेंद्र से पैसे लेने थे। इसको लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। बुधवार को जसबीर सरकारी काम से गांव में जा रहा था। जब वह गांव के निकट पहुंचा तो बिजेंद्र ने अपने पास मौजूद हथियार से उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद परिजनों ने तुरंत ही नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जसबीर अपने पीछे एक लड़का और एक लड़की छोड़ गया है।
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जसबीर के चचेरे भाई वीरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि एक साल पहले जसबीर और बिजेंद्र ने छात्तर गांव में शराब ठेके लिए थे। इसमें जसबीर ने बिजेंद्र से 25-30 लाख रुपये लेने थे। इन रुपयों को मांगने के चलते बिजेंद्र ने उसके भाई जसबीर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने गांव रूपगढ़ निवासी बिजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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गांव में पसरा सन्नाटा
जसबीर की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि के चलते जसबीर परिवार के साथ-साथ आरोपी बिजेंद्र के घर पर भी चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस को आशंका है कि यह मामला गांव में रंजिश का कारण बन सकता है।
दो माह पहले हुआ चयन
जसबीर के भाई वीरेंद्र ने बताया कि करीब दो माह पहले ही जसबीर का स्पेशल पुलिस अधिकारी के तौर पर चयन हुआ था। एसपीओ के पद से चयन होने से पहले जसबीर ने वर्ष 2016 में गांव के बिजेंद्र और उसके भाई लीला के साथ मिलकर गांव छात्तर सर्कल के देशी शराब के ठेके लिए थे। बिजेंद्र को हिसार जेल से उम्रकैद की सजा होने के चलते उनके नाम पर शराब के ठेके नहीं मिल सकते थे। इसलिए शराब के ठेके जसबीर के नाम पर लिए गए और ठेके की गारंटी के तौर पर बिजेंद्र के भाई लीला की जमीन को रखा गया। जब ठेके का समय पूरा हुआ तो जसबीर ने बिजेंद्र की तरफ 25 से 30 लाख रुपये की लेनदारी हो गई। बिजेंद्र ने यह पैसे देने से मना कर दिया। आरोप है कि इसी के चलते गोली मारकर उसकी हत्या की गई है।
बॉक्स
हत्या के मामले में सजायाफ्ता है आरोपी
पुलिस के अनुसार एसपीओ जसबीर की हत्या करने के आरोपी बिजेंद्र ने कई वर्ष पहले हिसार में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। हिसार अदालत ने उसको उम्रकैद और पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। पिछले दिनों एक चौथाई सजा काटने के बाद बिजेंद्र को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। उसके बाद से बिजेंद्र दूसरे लोगों के साथ मिलकर शराब ठेके लेने लगा। अब भी बिजेंद्र की कई गांवों के शराब ठेकों में हिस्सेदारी है।
औद्योगिक सुरक्षा बल में हुआ था चयन
परिजनों के अनुसार एसपीओ जसबीर का चयन करीब 15 साल पहले हरियाणा औद्योगिक सुरक्षा बल में चयन हुआ था। बाद में भर्ती को रद्द कर दिया गया। जसबीर ने दो साल पहले हुए सरपंच का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वह हार गया था। करीब दो महीने पहले उसका चयन एसपीओ के पद पर हुआ था।
धरपकड़ के लिए टीम गठित
एसपीओ जसबीर को सरकारी कार्य के लिए गांव रूपगढ़ की तरफ भेजा था। जिस समय उसकी हत्या की गई वह ड्यूटी पर था। जहां पर गांव में शराब ठेका लिए हुए बिजेंद्र ने हत्या की है। हत्या करने के बाद फरार हुए आरोपी की तलाश की जा रही है। इसके लिए स्पेशल टीमों का गठन किया गया है।
सुरेंद्र कुमार, सीआइए प्रभारी।
फोटो नंबर
22जेएनडी26: अस्पताल में लाया गया जसबीर।
22जेएनडी28: हत्याकांड के बाद अस्पताल में पहुंची पुलिस।