{"_id":"604ba7ad8ebc3e59166351f9","slug":"corona-again-dies-in-corona-after-two-months-in-the-district-jind-news-rtk5996057138","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की जिले में दो महीने बाद कोरोना से फिर एक मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की जिले में दो महीने बाद कोरोना से फिर एक मौत
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में एक-दूसरे से सट कर खड़े लोग। संवाद।
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में 15 दिन से कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं, लेकिन अभी भी लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को शहर की एक कॉलोनी के रहने वाले व्यक्ति की कोरोना की वजह से मौत हो गई। जबकि सात नए संक्रमित मिले हैं।
दो महीने बाद जिले में दोबारा से कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा। शुक्रवार को 48 वर्षीय कोरोना संक्रमित की मौत हो गई। कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह लोगों की लापरवाही मानी जा रही है। बाहर निकलते समय लोग न तो मास्क लगा रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में आने वाले लोग एक-दूसरे से चिपक कर खड़े रहते हैं, जबकि अस्पताल में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। कोरोना नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है और न ही लोगों को शारीरिक दूरी के अनुसार खड़े होने के बारे में कह रहा है।
पटियाला चौक क्षेत्र निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति को बुखार होने पर आठ मार्च को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। उसे आराम नहीं हुआ तो परिजन हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। आठ मार्च को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ। इसके बाद उसकी तबीयत खराब होती चली गई। मेवा सिंह को सांस लेने में तकलीफ थी। शुक्रवार को सुबह उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा की टीम ने शव का कोरोना नियमों के अनुसार अंतिम संस्कार किया। वहीं शुक्रवार को 305 लोगों की रिपोर्ट मिली, जिनमें से सात लोगों में संक्रमित पाया गया। वहीं सात लोग ठीक हुए हैं। जिले में अब तक 5302 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके है। इनमें से 5163 लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक कोरोना की वजह से 85 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय जिले में 54 सक्रिय केस हैं। इस समय नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दो मरीज दाखिल हैं।
अस्पताल में आने वाले लोगों को मास्क लगाने तथा शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के लिए बार-बार कहा जाता है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाती है, लेकिन लोग किसी भी सूरत में मानने के लिए तैयार नहीं हैं। जब तक लोग खुद इस बात को नहीं समझेंगे, सख्ती से कुछ नहीं होता। लोगों को खुद भी समझना चाहिए कि जीवन के लिए इन नियमों का पालन जरूरी है।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
दो महीने बाद जिले में दोबारा से कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा। शुक्रवार को 48 वर्षीय कोरोना संक्रमित की मौत हो गई। कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह लोगों की लापरवाही मानी जा रही है। बाहर निकलते समय लोग न तो मास्क लगा रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में आने वाले लोग एक-दूसरे से चिपक कर खड़े रहते हैं, जबकि अस्पताल में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। कोरोना नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है और न ही लोगों को शारीरिक दूरी के अनुसार खड़े होने के बारे में कह रहा है।
विज्ञापन
पटियाला चौक क्षेत्र निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति को बुखार होने पर आठ मार्च को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। उसे आराम नहीं हुआ तो परिजन हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। आठ मार्च को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ। इसके बाद उसकी तबीयत खराब होती चली गई। मेवा सिंह को सांस लेने में तकलीफ थी। शुक्रवार को सुबह उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा की टीम ने शव का कोरोना नियमों के अनुसार अंतिम संस्कार किया। वहीं शुक्रवार को 305 लोगों की रिपोर्ट मिली, जिनमें से सात लोगों में संक्रमित पाया गया। वहीं सात लोग ठीक हुए हैं। जिले में अब तक 5302 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके है। इनमें से 5163 लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक कोरोना की वजह से 85 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय जिले में 54 सक्रिय केस हैं। इस समय नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दो मरीज दाखिल हैं।
अस्पताल में आने वाले लोगों को मास्क लगाने तथा शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के लिए बार-बार कहा जाता है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाती है, लेकिन लोग किसी भी सूरत में मानने के लिए तैयार नहीं हैं। जब तक लोग खुद इस बात को नहीं समझेंगे, सख्ती से कुछ नहीं होता। लोगों को खुद भी समझना चाहिए कि जीवन के लिए इन नियमों का पालन जरूरी है।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।

कोरोना संक्रमित की मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार करते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद।- फोटो : Jind