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31 अगस्त से शुरू होगा बेसहारा गोवंशों को पकड़ने का अभियान

Fri, 27 Aug 2021 11:56 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 11:56 PM IST
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Campaign to catch destitute cows will start from August 31
मिनी बाईपास पर सड़क पर घूम रहे बेसहारा गोवंश व निकलते वाहन। संवाद - फोटो : Jind
सड़क सुरक्षा समिति की हुई बैठक में आए एजेंडे के बाद प्रशासन ने सड़कों से लावारिस पशुओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 31 अगस्त तक प्रशासन शहर में मुनादी करवाएगा कि यदि किसी का पशु खुला घूम रहा है तो वह उसे बांध ले। ऐसा नहीं होने पर प्रशासन इनका प्रबंधन करेगा। इसके बाद यदि कोई व्यक्ति पशु को छुड़वाने के लिए आता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक हुड्डा ने गोशाला संचालकों व नगर परिषद व जुलाना नगरपालिका अधिकारियों के साथ बैठक की। गोशालाओं ने करीब 29 सौ गायों व नंदियों को लेने की स्वीकृति दी है। वहीं जींद शहर में करीब दो हजार बेसहारा पशु हैं। ऐसा होना पर शहर की सड़कें लावारिस पशुओं से मुक्त हो जाएंगी।
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गौरतलब है कि 24 अगस्त को डीसी नरेश कुमार ने खुद ही सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बेसहारा पशुओं की समस्या को उठाया था। इसके लिए जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक हुड्डा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ऐसे में शुक्रवार को जिला परिवहन अधिकारी ने इस पर व्यापक योजना तैयार की। मीटिंग में फैसला हुआ कि गोशाला संचालक क्षमता के अनुसार गायों व नंदियों को रखेंगे। इस दौरान गोशालाओं ने 1550 गायों व 1250 नंदियों को लेने की बात कही है। 31 अगस्त से नगर परिषद शहर में बेसहारा गोवंश को पकड़ने का अभियान शुरू करेगा।
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गायों का होगा पूरा रिकॉर्ड
यह व्यवस्था शुरू करने से पहले गोशालाओं में मौजूद गायों का रिकॉर्ड लिया जाएगा। इसके अलावा जिन गायों की टैगिंग नहीं हुई है, पशुपालन विभाग उनकी टैगिंग करवाए और जो गाय प्रशासन द्वारा गोशाला में भेजी जाएंगी, उनकी भी टैगिंग होगी। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि जो गाएं गोशाला में भेजी गई हैं, वे बाहर नहीं आएंगी।
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जिले में छह हजार से अधिक बेसहारा पशु, अधिकतर गोवंश
सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं का आंकड़ा एकत्रित करना बहुत मुश्किल है। फिर भी प्रशासन के अनुमान के अनुसार जिले में फिलहाल करीब छह हजार से अधिक बेसहारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। इनमें से अधिकतर गाएं और सांड़ हैं। इसके अलावा कुछ खच्चर भी सड़कों पर घूम रहे हैं।
लोगों के लिए परेशानी का सबब बने बेसहारा पशुओं के लिए योजना बनाई गई है। नगर परिषद इन पशुओं को गोशाला भेजने की व्यवस्था करेगा। 31 अगस्त से अभियान शुरू हो जाएगा। इससे पहले शहर में मुनादी भी करवाई जाएगी। -प्रतीक हुड्डा, जिला परिवहन अधिकारी, जींद।

नगर परिषद के पास नहीं व्यवस्था
हालांकि मीटिंग में इस प्रकार की योजना बनी है, लेकिन नगर परिषद के पास पशुओं को पकड़ने की व्यवस्था नहीं है। सफाई कर्मचारी पहले ही कम हैं। वाहनों को पकड़ने के लिए विशेष गाड़ी होनी चाहिए, वह नहीं है। अधिकारियों से बातचीत कर इसका टेंडर लगाया जाएगा।
मोहन भारद्वाज, सीएसआई, जींद नगर परिषद।
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