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Jind News: डीएपी वितरण में धांधली और जबरन दवा देने का लगाया आरोप

Fri, 25 Oct 2024 01:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Fri, 25 Oct 2024 01:25 AM IST
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Accused of rigging in DAP distribution and forcibly giving medicine
24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद
सफीदों। डीएपी खाद के लिए हाहाकार मचा हुआ है। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि अहोई अष्टमी का व्रत रखने वाली महिलाओं को पूजा-अर्चना छोड़कर खाद के लिए लाइन में लगना पड़ा। डीएपी खाद की किल्लत से परेशान किसानों में भारी रोष पाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उनको खाद के साथ जबरन दवा भी दी जा रही है।
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वीरवार सुबह किसानों को सूचना मिली कि पुरानी अनाज मंडी स्थित द सफीदों सहकारी विपणन प्रसाधन समिति में खाद आने वाली है। वह अल सुबह ही पुरानी अनाज मंडी में पहुंच गए। इसके बाद कैथल से दो ट्रक खाद पुरानी अनाज मंडी आई तो इतनी तादात में किसान मंडी पहुंच गए कि पुलिस को बुलाना पड़ गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और किसानों की लाइन लगवाई। इसके अलावा महिलाओं की लाइन अलग से लगवाई गई। यह व्यवस्था बनाई गई कि एक पुरुष व एक महिला को चार-चार बैग यूरिया के दिए जाएंगे। उसके बाद किसान को चार कट्टों के साथ एक नैनो डीएपी खाद की बोतल भी दी जाने लगी। उसके बाद खाद दोपहर तक खत्म गई। काफी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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किसानों का कहना था कि किसान लोगों का पेट भरता है, लेकिन आज हालात यह हैं कि उसे खाद लेने के लिए भूखे-प्यासे लाइन में लगना पड़ रहा है। किसानों का कहना था कि खाद वितरण में भारी धांधली चली हुई है। उन्हें खाद के चार कट्टों के साथ एक बोतल दवाई जबरन दी जा रही है। यह दवाई उनके किसी काम की नहीं है और वह काफी महंगी है।
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किसानों का कहना था कि एक साजिश के तहत डीएपी को सफीदों में वितरण करवाया जाता है। अगर इस खाद को गांवों में बनी सोसाइटी में भेजकर वितरकि करवाया जाए तो किसानों को मुश्किलों से दो चार नहीं होना पड़ेगा। सफीदों में हालात ये हैं कि जितने बैग खाद के आते हैं उनमें से आधे किसानों को और आधे अपने चेहते डीलरों को दे दिया जाता है। सफीदों में खाद वितरण में भारी धांधली चल रही है। इसकी जांच होनी चाहिए। वे इस मसले में कृषि अधिकारी से मिले थे लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। अभी कुछ दिन पूर्व भी मंडी में 2000 बैग डीएपी के आए थे, लेकिन उसकी भनक किसानों को नहीं लगने दी गई।
किसानों का कहना है कि उन्हें हर छह माही में खाद की समस्या से दो चार होना पड़ता है लेकिन समस्या का हल कोई नहीं करता है। समस्या को कोई हल निकलता दिखाई भी नहीं पड़ता। किसान के भाग्य में तो लाइन में ही लगना लिखा हुआ है। डीएपी खाद के बिना वे गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। उनकी बिजाई लेट होती जा रही है।

सेल्समैन कृष्ण ने बताया कि उनके पास वीरवार को 1300 बैग डीएपी आई थी। उसे प्रति किसान चार-चार बैग के हिसाब से वितरित किया गया है। सोसाइटी के पास जितनी खाद आती है उसे किसानों में वितरित कर दिया जाता है। किसानों को जो शीशी दी जा रही है वह तरल पदार्थ में नैनो डीएपी है। यह तरल पदार्थ भी शुष्क डीएपी की तरह काम करता है। विभाग को अतिरिक्त खाद की डिमांड भेजी हुई है। बहुत जल्द इफ्को कंपनी के खाद का रैक सफीदों रेलवे में आने वाला है। उसके बाद खाद की कोई दिक्कत नहीं रहेगी। इफ्को की खाद आने के बाद उसे गांवों की सोसाइटी में भी भेजा जाएगा।

24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद

24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद

24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद

24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद

24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद

24जेएनडी24: खाद के साथ दी जा रही शीशी को दिखाता हुआ एक किसान। संवाद

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