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2018 में बिजाई से वंचित रहे किसानों का मुआवजा पहुंचा जिला मुख्यालय
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2018 में बिजाई से वंचित रहे किसानों का मुआवजा पहुंचा जिला मुख्यालय : ढुल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि जुलाना क्षेत्र के जिन किसानों के खेतों में अधिक बरसात के कारण 2018 में रबी की फसलों की बिजाई नहीं हो पाई थी, अब उनके लगातार संघर्षों के चलते सरकार ने मुआवजा वितरित करने का निर्णय लिया है। इन किसानों का मुआवजा जिला प्रशासन के पास पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने जुलाना के 31 जलभराव ग्रस्त गांवों में मुआवजा वितरण के अलावा अब जल निकासी के लिए किसानों द्वारा प्रयोग में लाए गए साधनों का किराया व ईंधन का खर्च भी भुगतान के रूप में एक करोड़ 40 लाख रुपये जिला मुख्यालय में भेज दिया है। प्रशासन पहले 65 लाख रुपये की राशि किसानों में बांट चुका है।
ढुल ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र के अलावा दिसंबर 2018 के एक दिवसीय सत्र में अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने सदन में विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाये जाने के अलावा सदन में ही सरकार के विरोध में अपनी मांगों को मनवाने के लिए धरना भी दिया था। मुआवजा मंजूरी के लिए उन्होंने प्रदेश आपदा प्रबंधन व राजस्व विभाग के आला अधिकारियों से दर्जनों बार आधिकारिक मुलाकातें भी की थी। विधायक ढुल द्वारा बनाए गए दबाव के बाद विभाग ने गिरदावरी का दायरा बढ़ाते हुए 4075 एकड़ के स्थान पर 9800 एकड़ में मुआवजा वितरण करने का निर्णय भी लिया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि जुलाना क्षेत्र के जिन किसानों के खेतों में अधिक बरसात के कारण 2018 में रबी की फसलों की बिजाई नहीं हो पाई थी, अब उनके लगातार संघर्षों के चलते सरकार ने मुआवजा वितरित करने का निर्णय लिया है। इन किसानों का मुआवजा जिला प्रशासन के पास पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने जुलाना के 31 जलभराव ग्रस्त गांवों में मुआवजा वितरण के अलावा अब जल निकासी के लिए किसानों द्वारा प्रयोग में लाए गए साधनों का किराया व ईंधन का खर्च भी भुगतान के रूप में एक करोड़ 40 लाख रुपये जिला मुख्यालय में भेज दिया है। प्रशासन पहले 65 लाख रुपये की राशि किसानों में बांट चुका है।
ढुल ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र के अलावा दिसंबर 2018 के एक दिवसीय सत्र में अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने सदन में विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाये जाने के अलावा सदन में ही सरकार के विरोध में अपनी मांगों को मनवाने के लिए धरना भी दिया था। मुआवजा मंजूरी के लिए उन्होंने प्रदेश आपदा प्रबंधन व राजस्व विभाग के आला अधिकारियों से दर्जनों बार आधिकारिक मुलाकातें भी की थी। विधायक ढुल द्वारा बनाए गए दबाव के बाद विभाग ने गिरदावरी का दायरा बढ़ाते हुए 4075 एकड़ के स्थान पर 9800 एकड़ में मुआवजा वितरण करने का निर्णय भी लिया था।
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