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Jind News: हड़ताल से फिर चरमराई सफाई व्यवस्था, शहर में 80 से अधिक डंपिंग प्वाइंट पर 300 टन कूड़ा जमा, सीटू ने सरकार को घेरा
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30जेएनडी15: रानी तालाब पर ग्रामीण सफाई कर्मचारी व सीटू यूनियन धरनारत कर्मियों के समर्थन में मौज
जींद। नगरपालिका व अग्निशमन कर्मचारियों की जारी हड़ताल के कारण शहर में फिर सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। शहर में 80 से अधिक डंपिंग प्वाइंट पर 300 टन से ज्यादा कूड़ा जमा है।
प्रशासन की ओर से तीन-चार दिन कूड़े का उठान करवाए जाने से मुख्य मार्गों से कचरा साफ हो गया था लेकिन दो दिन से उठान बंद होने के कारण इन स्थानों पर दोबारा कूड़े के ढेर लगने लगे हैं।
हड़ताल के समर्थन में रविवार को सीटू जींद से संबंधित विभिन्न यूनियनों के सैंकड़ों कार्यकर्ता नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। आशा वर्कर्स, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, निर्माण मजदूर, मनरेगा मजदूर, वन विभाग मजदूर, क्रेच वर्कर्स और मिड-डे मील वर्कर्स सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया।
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सीटू की जनसभा की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष कॉमरेड कपूर सिंह ने की जबकि संचालन जिला सचिव संदीप जाजवान ने किया। विभिन्न यूनियनों के नेताओं ने कहा कि नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारियों को हड़ताल के लिए सरकार की वादाखिलाफी ने मजबूर किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 13 मई 2026 को कर्मचारियों के साथ समझौता किया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद उसे लागू नहीं किया गया।
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोहनलाल ने बताया कि समझौते में नगरपालिका, निगम और परिषदों में कार्यरत करीब 13093 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने और करीब 6800 रिक्त पदों को भरने समेत कई मांगों पर सहमति बनी थी।
ठेका व अस्थायी कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, ईएसआई और पीएफ की सुविधा तथा अग्निशमन विभाग के शहीद कर्मचारियों के परिवारों को मुआवजा और आश्रितों को नौकरी देने की मांग भी इसमें शामिल थी।
प्रदर्शन के बाद सीटू की ओर से मांगपत्र सौंपकर समझौते को तत्काल लागू करने की मांग की गई। सीटू नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक मजदूर संगठन कर्मचारियों के साथ खड़े रहेंगे।
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प्रशासन की ओर से तीन-चार दिन कूड़े का उठान करवाए जाने से मुख्य मार्गों से कचरा साफ हो गया था लेकिन दो दिन से उठान बंद होने के कारण इन स्थानों पर दोबारा कूड़े के ढेर लगने लगे हैं।
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हड़ताल के समर्थन में रविवार को सीटू जींद से संबंधित विभिन्न यूनियनों के सैंकड़ों कार्यकर्ता नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। आशा वर्कर्स, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, निर्माण मजदूर, मनरेगा मजदूर, वन विभाग मजदूर, क्रेच वर्कर्स और मिड-डे मील वर्कर्स सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया।
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सीटू की जनसभा की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष कॉमरेड कपूर सिंह ने की जबकि संचालन जिला सचिव संदीप जाजवान ने किया। विभिन्न यूनियनों के नेताओं ने कहा कि नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारियों को हड़ताल के लिए सरकार की वादाखिलाफी ने मजबूर किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 13 मई 2026 को कर्मचारियों के साथ समझौता किया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद उसे लागू नहीं किया गया।
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सोहनलाल ने बताया कि समझौते में नगरपालिका, निगम और परिषदों में कार्यरत करीब 13093 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने और करीब 6800 रिक्त पदों को भरने समेत कई मांगों पर सहमति बनी थी।
ठेका व अस्थायी कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, ईएसआई और पीएफ की सुविधा तथा अग्निशमन विभाग के शहीद कर्मचारियों के परिवारों को मुआवजा और आश्रितों को नौकरी देने की मांग भी इसमें शामिल थी।
प्रदर्शन के बाद सीटू की ओर से मांगपत्र सौंपकर समझौते को तत्काल लागू करने की मांग की गई। सीटू नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक मजदूर संगठन कर्मचारियों के साथ खड़े रहेंगे।

30जेएनडी15: रानी तालाब पर ग्रामीण सफाई कर्मचारी व सीटू यूनियन धरनारत कर्मियों के समर्थन में मौज