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इस बार बची-खुची कांग्रेस को भी करना है खत्म : मनोहर लाल

Fri, 12 Apr 2019 12:20 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2019 12:20 AM IST
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इस बार बची-खुची कांग्रेस को भी करना है खत्म : मनोहर लाल
सफीदों। स्थानीय एक पैलेस में पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भाजपा ने बची खुची कांग्रेस को खत्म करने का बीड़ा उठाया है। इस पर कार्यकर्ताओं ने उनका पूरा समर्थन किया। इस सम्मेलने में सफीदों विधानसभा के 190 बूथों के कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे।
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सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने बूथ नंबर 55 और 170 के पन्ना प्रमुख व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति पूछी तो वे कार्यक्रम से नदारद मिले। इसके बाद उन्होंने सम्मेलन में बैठे कार्यकर्ताओं से पूछा कि पन्ना प्रमुख क्या होता हैं? तो दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जानकारी न होने की बात कहकर हाथ उठाया। यह देख सीएम को मीडिया के कैमरों से भी डर लगा और कहने लगे कि मीडिया बंधु स्टेज की तरफ ही कैमरे रखेंगे तो अच्छा है। यह भाजपा परिवार की आपसी साझा बातें हैं। कार्यक्रम में सीएम पहली बार अपने अलग अंदाज में देखे गए। उनकी सिक्योरिटी में खड़े पुलिस कर्मियों को भी कार्यकर्ताओं के बीच से निकलकर एक तरफ खड़े होने का आदेेश दिया गया। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश भट्ट, सहप्रभारी विश्वास सारंग, जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा, विधायक जसबीर देसवाल, हरियाणा कर्मचारी आयोग के सदस्य विजयपाल, प्रमोद कौशिक, राजू मोर, रणबीर सिंधु, श्रवण गर्ग, पूर्व विधायक कलीराम पटवारी, जसमेर रजाना, विक्रम राणा, बलवंत पांचाल, अखिल गुप्ता, राकेश शर्मा भी मौजूद रहे।
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सीएम ने खुद बताया क्या होता है पन्ना प्रमुख
जिन कार्यकर्ताओं को पन्ना प्रमुख के बारे में जानकारी नहीं थी तो उन्हें सीएम ने उन्हें बताया कि भाजपा ने हर विधानसभा की वोटर लिस्ट के हर पन्ने की 60 वोटों पर एक पन्ना प्रमुख बनाया है। पन्ना प्रमुख 60 वोटों की निगरानी के साथ-साथ उनके घर वोट की अपील भी करेगा। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार शादी में बिना कार्ड के लोग जाना पसंद नहीं करते, उसी प्रकार मतदाता भी बिना मांगे वोट डालना सही नहीं समझता। वह भी अपना मान सम्मान बनाए रखने की आस्था रखता है। इसलिए सभी पन्ना प्रमुखों को घर-घर जाकर वोट मांगनी होगी।
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पुलिस कर्मियों ने सीएम तक नहीं पहुंचने दी एक भी शिकायत या मांग
गांव खेड़ा खेमावती में मनरेगा के तहत तालाब की खुदाई करते समय मिट्टी का तोंदा गिरने से उसके नीचे दब कर निशा की मौत हो गई थी। निशा के पति संजय कुमार को जब मुख्यमंत्री से सफीदों आने का पता चला तो वह बच्चों के साथ उनसे मिलने के लिए पहुंच गया। मुख्यमंत्री से मिलने से पहले ही पुलिस अधिकारियों ने उसकी काली कमीज पर आपत्ति जताते हुए उसके दोनों बच्चों व बुजुर्ग मां समेत सभी को सम्मेलन से बाहर निकाल दिया। इसके बाद संजय कुमार अपनी कमीज बदल कर आया, फिर भी उसे मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया गया। यहां तक कि उसकी शिकायत भी पुलिस द्वारा खुद ले ली गयी। इस दौरान मिड-डे मील वर्कर व एक 26 वर्षीय दुष्कर्म पीड़ित के परिजन भी अपनी मांगों को लेकर मिलना चाहे मगर वे मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पाए।
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